यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
NSA अजीत डोभाल की सुरक्षा में चूक का मामला, आरोपित बोला था- शरीर में लगी है चिप, मुझे कोई और कंट्रोल कर रहा
NSA Ajit Doval News केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (NSA Ajit Doval) की सुरक्षा में चूक मामले में सीआइएसएफ के तीन कमांडो को नौकरी से निकाल दिया है। CISF की जांच रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई हुई है।

नई दिल्ली [राकेश कुमार सिंह]। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (NSA Ajit Doval) की सुरक्षा में चूक मामले में सीआइएसएफ के तीन कमांडो को नौकरी से निकाल दिया है। CISF की जांच रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई हुई है।
यह था मामला
16 फरवरी को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के आवास में कार लेकर घुसने की कोशिश करने वाले शक्तिधर रेडडी के खिलाफ तुगलक रोड थाना पुलिस ने कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। करीब 15 घंटे तक स्पेशल सेल व केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कड़ी पूछताछ व हर पहलुओं पर जांच पड़ताल के बाद उसे देर रात तुगलक रोड थाना पुलिस को सौंप दिया गया था।
बीच में छोड़ी पढ़ाई
बेंगलुरू (कर्नाटक) के रहने वाले शक्तिधर ने पहले अपना नाम शांतनु रेड्डी बताया था। बाद में उसका असली नाम शक्तिधर होने की पुष्टि हुई थी। 12वीं तक पढाई करने के बाद उसने बीए में दाखिला लिया था लेकिन बीच में पढाई छोड़ दी थी। उसके बाद उसने एक डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लिया था और उसे भी छोड़ दिया था।
बाद में उसने छह माह का हार्ड वेयर-साफ्ट वेयर का कोर्स किया था लेकिन नौकरी नहीं मिलने पर बेरोजगार है। उसके पिता अधिवक्ता थे। उन्होंने प्रैक्टिस करना छोड़ दिया है। उसकी मां भी शिक्षिका थीं, अब सेवानिवृत्त हो चुकी हैं।
मानसिक बीमारी की शिकार था शख्स
पुलिस का कहना था कि कुछ समय से रेड्डी मानसिक बीमारी का शिकार था। पुलिस को दिए बयान में उसने बताया था कि 2017 से उसके शरीर में चिप लगी हुई है, जिसका रिमोट कंट्रोल किसी अन्य के पास है। उसे शक है कि चीन से कोई उसे कंट्रोल कर रहा है। उसका सर्विलांस किया जा रहा है।
उसने यह भी बताया कि चीन और यूएसए के पास बाडी व माइंड कंट्रोल टेक्नालॉजी है। जब उक्त दोनों देशों के पास वह टेक्नालॉजी है तो भारत के पास क्यों नहीं है? डोभाल को यह बात बताने के लिए ही वह 13 फरवरी को बेंगलुरू से नोएडा आया था।
नोएडा के सेक्टर 63 स्थित जिंजर होटल में वह तीन दिनों तक ठहरा था। 16 की सुबह उसने किराए पर कार उपलब्ध कराने वाली रेब कंपनी से एसयूवी ली थी और खुद कार चलाते हुए अजीत डोभाल के आवास पर पहुंच गया था।
करीब 100 पेज की जांच रिपोर्ट
अजीत डोभाल के बंगले पर हुई सुरक्षा चूक मामले में सीआइएसएफ की जांच रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट करीब 100 पेज की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सीआइएसएफ के कमांडो को उस समय यह आंकलन करना चाहिए था कि वह फिदायीन की तरह हमला था।
सीआइएसएफ के कमांडो को तभी फायर खोल देना चाहिए था पर ऐसा नहीं किया गया। इसलिए सुरक्षा में तैनात कमांडो पर कार्रवाई होनी चाहिए। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक अजीत डोभाल के बंगले पर जो गाड़ी 16 फरवरी 2022 को गेट तक पहुंच गई थी, उसमें मौजूद शख्स ने पहले रेकी भी की थी।
इसलिए करीब 7 बजकर 32 मिनट पर वह गलत साइड से गाड़ी लेकर आया था और अजीत डोभाल के बंगले के गेट पर टकर मार दी थी। उस दौरान गेट पर तीन कमांडो मौजूद थे। उन्होंने कोई समय रहते कोई कदम नहीं उठाया था।

