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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाक एंबेसी में लड़कियों की सप्लाई भी करते थे ये जासूस, पाकिस्तान गया था शोएब

By Amit MishraEdited By:
Updated: Sun, 30 Oct 2016 10:14 AM (IST)

क्राइम ब्रांच के सूत्रों का कहना है कि राजस्थान में पकड़े गए आइएसआइ मॉडयूल के केंद्र शोएब और मौलाना रमजान खान हैं।

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नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। वीजा एजेंट शोएब देश के खिलाफ साजिश रच रहा था। रुपयों के लालच में वह दुश्मनों से मिल गया था और लगातार उनके संपर्क में था। शोएब के संपर्क सिर्फ पाक उच्चायोग के वीजा अफसर से ही नहीं पाक खुफिया एजेंसी आइएसआइ के अधिकारियों से भी थे। पाकिस्तान जाने के दौरान उसकी मुलाकात आइएसआइ के अधिकारियों से हुई थी, जिन्होंने उससे गुजरात एवं राजस्थान सीमा से सटे इलाकों की जानकारी देने को कहा था।

क्राइम ब्रांच के सूत्रों का कहना है कि राजस्थान में पकड़े गए आइएसआइ मॉडयूल के केंद्र शोएब और मौलाना रमजान खान हैं। वीजा एजेंट के तौर पर काम करने के दौरान शोएब की मुलाकात पाक उच्चायोग में तैनात वीजा अफसर महमूद अख्तर के जरिये कई अधिकारियों से हुई।

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पाकिस्तान वीजा के लिए शोएब के पास आने वाली महिलाओं को वह महमूद अख्तर से यह कहकर मिलवाता था कि उनका काम आसानी से हो जाएगा और इसी के बहाने उनका शारीरिक शोषण भी किया जाता था। शोएब और महमूद के बीच दोस्ती बढ़ी तो महमूद ने शोएब से कहा कि वह गुजरात एवं राजस्थान क्षेत्र में ऐसे लोगों का नेटवर्क तैयार करे जो सेना, बीएसएफ एवं पैरामिलिट्री से जुड़ी जानकारी उन्हे दें। शोएब को प्रभाव में लेने के लिए महमूद अख्तर से उसकी मुलाकात पाक उच्चायोग के कई अफसरों से कराई, जो भारत के अंदर जासूसों का नेटवर्क तैयार करने का भी काम करते हैं।

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बीते कुछ वर्षों में शोएब छह बार पाकिस्तान भी गया। वहां उसके परिजनों के रिश्तेदार रहते है, लेकिन वहां जाने के पीछे भी शोएब का मकसद कुछ और ही था। जांच अधिकारियों की मानें तो महमूद अख्तर ने शोएब की पाकिस्तान में कुछ आइएसआइ अधिकारियों से मुलाकात कराई, जहां उसे विशेष तौर पर यह बताया गया कि आइएसआइ को किस तरह की सूचना चाहिए और उसे किस तरह से काम करना है। भारत आने के बाद भी फर्जी फेसबुक आइडी के जरिए शोएब आइएसआइ के कुछ लोगों के संपर्क में था और लगातार उन्हें जानकारी उपलब्ध कराता था।