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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Pooja Khedkar: अदालत ने पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका को किया खारिज, धोखाधड़ी का है आरोप

Updated: Thu, 01 Aug 2024 04:44 PM (IST)

Trainee IAS Pooja Khedkar 2023 बैच की ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर पर आरोप है कि उन्होंने यूपीएससी की सीएसई परीक्षा पास करने के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव ...और पढ़ें

Pooja Khedkar : पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। फाइल फोटो
Pooja Khedkar : पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। फाइल फोटो

HighLights

  1. यूपीएससी की शिकायत में जालसाजी और धोखाधड़ी का आरोप-केडकर के वकील।
  2. खेडकर ने जानकारी नहीं छिपाई, बस अपने प्रयासों की संख्या गलत बताई-कोर्ट में वकील।

जागरण संवाददाता, न‌ई दिल्ली। पूजा खेडकर की अग्रिम जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है।पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेंद्र जांगला ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

पटियाला हाउस कोर्ट (Delhi Patiala House Court) के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेंद्र जांगला ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कल फैसला सुरक्षित रख लिया था।

पूजा (ias Pooja Khedkar) के अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दलील दी थी कि खेडकर ने जानकारी नहीं छिपाई, उसने बस अपने प्रयासों की संख्या गलत बताई। अधिवक्ता ने कहा था कि सभी मंचों के समक्ष अपना बचाव करने के लिए अग्रिम जमानत की आवश्यकता है।

पूजा खेडकर की तरफ से मांगी गई अग्रिम जमानत 

पूजा खेडकर की तरफ से अग्रिम जमानत की मांग की गई है। पूजा की ओर‌ से पेश अधिवक्ता ने कहा कि मामले में यूपीएससी की शिकायत में जालसाजी और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। वर्तमान में परिवीक्षाधीन अधिकारी नियमों के तहत खेडकर के पास कुछ अधिकार हैं।

यूपीएससी की शिकायत में झूठा दावा किया गया है कि उसने अपना नाम बदलकर अनुमेय सीमा से अधिक परीक्षा दी। उन्होंने उसके खिलाफ कई शिकायतों का दावा किया, लेकिन खेडकर ने जानकारी नहीं छिपाई, उसने बस अपने प्रयासों की संख्या गलत बताई।

18 जुलाई को कारण बताओ का मिला नोटिस-पूजा के वकील

पूजा के वकील ने कोर्ट में कहा कि उनके मुवक्किल के अभ्यावेदन की समीक्षा के बाद ही जुर्माना लगाया जा सकता है। कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन उचित प्रक्रिया का पालन करना होगा। अधिवक्ता ने कहा कि उनकी मुवक्किल को 18 जुलाई को कारण बताओ नोटिस मिला है।

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