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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Delhi News: स्वाति मालीवाल के इस कदम से जनता खुश, लेकिन BJP को नहीं आ रहा पसंद; जानें क्या है पूरा मामला

    Updated: Fri, 08 Nov 2024 09:39 PM (IST)

    Swati Maliwal News राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने एक बार फिर पश्चिमी दिल्ली के द्वारका विधानसभा क्षेत्र में पानी सफाई और जर्जर सड़कों की समस्याओं को ...और पढ़ें

    Delhi News: स्वाति मालीवाल ने फिर उठाई द्वारका की समस्याएं। फाइल फोटो
    Delhi News: स्वाति मालीवाल ने फिर उठाई द्वारका की समस्याएं। फाइल फोटो

    HighLights

    1. स्वाति मालीवाल ने एक बार फिर सागरपुर की समस्याओं को लेकर दिल्ली सरकार पर साधा निशाना।
    2. स्वाति मालीवाल के इस कदम से BJP में मची खलबली, AAP के बाद BJP को सताने लगा डर।

    गौतम कुमार मिश्रा, पश्चिमी दिल्ली। Swati Maliwal: राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल ने बृहस्पतिवार को एक बार फिर एक्स पर द्वारका विधानसभा क्षेत्र में पानी, सफाई व जर्जर सड़क की समस्या को लेकर एक पोस्ट किया। इस पोस्ट से सात दिन पूर्व भी सागरपुर में जलापूर्ति की समस्याओं को लेकर वे पोस्ट कर चुकी हैं।

    इससे पहले पंखा रोड पर कूड़े की समस्या को उन्होंने पोस्ट कर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा था। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक व दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष विनय मिश्रा से जब उनका पक्ष लेने की कोशिश की गई लेकिन खबर लिखे जाने तक उनसे पक्ष नहीं मिला।

    स्वाति मालीवाल द्वारा समस्याओं को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से सभी के समक्ष रखना न तो आम आदमी पार्टी और न ही भाजपा के नेताओं को रास आ रहा है। आप कार्यकर्ता जहां स्वाति के पोस्ट को दिल्ली सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास बताते हैं।

    वहीं भाजपा नेताओं को लग रहा है कि यदि विपक्ष की भूमिका का निर्वहन स्वाति मालीवाल ही कर लेंगी तो फिर उनके लिए क्या काम बचेगा। लेकिन क्षेत्र की जनता इस बात से खुश है कि स्वाति मालीवाल के पोस्ट का कुछ कुछ असर हो रहा है। जिन समस्याओं के समाधान में किसी की रुचि नहीं थी, उनके सुलझने के आसार तो बन ही रहे हैं।

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    पानी को लेकर जनता को जगी है उम्मीद

    सागरपुर के लोगों का कहना है कि कई इलाके जहां पिछले लंबे समय से पानी की आपूर्ति पाइपलाइन से नहीं हो रही थी, वहां पिछले तीन चार दिनों से पानी नलों में आने लगा है। हालांकि पानी की मात्रा कम है। कुछ जगहों पर नल चलाने पर कुछ समय के लिए गंदा पानी आता है, बाद में साफ आता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि नलों से पानी आना शुरू हुआ है।

    यह काफी राहत देने वाली बात है। अब उम्मीद की जा सकती है कि पानी की आपूर्ति इलाके में सुचारु रहेगी। हालांकि पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति को कुछ लोग छठ महापर्व तो कुछ लोग स्वाति मालीवाल के दौरे के असर से जोड़ रहे हैं।

    जर्जर सड़क व कूड़े की समस्या यथावत

    सागपुर के लोगों ने ने बताया कि जनवरी में यहां की गलियों में सीवर लाइन डालने का कार्य दिल्ली जल बोर्ड ने किया था। लेकिन पाइपलाइन डालने के बाद गलियों का पुनर्निर्माण नहीं किया गया। नतीजा यह है कि इलाके की अधिकांश गलियां जर्जर हैं। जर्जर गलियों की सफाई में निगम की रुचि नहीं है। जगह जगह कूड़े के ढेर खाली प्लाटों में लगे हैं। गंदगी के कारण इलाके की छवि खराब हाे रही है।

    क्षेत्र की समस्याओं को लेकर भाजपा लंबे समय से संघर्षरत है। जनता के सुखदुख में हमलोग हमेशा साथ रहे हैं। जब मैं विधायक था, जब इलाके में सीवर लाइन बिछाने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए बजट भी उपलब्ध कराया गया। लेकिन लापरवाही के कारण एक दशक बाद भी सीवर लाइन बिछाने का कार्य अधूरा है। स्वाति मालीवाल को अब चुनाव के समय सागरपुर की समस्याओं की जानकारी हो रही है। जब तक आम आदमी पार्टी में उनकी पूछ थी, तब सागरपुर का नाम भी उन्हें शायद पता नहीं था।

    प्रद्युम्न राजपूत, पूर्व विधायक, द्वारका

    समस्याओं का समाधान कौन कर रहा है, कैसे हो रहा है, इसमें हमारी दिलचस्पी नहीं है। जनता बस समस्याओं का समाधान चाहती है। यह सही है कि इलाके में समस्याओं की कमी नहीं है। आप सागरपुर में कमोबेश जहां जाएंगे गंदगी, जर्जर सड़क की समस्या आपको दिख जाएगी।

    वीर सिंह

    पानी की आपूर्ति लंबे समय से नहीं हो रही थी। लेकिन पिछले तीन चार दिनों से पानी नलों में आने लगा है। यह काफी राहत देने वाली बात है। गर्मियों में हमलोग पूरी तरह टैंकर पर आश्रित रहे। टैंकर से पानी भरना एक दुरुह कार्य था।

    सुमन

    सीवर लाइन डाले कई महीने बीत चुके हैं। सीवर लाइन डाले जाने के बाद गलियों का निर्माण कुछ समय बाद हो जाना चाहिए था। लेकिन गलियों को उसके हाल पर छोड़ दिया गया। इन गलियों में चलना काफी कठिन कार्य है।

    शायरा

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