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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 01, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    वाहन चालक ध्यान दें, 25 अक्टूबर से दिल्ली में पेट्रोल-डीजल लेने के लिए जरूरी होगा PUC Certificate

    By V K ShuklaEdited By: JP Yadav
    Updated: Sat, 01 Oct 2022 02:22 PM (IST)

    PUC certificate News Update देश की राजधानी दिल्ली में वाहन चालकों के पास अगर वैध पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC Certificate) नहीं होने की स्थिति में पेट्रो ...और पढ़ें

    वैध पॉल्यूशन सर्टिफिकेट सर्टिफिकेट रखना जरूरी होगा। फाइल फोटो
    वैध पॉल्यूशन सर्टिफिकेट सर्टिफिकेट रखना जरूरी होगा। फाइल फोटो

    नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। पेट्रोल और डीजल से वाहन चलाते हैं तो यह खबर पढ़ना आपके लिए बेहद जरूरी है, वरना आपकी मुसीबत बढ़ सकती है। दिल्ली में आगामी 25 अक्टूबर से पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाने के लिए वैध पीयूसी प्रमाणपत्र दिखाना अनिवार्य होगा। अगर पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं होगा तो आपको पेट्रोल पंप वाले ईंधन देने से मना कर सकते हैं। 

    जल्द आदेश होगा जारी

    दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार जल्द ही इस बाबत आदेश भी जारी करने वाली है, जिसमें 25 अक्टूबर से पेट्रोल-डीजल सिर्फ उन्हीं वाहन चालकों को मिलेगा, जिसके पास वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र होगा। इसके लिए दिल्ली सरकार पूरी तैयारी कर चुकी है। 

    वायु प्रदूषण के मद्देनजर लिया फैसला

    दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय इससे पहले भी पॉल्यूशन सर्टिफिकेट अनिवार्य किए जाने के बाबत बयान जारी कर चुके हैं। इस दिशा में अब दिल्ली सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। आदेश के तहत अब पेट्रोल पंपों पर डीजल अथवा पेट्रोल डलवाने के लिए वाहन चालकों को अब पीयूसी सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य किया जाएगा। 

    10 हजार का चालान भी होगा

    न्यू मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के मुताबिक, अगर बिना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC Certificate) के सड़कों पर वाहन दौड़ा रहे हैं तो पकड़े जाने पर 10,000 रुपये का चालान किया जाता है। इस नियम पर अब दिल्ली सरकार भी सख्त होने जा रही है।

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    सख्ती का दिखेगा असर, लोग बनवाएं पीयूसी

    दरअसल, दिल्ली में एक अक्टूबर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान लागू हो गया है। ऐसे में सख्ती के मद्देनजर आम आदमी पार्टी सरकार ऐसे वाहन चालकों पर सख्ती बरतने जा रही है, जो बिना पीयूसी सर्टिफिकेट के सड़कों पर वाहन दौड़ाते हैं। 

    लाखों वाहन चालकों ने नहीं बनवाए हैं पीयूसी सर्टिफिकेट

    दिल्ली सरकार के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में 10 लाख के करीब वाहन ऐसे हैं, जिनके पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं बने हैं। इसको लेकर दिल्ली परिवहन विभाग की ओर से नोटिस भी भेजा गया था। इसके बाद एसएमएस के जरिये नोटिस भेजा गया है कि अपने वाहनों के पीयूसी सर्टिफिकेट बनवा लें। बावजूद इसके इस दिशा में लोगों का कुछ सकारात्मक रुख नहीं देखा जा रहा है।

    10 हजार रुपये के चालान का भी नहीं डर

    गौरतलब है कि केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के अनुसार, प्रत्येक मोटर वाहन (बीएस-I/बीएस-II/बीएस-III/बीएस-IV के साथ-साथ सीएनजी/एलपीजी पर चलने वाले वाहनों सहित) के लिए एक वैध पीयूसी प्रमाणपत्र होना आवश्यक है। इसके अभाव में 10,000 रुपये चालान का प्रविधान है।

    यहां पर बता दें कि पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाले दोपहिया और तिपहिया वाहनों के मामले में प्रदूषण प्रमाण पत्र का शुल्क सिर्फ 60 रुपये है। इसके अलावा, चार पहिया वाहनों के लिए यह 80 रुपये और डीजल वाहनों के लिए 100 रुपये है।

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