यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लड़कियों को यूपी-बिहार ले जाकर कराता था देह व्यापार, तस्कर को पकड़ने के लिए पुलिस ने अपनाया अनूठा तरीका
बाहरी दिल्ली से एक किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने और फिर उसे वेश्यावृत्ति के लिए बिहार में बेचने के मामले में क्राइम ब्रांच ने आरोपी अनिल क ...और पढ़ें

HighLights
- 2020 में जमानत पर बाहर आने के बाद से आरोपी फरार था।
- झांसी में संपत्ति बेची, सभी दस्तावेज और मोबाइल नंबर भी बदले
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। बाहरी दिल्ली से किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने और फिर उसे वेश्यावृत्ति के लिए बिहार में एक व्यक्ति को बेचने के मामले में क्राइम ब्रांच ने आरोपी अनिल को गिरफ्तार किया है।
आरोपी सालों से रहा फरार
अपहरण, दुष्कर्म, पॉक्सो और अनैतिक तस्करी के मामले में वांछित आरोपी को कोर्ट ने भगोड़ा अपराधी घोषित किया था। 2019 में वारदात के बाद पुलिस ने अनिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 2020 में जमानत पर बाहर आने के बाद उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए निहाल विहार और झांसी में अपनी संपत्तियां बेच दीं और सभी दस्तावेज और मोबाइल नंबर भी बदल दिए।
आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस को बेचना पड़ा नमकीन
वह करीब चार साल तक पुलिस को बेवकूफ बनाता रहा। आखिरकार पुलिस ने उसे यूपी के जालौन से पकड़ लिया। उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीम को शराब की दुकान के पास खाने का ठेला लगाना पड़ा और नमकीन बेचने का काम करना पड़ा।
डीसीपी आदित्य गौतम के मुताबिक अनिल यूपी के झांसी का रहने वाला है। 2019 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बाहरी दिल्ली इलाके की एक किशोरी को बिहार में देह व्यापार के लिए बेच दिया था। इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट रोहिणी ने उसे भगोड़ा अपराधी घोषित किया था।
काफी समय तक जब स्थानीय थाना पुलिस अनिल को गिरफ्तार नहीं कर सकी तो क्राइम ब्रांच को अनिल का पता लगाकर उसे पकड़ने की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद एसीपी नरेश सोलंकी और इंस्पेक्टर सतीश मलिक के नेतृत्व में पुलिस टीम को जांच से पता चला कि अनिल के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी है।
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गहन जांच में पता चला कि जमानत मिलने के बाद उसने निहाल विहार और झांसी में अपनी संपत्तियां बेच दीं, सभी दस्तावेज और मोबाइल नंबर बदल दिए और गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने परिवार को पूर्वी यूपी में शिफ्ट कर दिया।
पुलिस ने चला ये चाल
तकनीकी और फील्ड सर्विलांस के बाद पुलिस टीम को उसके जालौन के कुछ संदिग्ध नंबरों के बारे में पता चला। जिसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने जालौन के उरई इलाके से अनिल की पहचान की और उसे धर दबोचा।
पूछताछ में अनिल ने बताया कि वह किशोरी को पैसे और ऐशो-आराम का झांसा देकर घर से भगा लाया था। फिर उसे वेश्यावृत्ति में धकेल दिया गया। बाद में पीड़िता को बिहार ले जाया गया, जहां उसे छपरा में एक व्यक्ति को बेच दिया गया।