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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Inspiring Story: घर में सिलाई से सफर शुरू कर तलत ने बसा दिया अलग जहां

    By JagranEdited By: Prateek Kumar
    Updated: Mon, 26 Sep 2022 10:51 PM (IST)

    तलत जहां अपने पति नासिर व पांच बच्चों के साथ खिचड़ीपुर के दस ब्लाक में रहती हैं। वह टीजे (तलत जहां) गारमेंट्स नामक कंपनी चलाती हैं। कंपनी का मुख्य उत् ...और पढ़ें

    पांच बच्चों की मां तलत अब अपनी दुनिया अपने दम पर बना रही हैं।
    पांच बच्चों की मां तलत अब अपनी दुनिया अपने दम पर बना रही हैं।

    नई दिल्ली [निखिल पाठक]। यदि संभाल ले कोई जिम्मेदारी, तो उसे बखूबी निभाना भी जानती है भारतीय नारी। कुछ ऐसा ही खिचड़ीपुर की तलत जहां ने कर दिखाया है। सात साल पहले खर्च चलाने में दिक्कत आ रही थी। पति का कपड़ों पर डिजाइनर धागे और चांदला लगाने का काम ठप हो चुका था। पांच बच्चों की मां तलत उस समय तक सिर्फ सिलाई जानती थी। उन्होंने इसे रोजगार का माध्यम बनाया और एक नया जहां तैयार कर लिया। आज उनके साथ कई लड़कियां और महिलाएं काम रही हैं। छोटी सी कंपनी बना चुकी है।

    टीजे नाम की गारमेंट्स कंपनी चलाती हैं तलत

    तलत जहां अपने पति नासिर व पांच बच्चों के साथ खिचड़ीपुर के दस ब्लाक में रहती हैं। वह टीजे (तलत जहां) गारमेंट्स नामक कंपनी चलाती हैं। कंपनी का मुख्य उत्पाद महिलाओं के लिए कुर्ती और प्लाजो है। इसके अलावा अन्य उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं। जिले में मौजूद सखी-सेंटर में कंपनी के कपड़ों की बिक्री होती है। इसके साथ साप्ताहिक बाजारों में भी उनके कपड़ों की बिक्री होती है। तलत ने बताया कि विशेष आग्रह पर छोटी बच्चियों के लिए लहंगे भी तैयार किए जाते हैं।

    2015 में महिलाओं को सिलाई सिखाने का काम शुरू किया

    तलत ने बताया कि वह साल 2015 से अपने घर में लड़कियों व महिलाओं को सिलाई सिखाने का काम कर रही हैं। आज तक वह 40 से 45 महिलाओं को काम सिखाकर उनको रोजगार के अवसर प्रदान कर चुकी हैं। वह मात्र 250 रुपये की फीस में महिलाओं को कपड़े की कटिंग से लेकर सिलाई, डिजाइन, सितारे व चांदला लगाने का काम सिखाती हैं। उनके पास कई ऐसी महिलाएं भी काम सीखने आती हैं, जिनको घर में प्रताड़ित किया जाता है या समाज की रुढ़िवादी सोच के तले दबना पड़ता है। तलत ऐसी महिलाओं को अपना हुनर निखारने और समाज में पहचान बनाने का मौका देती हैं।

    कोरोनाकाल में भी सिखाया था मास्क बनाने का काम

    तलत जहां ने बताया कि कोरोनाकाल के दौरान उनसे कई ऐसी महिलाओं ने संपर्क किया जिनको दो वक्त का खाना भी मिलना मुश्किल था। ऐसे में तलत ने उन सभी महिलाओं को मास्क सिलना सिखाया ताकि वे घर बैठकर भी अपने परिवार का जीवन यापन कर सकें।

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