यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi Budget: बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए क्या होंगे प्रावधान? शिक्षकों ने सरकार को दिया ये सुझाव
शिक्षकों ने आगामी बजट के लिए सरकार को कई सुझाव दिए हैं जिनमें विद्यालयों में सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती अत ...और पढ़ें

HighLights
- शिक्षकों ने आगामी बजट के लिए सरकार को दिए सुझाव
- पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती पर जोर दिया।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को शिक्षा में बेहतर सुधार के लिए नई सरकार से काफी उम्मीदें हैं। शिक्षकों ने आगामी बजट और शिक्षकों की समस्याओं पर भाजपा सरकार को सुझाव दिए हैं।
स्कूलों में शिक्षकों की मांग
राजकीय विद्यालय शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजबीर छिकारा और महासचिव अजय वीर यादव ने कहा कि अगर सरकारी स्कूलों से अतिथि शिक्षकों को हटा दिया जाए तो शिक्षकों के करीब 30 हजार पद खाली हैं। ऐसे में अगर सरकार आगामी बजट में सभी पदों को भरने के लिए बजट में उचित प्रावधान करे तो छात्रों को स्कूलों में शिक्षक मिल सकते हैं।
अजय वीर ने अतिथि शिक्षकों के वेतन में बढ़ोतरी और उनकी नौकरी की सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने स्कूल परिसर में सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती पर जोर दिया।
स्कूलों के रखरखाव पर ध्यान
उन्होंने मांग की कि शिक्षकों के साथ मारपीट और हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार को सख्त कानून बनाकर स्कूल परिसर में हो रहे अपराधों को गैर जमानती अपराध की श्रेणी में लाना चाहिए। साथ ही स्कूलों के रखरखाव की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी जानी चाहिए।
प्रधानाचार्यों को प्रशासनिक कार्यों से मुक्त कर शिक्षण कार्य पर ध्यान केन्द्रित करने का सुझाव दिया गया। वहीं खेल शिक्षकों ने स्वयं द्वारा अब तक वहन किए गए व्यय का तत्काल भुगतान करने तथा बजट में वृद्धि की मांग की।
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साथ ही शिक्षक संगठनों ने मिलकर नई खेल नीति बनाने, 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए पर्याप्त बजट सुनिश्चित करने तथा एससीईआरटी का वित्तीय ऑडिट कराने तथा विद्यालयों में क्लेरिकल स्टाफ की नियुक्ति करने की मांग की। साथ ही जीएसटीए (गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन) ने चुनाव प्रक्रिया में हो रही देरी को समाप्त कर तत्काल चुनाव कराने का अनुरोध किया।