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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    नमो भारत से मेट्रो स्टेशन जाने पर दोबारा चेकिंग से मिलेगी मुक्ति, NCRTC और DMRC के अधिकारी कर रहे मंथन

    Updated: Thu, 27 Mar 2025 09:36 PM (IST)

    अब नमो भारत से मेट्रो स्टेशन और मेट्रो स्टेशन से नमो भारत स्टेशन जाने पर दोबारा चेकिंग की झंझट से मुक्ति मिलने वाली है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिव ...और पढ़ें

    नमो भारत से उतरे यात्री को मेट्रो स्टेशन जाने पर दोबारा चेकिंग न करानी पड़े, इस पर हो रही मंथन।
    नमो भारत से उतरे यात्री को मेट्रो स्टेशन जाने पर दोबारा चेकिंग न करानी पड़े, इस पर हो रही मंथन।

    HighLights

    1. एनसीआरटीसी और डीएमआरसी के अधिकारी मिलकर रास्ता तलाशने में जुटे
    2. आनंद विहार स्टेशन पायलट प्रोजक्ट के तहत लेने पर विचार

    आशीष गुप्ता, पूर्वी दिल्ली। नमो भारत ट्रेन से उतरे यात्री को मेट्रो स्टेशन जाने पर दोबारा चेकिंग न करानी पड़े और इसी तरह मेट्रो ट्रेन के यात्री नमो भारत स्टेशन जा सकें, ऐसी व्यवस्था बनाने की तैयारी चल रही है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) और दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) के अधिकारी मिलकर इस दिशा में मंथन कर रहे हैं।

    पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आनंद विहार में ऐसी व्यवस्था करने पर विचार किया जा रहा है। अंदर ही अंदर नमो भारत स्टेशन से मेट्रो स्टेशन के बीच चेकिंग प्वाइंट के पार सीधे आटोमैटिक फेयर कलेक्शन (एएफसी) गेट तक आवागमन के लिए रास्ता बनाने की संभावना तलाशी जा रही है। इसमें सफलता मिली तो यात्रियों एक से दूसरे स्टेशन जाने पर दोबारा चेकिंग नहीं करानी होगी, उनका समय बचेगा।

    नमो भारत स्टेशन पर दोबारा जांच करानी पड़ती है

    अभी यात्री चेकिंग के बाद नमो भारत ट्रेन में सवार होते हैं, लेकिन जब यात्री उतर कर दूसरी जगह जाने को मेट्रो स्टेशन पर जाते हैं तो उन्हें वहां पर दोबारा अपनी और सामान की जांच करानी पड़ती है। फिर वह मेट्रो स्टेशन के एएफसी गेट तक पहुंचते हैं। ऐसा ही मेट्रो ट्रेन के यात्रियों को नमो भारत स्टेशन पर दोबारा जांच करानी पड़ती है। क्योंकि यात्री एक स्टेशन से बाहर निकलने के बाद दूसरे पर जाते हैं।

    चेकिंग के लिए लगनी पड़ती है लंबी लाइन

    दोनों स्टेशनों के बीच ऐसा कोई रास्ता नहीं बना, जिससे अंदर ही अंदर आवागमन संभव कर सकें। आनंद विहार जैसे बड़े मेट्रो स्टेशन पर चेकिंग की लंबी लाइन लगती है। सुबह और शाम को भीड़ इतनी अधिक होती है कि यात्री को चेकिंग के लिए लाइन में पांच से दस मिनट तक का इंतजार करना पड़ता है। मल्टी मॉडल अवधारणा में इसे अवरोध की तरह देखा जा रहा है।

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    सीधे एएफसी गेट तक एंट्री देने की कवायद

    इस कारण अब विचार किया जा रहा है कि एक से दूसरे ट्रेन माध्यम में सफर करने वाले यात्रियों को ऐसा रास्ता प्रदान किया जाए कि स्टेशनों के बीच आवागमन के लिए उन्हें चेकिंग की प्रक्रिया से न गुजरना पड़े और उन्हें सीधे एएफसी गेट तक एंट्री मिल जाए। फिर एएफसी गेट से नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड या टिकट क्यू आर कोड टैप कर वह प्लेटफार्म जा सकें।

    आनंद विहार पर दोनों स्टेशनों का कॉनकोर्स लेवल आपस में जुड़ा

    इसके लिए एक साथ दोनों ट्रेन माध्यमों का टिकट जारी करने के प्रावधान को भी लागू किया जा सकता है। एनसीआरटीसी के एक अधिकारी ने बताया कि आनंद विहार पर दोनाें स्टेशनों का कॉनकोर्स लेवल आपस में जुड़ा है, इसलिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस पर प्रयोग करने पर विचार किया जा रहा। सफलता मिलने पर बाकी न्यू अशोक नगर और गाजियाबाद में भी ऐसा किया जा सकता है।

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