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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Delhi AIIMS में ऑप्टोमेट्री के छात्र दूसरे दिन भी हड़ताल पर, खुद के साथ भेदभाव होने का लगाया आरोप

    Updated: Tue, 03 Sep 2024 12:25 PM (IST)

    Delhi AIIMS में ऑप्टोमेट्री स्नातक के छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर दूसरे दिन भी हड़ताल को जारी रखा है। स्ट्राइक कर रहे छात्रों ने कहा कि ऑप्टोमेट्री ...और पढ़ें

    Delhi News: एम्स में आप्टीमेट्री के छात्रों ने दूसरे दिन भी जारी रखी है हड़ताल। फाइल फोटो
    Delhi News: एम्स में आप्टीमेट्री के छात्रों ने दूसरे दिन भी जारी रखी है हड़ताल। फाइल फोटो

    HighLights

    1. पर्याप्त एकेडमिक सहयोग नहीं मिल पाने और सुविधाओं की कमी का लगाया आरोप।
    2. ऑप्टोमेट्री का एकेडमिक कैडर बनाकर शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग।

     राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली एम्स में ऑप्टोमेट्री स्नातक के छात्रों ने सुविधाओं की कमी को लेकर दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी है। ऑप्टोमेट्री छात्र एसोसिएशन ने संस्थान में बीएससी ऑप्टोमेट्री के छात्रों के साथ भेदभाव किए जाने, पर्याप्त एकेडमिक सहयोग नहीं मिल पाने और सुविधाओं की कमी का आरोप लगा रहे हैं।

    प्रशासन ने उनकी मांगों पर नहीं दिया विशेष ध्यान-आरोप

    उनका कहना है कि वे लंबे समय से बीएसएसी ऑप्टोमेट्री का पाठ्यक्रम लागू करने और ऑप्टोमेट्री का एकेडमिक कैडर बनाकर शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग करते रहे हैं। इसके लिए कई बार एम्स प्रशासन व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखा गया लेकिन उनकी मांगों पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया।

    ऑप्टोमेट्री के छात्रों को हॉस्टल की भी नहीं मिलती सुविधा

    छात्रों का कहना है कि एम्स में कई वर्षों से ऑप्टोमेट्री का कोर्स संचालित किए जाने के बावजूद वर्ष 2018 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तैयार ऑप्टोमेट्री के पाठ्यक्रम को अब तक एम्स में लागू नहीं किया गया है। एम्स ने कोई अपना अलग पाठ्यक्रम भी तैयार नहीं किया है। इसके अलावा ऑप्टोमेट्री के छात्रों को हॉस्टल की सुविधा नहीं मिल पाती।

    छात्रों का कहना है कि एम्स में ऑप्टोमेट्री के करीब 200 छात्र हैं। जिसमें एक चौथाई छात्रों को ही हॉस्टल की सुविधा मिल पाई है। बाकी तीन चौथाई छात्रों को हास्टल की सुविधा नहीं मिल पाती है। इस वजह से उन्हें किराए पर कमरा लेकर रहना पड़ता है।

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