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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Delhi Election 2025: दिल्ली में तीन चुनाव के बाद इस बार क्यों कम हुई वोटिंग? वजह आई सामने

    Updated: Thu, 06 Feb 2025 05:35 PM (IST)

    Delhi Election 2025 दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत में लगातार दूसरी बार गिरावट आई है। इस बार पिछले तीन चुनावों के मुकाबले सबसे कम मतदान हुआ ह ...और पढ़ें

    Delhi Chunav 2025: पिछले चुनाव में 19 विधानसभा क्षेत्रों में 65 प्रतिशत से अधिक था मतदान। फाइल फोटो
    Delhi Chunav 2025: पिछले चुनाव में 19 विधानसभा क्षेत्रों में 65 प्रतिशत से अधिक था मतदान। फाइल फोटो

    HighLights

    1. पिछले चुनावों में भ्रष्टाचार, लोकपाल, पानी माफ, बिजली हाफ जैसे मुद्दे पर गोलबंदी से मतदाताओं में बढ़ा था उत्साह।
    2. इस बार मतदाताओं का उत्साह रहा थोड़ा फीका, 29 विधानसभा क्षेत्रों में 60 प्रतिशत से भी कम हो पाया मतदान।

    रणविजय सिंह, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार मतदान के प्रतिशत में गिरावट और पिछले तीन चुनावों के मुकाबले इस बार सबसे कम मतदान होने के बाद राजनीतिक दल सियासी गुणा गणित में जुट गए हैं। राजनीतिक के गलियारे में इसके अलग-अलग तरीके से मायने निकाले जा रहे हैं।

    इन सबके बीच यदि पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान हुए मतदान आंकड़ों पर गौर करें तो एक बात स्पष्ट है कि किसी एक दल के मुद्दे पर मतदाता गोलबंद नहीं हुए। यह मतदान कम होने का एक बड़ा कारण है।

    पिछले तीन विधानसभा चुनाव में भ्रष्टाचार, लोकपाल, पानी माफ, बिजली हाफ, मोहल्ला क्लीनिक, महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर गोलबंदी से मतदाताओं ने ज्यादा बढ़ चढ़कर वोट किया था। इस बार यह उत्साह थोड़ा फीका रहा। इस वजह से 29 विधानसभा क्षेत्रों में 60 प्रतिशत से भी कम मतदान रहा।

    19 विधानसभा क्षेत्रों में 65 प्रतिशत से ज्यादा पड़े वोट

    पिछले चुनाव में 19 विधानसभा क्षेत्रों में 65 प्रतिशत से ज्यादा वोट पड़े थे। बल्लीमारान, सीलमपुर, गोलकपुरी, मुस्तफाबाद व मटियामहल जैसे विधानसभा क्षेत्रों में 70 प्रतिशत से ज्यादा वोट पड़े थे। इस बार सिर्फ आठ विधानसभा क्षेत्रों में ही 65 प्रतिशत से अधिक मतदान हो पाया।

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    किसी भी विधानसभा क्षेत्र में मतदान का आंकड़ा 70 प्रतिशत नहीं पहुंच पाया। यमुना पार व मुस्लिम बहुल विधानसभा क्षेत्रों में मतदान अच्छा जरूरत हुआ है लेकिन इन इलाकों में भी पिछले चुनावों के मुकाबले मतदान घटा है।

    वर्ष 1991 से वर्ष 2009 तक हुए छह लोकसभा चुनावों में हुए मतदान का यदि ट्रेंड देखें तो इन सभी चुनावों में दिल्ली में 52 प्रतिशत से कम ही मतदान हुआ था। इसमें से तीन चुनावों मेंं मतदान 50 प्रतिशत से भी कम था।वर्ष 1998 से वर्ष 2008 के बीच हुए तीन विधानसभा चुनावों में भी 60 प्रतिशत से कम ही मतदान हुआ था।

    2013 के विधानसभा चुनाव में 66.02 प्रतिशत हुआ मतदान

    इसके बाद राष्ट्रमंडल खेल परियोजनाओं में घोटाले, 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले सहित भ्रष्टाचार के कई अन्य मामले सामने आने से लोगों में आक्रोश बढ़ा। फिर भ्रष्टाचार व लोकपाल के मुद्दे पर हुए आंदोलन ने दिल्ली के लोगों को आंदोलित किया।

    इससे वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में 66.02 प्रतिशत व वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में 65.10 प्रतिशत मतदान हुआ। मुफ्त पानी, बिजली हाफ, महिला सुरक्षा व मोहल्ला क्लीनिक के मुद्दे पर वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की गोलबंदी से रिकॉर्ड मतदान हुआ था।

    इसके बाद वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव में साढ़े पांच प्रतिशत और पिछले विधानसभा चुनाव में 4.87 प्रतिशत मतदान कम हुआ। मतदान में गिरावट का यह सिलसिला पिछले वर्ष मई में हुए लोकसभा चुनाव व इस विधानसभा चुनाव में भी जारी रहा और पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार 2.15 प्रतिशत मतदान कम वोट पड़े।

    इस बार किसी एक दल के मुद्दे के प्रति मतदाताओं में पिछले चुनावों जैसी गोलबंदी नहीं देखी गई। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी वोट बंटते दिखे। इस वजह से मतदाताओं में उत्साह थोड़ा कम रहा।

    यमुना पार के सभी विधानसभा क्षेत्रों में 60 प्रतिशत से ज्यादा मतदान

    यमुना पार के तीनों जिलों पूर्वी दिल्ली, उत्तरी पूर्वी व शाहदरा के सभी 16 विधानसभा क्षेत्रों में 60 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। जिसमें से उत्तर पूर्वी दिल्ली के तीन विधानसभा क्षेत्रों मुस्तफाबाद, सीलमपुर व गोलकपुरी में 68 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। शाहदरा के बाबरपुर, रोहतास नगर, सीमापुरी इन तीन विधानसभा क्षेत्रों में मतदान 65 प्रतिशत से अधिक रहा।

    पिछले दिल्ली विधानसभा चुनावों में मतदान

    चुनावी वर्ष मतदान प्रतिशत
    2025 60.45
    2020 62.60
    2015 67.47
    2013 66.02
    2008 57.60
    2003 53.42
    1998 48.99
    1993 61.75

    इस चुनाव में अधिक मतदान वाले विधानसभा क्षेत्रों में इस बार व पिछले चुनाव का मत प्रतिशत

    क्षेत्र- वर्ष 2025- वर्ष 2020

    • मुस्तफाबाद- 69.00- 70.55
    • सीलमपुर- 68.70- 71.22
    • गोकलपुरी- 68.29- 70.41
    • बाबरपुर- 65.99- 65.45
    • त्रिलोकपुरी- 65.29- 66.4
    • सीमापुरी- 65.27- 68.12
    • मटियामहल- 65.10- 70.51
    • रोहतास नगर- 65.10- 67.47
    • करावल नगर- 64.44- 67.36
    • मंगोलपुरी- 64.81- 66.32
    • नजफगढ़- 64.14- 64.41
    • कृष्णा नगर- 64.00- 67.47
    • शकुर बस्ती- 63.56- 67.66
    • राजौरी गार्डन- 63.00- 61.81
    • मादीपुर- 63.00- 65.59

    कम मतदान वाले विधानसभा क्षेत्रों में इस बार व पिछले विधानसभा चुनाव का मत प्रतिशत

    क्षेत्र- वर्ष 2025- वर्ष 2020

    • महरौली- 53.04- 56.53
    • मॉडल टाउन- 53.40- 59.35
    • आरके पुरम- 54.00- 56.62
    • मालवीय नगर- 54.00- 58.75
    • कस्तूरबा नगर- 54.10- 67.36
    • ग्रेटर कैलाश- 54.50- 59.94
    • करोल बाग- 54.55- 60.87
    • कालकाजी- 54.59- 57.44
    • ओखला- 54.90- 58.84

    दिल्ली में पिछले लोकसभा चुनावों में मतदान की स्थिति

    वर्ष       मतदान प्रतिशत

    • 2024- 58.78
    • 2019- 60.60
    • 2014- 65.10
    • 2009- 51.85
    • 2004- 47.09
    • 1999- 43.54
    • 1998- 51.29
    • 1996- 50.62
    • 1991- 48.52