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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ICU के लिए अब नहीं करना पड़ेगा इंतजार, इंदिरा गांधी अस्पताल में बढ़ाई गई बेड की संख्या

    Updated: Mon, 06 Jan 2025 02:28 PM (IST)

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल में मरीजों के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें आईसीयू बेड के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा ...और पढ़ें

    इंदिरा गांधी अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा। फाइल फोटो- जागरण
    इंदिरा गांधी अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा। फाइल फोटो- जागरण

    HighLights

    1. आइसीयू में 24 घंटे एक सीनियर और जो जूनियर डॉक्टर भी रहेंगे जो कि मरीजों का ध्यान ख्याल
    2. 120 नर्सिंग स्टाफ की भी हुई है भर्ती, मरीजों का इलाज की संख्या में अब और होगी बढ़ोतरी

    रिषभ बाजपेयी, पश्चिमी दिल्ली। द्वारका के इंदिरा गांधी अस्पताल में आइसीयू के बेड की संख्या में बढ़ोतरी कर दी गई है। पहले अस्पताल में मरीजों के लिए आइसीयू के दो बेड ही थे जिन्हें बढ़ाकर अब पांच कर दिया गया है। नववर्ष से आइसीयू के बेड बढ़ाने का फैसला लिया गया है, ताकि मरीजों को आइसीयू के लिए घंटों इंतजार न करना पड़े।

    120 नर्सिंग स्टाफ की हुई है भर्ती

    साथ ही डॉक्टरों द्वारा मरीजों को अब रेफर करने की झंझट से भी छुटकारा मिलेगा। यही नहीं अस्पताल में 120 नर्सिंग स्टाफ की भी नववर्ष से भर्ती हुई है, इससे अस्पताल के डॉक्टरों को मरीजों का इलाज करने में काफी मदद मिलेगी। द्वारका सेक्टर-9 स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल में रोजाना 20 ओपीडी चलती हैं जिसमें करीबन तीन हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं।

    पहले मरीजों को करना पड़ता था रेफर

    वहीं आइसीयू में रोजाना पांच मरीज भर्ती के लिए आते हैं, जिसमें सांस की बीमारी, दिल की बीमारी और एक्सीडेंट सहित अन्य प्रकार के मरीज शामिल हैं।

    अस्पताल में आइसीयू के बेड की कमी होने के कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। इस कारण कई बार मजबूरी में मरीजों को अन्य अस्पतालों में भी रेफर करना पड़ जाता था, लेकिन अब इस समस्या से मरीजों के साथ डॉक्टरों को भी निजात मिल गई है।

    आइसीयू में 24 घंटे रहेंगे डॉक्टर

    वहीं एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर की एचओडी डॉ. सुरभि मोहंती ने बताया कि पहले दो आइसीयू के दो बेड चल रहे थे अब इन्हें बढ़ाकर कर पांच कर दिए गए हैं। साथ ही आइसीयू में 24 घंटे एक सीनियर और जो जूनियर डॉक्टर भी रहेंगे जो कि मरीजों का ध्यान रखेंगे।

    खबरें और भी

    इसके अलावा पोर्टेबल एक्सरे मशीन की भी मरीजों के लिए व्यवस्था की गई है, ताकि रात को एक्सीडेंट या अन्य कोई मामला आए तो उसका एक्स-रा आसानी से हो सके। इसके लिए मरीज को भटकना न पड़े। अस्पताल में 120 नर्सिंग स्टाफ की भी भर्ती नए साल से हुई है, जिसमें से आठ से दस नर्सिंग स्टाफ आइसीयू में ही रहेगा।

    रोहिणी में बनेगा आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान

    उधर, रोहिणी में केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान बनेगा। पीएम ने जापानी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में अन्य परियोजनाओं के साथ इसका शिलान्यास किया। कहा, पिछले एक दशक में आयुष प्रणाली का विस्तार 100 से अधिक देशों में हो चुका है।

    पारंपरिक चिकित्सा से संबंधित पहला विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) संस्थान भारत में स्थापित किया जा रहा है। शीघ्र दुनिया “मेक इन इंडिया” के साथ-साथ “हील इन इंडिया” को भी मंत्र के रूप में अपनाएगी। विदेशी नागरिकों विशेष आयुष वीजा सुविधा शुरू की गई है।

    उन्होंने कहा, "भारत मेट्रो नेटवर्क के मामले में विश्व का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। सरकार के इसी कार्यकाल में यह दूसरे स्थान पर आ जाएगा। दस वर्षों में बुनियादी ढांचे के लिए बजट दो लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।"