यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसा: LG सक्सेना की पोस्ट पर मचा बवाल, विपक्षी दलों ने उठाए सवाल
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात हुई भगदड़ पर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के ट्विटर पोस्ट पर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। दरअसल उन्होंने पहले ...और पढ़ें

HighLights
- एलजी सक्सेना के पहले पोस्ट में लोगों के मारे जाने की बात कही गई
- बाद में एलजी ने पोस्ट को एडिट कर इस जानकारी को हटा दिया था
- विपक्षी दलों ने इसी बात को लेकर सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात हुई भगदड़ पर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के ट्विटर पोस्ट पर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। इस घटना में पांच बच्चों सहित 18 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सक्सेना ने स्टेशन पर अव्यवस्था और भगदड़ के कारण लोगों के मौत की बात को स्वीकार किया गया था और पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की थी।
हालांकि इसके कुछ ही मिनट बाद उन्होंने अपना पोस्ट एडिट किया और मौत होने की बात को डिलीट कर दिया था। इसके बाद उन्होंने घटना को केवल दुर्भाग्यपूर्ण बता दिया।
ये केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त दिल्ली के LG वीके सक्सेना हैं। BJP की केंद्र सरकार और इनके ऊपर दिल्ली के करोड़ों लोगों के सुरक्षा आदि की जिम्मेदारी है। अपनी जिम्मेदारी से भागने में ये कितने माहिर हैं, इसका सबूत इनका यह ट्वीट है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई दुखद घटना के बाद… pic.twitter.com/D3RjKjj8yL
— AAP (@AamAadmiParty) February 16, 2025
आम आदमी पार्टी ने लगाए आरोप
इसके बाद विपक्षी दलों ने इसकी आलोचना की। उन्होंने वीके सक्सेना और केंद्र पर हादसे को कमतर आंकने की कोशिश करने का आरोप लगाया। आम आदमी पार्टी (आप) ने इसे जिम्मेदारी से बचने की कोशिश बताया है।
जिम्मेदारी से भागने में माहिर: AAP
आम आदमी पार्टी ने एक बयान में कहा, "ये केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त दिल्ली के LG वीके सक्सेना हैं। BJP की केंद्र सरकार और इनके ऊपर दिल्ली के करोड़ों लोगों के सुरक्षा आदि की जिम्मेदारी है। अपनी जिम्मेदारी से भागने में ये कितने माहिर हैं, इसका सबूत इनका यह ट्वीट है।"
यात्रियों की मौत की बात हटा दी: AAP
इसमें आगे कहा गया, "नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई दुखद घटना के बाद इन्होंने पहले अपने ट्वीट में भगदड़ और यात्रियों के मौत होने की बात स्वीकारी की। इसके बाद अपने आकाओं को बचाने के लिए इन्होंने अपना ट्वीट ही एडिट कर दिया और इसमें यात्रियों के मौत होने की बात ही हटा दी। 15 से ज्यादा लोगों की जान चली गई और केंद्र सरकार-LG दुख जताना तो दूर, इसे स्वीकार तक नहीं कर रहे हैं। इनकी नाकामी का इससे शर्मनाक नमूना और कुछ नहीं हो सकता है।
शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी उठाए सवाल
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी रेलवे अधिकारियों के पोस्ट के साथ वीके सक्सेना के ऑरिजिनल और एडिट ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी पर सवाल उठाया। भगदड़ शनिवार रात करीब 9:55 बजे उस समय मची जब हजारों यात्री प्लेटफार्म 12, 13 और 14 पर भीड़ जमा हो गए थे, जिनमें से कई लोग महाकुंभ के लिए प्रयागराज जाने के लिए ट्रेनों में चढ़ने का प्रयास कर रहे थे।