यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi Metro को नुकसान पहुंचाने वाला 'स्पाइडरमैन' गिरफ्तार, पूछताछ में उगले बड़े राज
दिल्ली मेट्रो में केबल चोरी की घटना को लेकर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। DMRC द्वारा हाल ही में की गई 4 शिकायतों पर काम किया गया है। एक स्पाइडरमैन को ...और पढ़ें

एएनआई, नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो में केबल चोरी की घटनाएं बीते दिनों काफी बढ़ गई थी। पुलिस ने इन चोरों को पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चोरी मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और तीन आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में स्पाइडरमैन नामक शख्स को भी गिरफ्तार किया है।
संयुक्त सीपी ट्रांसपोर्ट रेंज विजय सिंह ने बताया, "हमने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य 3 की तलाश जारी है। DMRC द्वारा हाल ही में की गई 4 शिकायतों पर काम किया गया है। एक 'स्पाइडरमैन' को भी गिरफ्तार किया गया है। 'स्पाइडरमैन' नामक विशेष शख्स ऊपर चढ़ता था और गिरोह के बाकी सदस्यों की मदद करता था। फिर वे केबल काटते थे और अपने वाहनों में लोड करते थे।"
#WATCH दिल्ली: मेट्रो केबल चोरी मामले में गिरफ्तारियों पर संयुक्त सीपी ट्रांसपोर्ट रेंज विजय सिंह ने कहा, "हमने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य 3 की तलाश जारी है। DMRC द्वारा हाल ही में की गई 4 शिकायतों पर काम किया गया है। एक 'स्पाइडरमैन' को भी गिरफ्तार किया गया है...… pic.twitter.com/6GAldId0el
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 14, 2025
घटनाओं को अंजाम देने से पहले करते थे रेकी: पुलिस
उन्होंने बताया कि चार मामलों में दो जनकपुरी और दो आजादपुर मेट्रो पुलिस स्टेशन के हैं। ये चोर पहले ट्रैक की रेकी करते थे। इन्हें जिन इलाके में लगता था कि ये चढ़ सकते हैं, उन्हें पहचानते थे और कई लोगों की मदद से वहां जाकर तार की कटिंग करते थे। महिंद्रा बोलेरो का इस्तेमाल इसमें होता था। इसे भी बरामद किया गया है। केबल की चोरी करना मुश्किल होता है। इससे ट्रेन सेवाएं भी बाधित होती है। कई बार चोरी के बाद ट्रेन सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
मोती नगर मेट्रो स्टेशन पर ट्रेन सेवाएं हुईं थी बाधित
उन्होंने कहा कि हाल ही में आजादपुर मेट्रो स्टेशन पर केबल चोरी के बाद मेट्रो सेवाएं बाधित नहीं हुई थी। वहीं मोती नगर से केबल चोरी हुई थी, तब मेट्रो सेवाएं छह-सात घंटे की सेवाएं बाधित हुई थी। हमने पिछले केस में जिसे केबल बेचे गए थे, उसके डीलर को पकड़ा गया था। उन्हें पता था कि केबल में कॉपर होता है और इसे निकालकर और पिघलाकर कई सामान बनाए जा सकते हैं और इसे बेचा जा सकता है। उनसे पूछताछ की गई थी और इससे कई जानकारी सामने आई थई।