यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi Flood: दिल्ली में साल 2023 में क्यों आई थी बाढ़? CWC की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
दिल्ली में 2023 की बाढ़ को लेकर केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में विस्तृत रिपोर्ट दाखिल की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यम ...और पढ़ें

HighLights
- दिल्ली में वर्ष 2023 में बाढ़ के संबंध में सीडब्ल्यूसी ने दाखिल की रिपोर्ट।
- कहा, यमुना क्षेत्र में सिल्ट, पेड़ और निर्माण सामग्री पड़े हाेने के कारण बाधित हुआ बहाव।
- कहा- निर्बाध बहाव की स्थिति से समझौता होने का बाढ़ को लेकर जारी होने वाले सटीक पूर्वानुमान पर पड़ेगा असर।
विनीत त्रिपाठी, नई दिल्ली। Delhi News: वर्ष 2023 में दिल्ली में आई बाढ़ से जुड़ी एक याचिका पर केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल की है। सीडब्ल्यूसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यमुना में निर्बाध बहाव न होने के कारण दिल्ली में बाढ़ आई थी।
बाढ़ को लेकर पुर्वानुमान गलत होने पर उठ रहे सवालों का सीडब्ल्यूसी (Central Water Commission) ने अपनी रिपोर्ट में जवाब देते हुए कहा कि दिल्ली रेलवे ब्रिज साइट दिल्ली में वजीराबाद बैराज से ओखला बैराज (Wazirabad Barrage to Okhla Barrage) के बीच निर्बाध बहाव मानता है, लेकिन हाई-फ्लड की स्थिति में बाद में यह देखा गया कि दिल्ली में विभिन्न कारणों से निर्बाध बहाव मौजूद ही नहीं है।
आईटीओ बैराज के सभी गेट नहीं खुला-सीडब्ल्यूसी रिपोर्ट
सीडब्ल्यूसी ने कहा कि निर्बाध बहाव नहीं होने का एक कारण जहां आईटीओ बैराज के सभी गेट नहीं खुला है। वहीं अन्य कारणों में यमुना में बड़ी संख्या में मौजूद गाद के साथ यमुना क्षेत्र में पेड़ और ब्रिज के निर्माण के कारण पड़ी सामग्री का होना है।
सीडब्ल्यूसी ने कहा कि इन सभी कारणों से दिल्ली में यमुना में बहाव बाधित होता है और ऐसे में अगर बहाव निर्बाध नहीं है तो बाढ़ को लेकर किए जाने वाला सीडल्यूसी का पूर्वानुमान सटीक नहीं हो पाता है, जैसी की उम्मीद की जाती है।
यमुना की बदहाल स्थिति के कारण पूर्वानुमान बिल्कुल सही नहीं हुए
रिपेार्ट में यह भी कहा कि मानसून-2023 के दौरान सीडब्ल्यूसी ने अपने पूर्वानुमान गतिविधि को लेकर पूरे प्रयास किए, लेकिन दिल्ली में यमुना की बदहाल स्थिति के कारण सीडब्ल्यूसी द्वारा किए गए पूर्वानुमान बिल्कुल सही नहीं हाे सके।
'दिल्ली के संबंधित विभाग भविष्य में इस संबंध में उठाएं कदम'
यह भी कहा कि इस संबंध में जलशक्ति मंत्री द्वारा गठित की गई कमेटी द्वारा भी अपनी रिपोर्ट में इन पहलुओं को जिक्र किया गया है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि दिल्ली के संबंधित विभाग भविष्य में इस संबंध में उचित कदम उठाएं।
यह पूरा मामला दिल्ली में आई बाढ़ के पूर्वानुमान पर सवाल उठाते हुए प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट से जुड़ी है। एनजीटी ने मामले का स्वत: संज्ञान लेकर दिल्ली सरकार समेत विभिन्न एजेंसियों से जवाब मांगा था।

