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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Cyber Crime: बिना ओटीपी या लिंक भेजे खाते से 50 लाख रुपये उड़ाए, दिल्ली में पहला मामला

    By Jagran NewsEdited By: Abhishek Tiwari
    Updated: Tue, 13 Dec 2022 08:30 AM (GMT+05:30)

    पुलिस ने मामले में झारखंड के जामताड़ा का कनेक्शन की आशंका जताई है। लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी है। राजधानी दिल्ली में साइबर ठगी का यह ऐसा ...और पढ़ें

    Cyber Crime: बिना ओटीपी या लिंक भेजे खाते से 50 लाख रुपये उड़ाए, दिल्ली में पहला मामला
    Cyber Crime: बिना ओटीपी या लिंक भेजे खाते से 50 लाख रुपये उड़ाए, दिल्ली में पहला मामला

    नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। साइबर ठगी का हैरान कर देने वाला एक मामला दिल्ली में सामने आया हैं। ठगों ने बिना ओटीपी पूछे या कोई लिंक भेजे एक कंपनी के बैंक खाते से 50 लाख रुपये निकाल लिए। कंपनी की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल जांच कर रही है।

    पहले कुछ ब्लैंक मैसेज आए

    बताया जा रहा है कि बिना ओटीपी और लिंक के जरिये बैंक खाते से रकम निकालने का दिल्ली में ये पहला मामला है। पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित ने बताया कि ठगों ने न तो किसी भी प्रकार की लिंक भेजी और न ही वन टाइम पासवर्ड मांगा। शिकायतकर्ता के पास पहले कुछ ब्लैंक मैसेज आए। कुछ देर बाद ठगों ने फोन काल करनी शुरू कर दी। कई बार फोन काल कर ठग उसका ध्यान भटकाते रहे।

    फोन कटने के थोड़ी देर बाद शिकायतकर्ता के फोन पर 50 लाख रुपये का आरटीजीएस होने का मैसेज आया तो वह चौंक गए। शुरुआती जांच में पुलिस ने बताया कि आरटीजीएस के जरिये अलग-अलग खातों में पैसे भेजे गए हैं। 12 लाख रुपये भास्कर मंडल नामक व्यक्ति के खाते में, पांख लाख रुपये अविजित गिरी और 10-10 लाख रुपये कई अन्य खातों में भेजे गए हैं। पुलिस सभी खातों की जांच कर रही है।

    जामताड़ा का कनेक्शन होने की आशंका

    पुलिस ने मामले में झारखंड के जामताड़ा का कनेक्शन की आशंका जताई है। हालांकि अब तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने बताया कि गिरोह का सरगना जामताड़ा का हो सकता है और जिन खातों में पैसे भेजे गए हैं वो कमीशन के लिए लोगों ने दिए होंगे। अब साइबर ठग नए तरीकों से लोगों को चुना लगा रहे हैं।

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    सिम एक्टिवेट करने के नाम पर फोन करके ऐसा कंट्रोल एक्टिवेट कर देते हैं जिससे फोन का सारा नियंत्रण उनके पास चला जाता है और फिर काल डाइवर्ट करके खाते से पैसे निकाल लेते हैं और इसकी जानकारी भी फोन कटने के बाद ही चल पाती है।