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दिल्ली में पहली विशेष जज का 10 दिन में ही ट्रांसफर, पीएम के निर्देश पर बना था फास्ट ट्रैक कोर्ट

Published: Sun, 02 Aug 2026 03:40 PM (IST)Updated: Sun, 02 Aug 2026 04:35 PM (IST)

नीट पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहली विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा का 10 दिनों के भीतर तबादला कर दिया गया है।

नीट पेपर लीक के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहली विशेष जज का 10 दिन में ही तबादला हुआ।

नीट पेपर लीक के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहली विशेष जज का 10 दिन में ही तबादला हुआ।

HighLights

  1. नीट फास्ट ट्रैक कोर्ट की जज अनु ग्रोवर बालीगा का तबादला।

  2. कार्यभार संभालने के 10 दिन के भीतर हुआ यह स्थानांतरण।

  3. अब अजय गुप्ता संभालेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट की जिम्मेदारी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नीट पेपर लीक के मामलों की तेजी से सुनवाई कर दोषियों को जल्द से जल्द सजा सुनाने के लिए गठित की गई फास्ट-ट्रैक कोर्ट की विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा का 10 दिनों के अंदर तबादला कर दिया गया।

अब अजय गुप्ता संभालेंगे कमान

दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा शनिवार को जारी न्यायिक अधिकारियों की 137 जजों की सूची में जज अनु ग्रोवर बालीगा का भी है। विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालीगा ने 25 जुलाई को कार्यभार संभाला था और एक सप्ताह के अंदर ही उनका तबादला हो गया। अब पूर्व में नीट सहित अन्य पेपर लीक मामले की सुनवाई करने वाले विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता इस फास्ट ट्रैक कोर्ट की जिम्मेदारी संभालेंगे।

वहीं, ताजा आदेश के अनुसार जज अनु ग्राेवर बालीगा का तबादला नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) अधिनियम के तहत आतंकी मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत में किया गया है। जज अनु ग्रोवर एएनआइ के साथ ही गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) व एनडीपीएस के मामलों की सुनवाई करेंगी। आतंकी मामलों की सुनवाई करने वालों में जज विकास ढुल, प्रशांत शर्मा, पुलस्त्य प्रमाचला, किरण बंसल और अमित बंसल हैं।

PM मोदी के निर्देश पर बना था फास्ट ट्रैक कोर्ट

23 जुलाई की सुबह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीट पेपर मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करने की घोषणा की थी। दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उसी दिन शाम को देश का पहला फास्ट ट्रैक गठित किया था और जज अनु ग्रोवर बालीगा को इसकी जिम्मेदारी सौंपी थी।

25 जुलाई को कार्यभार ग्ररहण करने वाली जज अनु ग्रोवर ने 27 जुलाई को मामले में पहली सुनवाई की थी। हालांकि, सीबीआई की तरफ से अधिवक्ता के पेश नहीं होने के कारण पहले ही दिन मामले की सुनवाई टल गई थी।

आज आरोपपत्र का संज्ञान लेने पर विचार करेगी अदालत

इसके बाद मामले में सीबीआई ने 13 आरोपतों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इस पर जज अनु ग्रोवर ने आरोपपत्र पर संज्ञान लेने और दो आरोपितों की जमानत पर विचार करने के लिए मामले को तीन अगस्त के लिए तय किया था। सोमवार को विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता अब आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के बिंदु पर विचार करेंगें।

तीन मई को हुई परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद सीबीआई ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी और 12 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने पेपर लीक के आरोपों के बीच तीन मई की परीक्षा रद कर दी थी। बाद में यह परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित की गई थी।

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