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लाल किला विस्फोट में आतंकी नेटवर्क का ऑपरेशनल इंचार्ज था उमर उन नबी, NIA की चार्जशीट में चौंकाने वाला खुलासा

Published: Wed, 09 Sep 2026 08:34 PM (IST)Updated: Wed, 09 Sep 2026 08:39 PM (IST)

एनआईए ने लाल किले के पास 2025 के कार विस्फोट मामले में आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें उमर उन नबी ...और पढ़ें

एनआईए ने आरोपपत्र में बताया है कि आतंकी उमर उन नबी लाल किला विस्फोट को अंजाम देने के लिए ‘पिंडा’ और ‘राहुल भट्ट’ नाम से काम करता था। फाइल फोटो

एनआईए ने आरोपपत्र में बताया है कि आतंकी उमर उन नबी लाल किला विस्फोट को अंजाम देने के लिए ‘पिंडा’ और ‘राहुल भट्ट’ नाम से काम करता था। फाइल फोटो

HighLights

  1. एनआईए ने उमर उन नबी को आतंकी मॉड्यूल का इंचार्ज बताया।

  2. नबी निष्क्रिय आतंकी नेटवर्क को सक्रिय करने में शामिल था।

  3. लाल किला विस्फोट में 11 की मौत, 29 लोग घायल।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए कार विस्फोट मामले में एनआईए ने आरोपपत्र में आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी को अंसार गजवात-उल-हिंद के पुनर्जीवित आतंकी माड्यूल का आपरेशनल इंचार्ज बताया है। जांच एजेंसी के अनुसार, नबी वर्ष 2022 की शुरुआत से निष्क्रिय पड़े आतंकी नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करने और देश में आतंकी हमलों की साजिश को आगे बढ़ाने में जुटा था।

पिंडा और राहुल भट्ट के नाम से भी करता था काम

आरोपपत्र के अनुसार, उमर उन नबी पिंडा और राहुल भट्ट के नाम से भी सक्रिय था। वह युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने, गुप्त बैठकें कराने, प्रशिक्षण की व्यवस्था करने, हथियार व अन्य संसाधन जुटाने तथा आतंकी गतिविधियों की तैयारी में अहम भूमिका निभा रहा था।

एनआईए ने उसे अंसार गजवात-उल-हिंद के अंतरिम माड्यूल का परिचालन प्रभारी बताया है। एजेंसी के अनुसार, यह अलकायदा इन इंडियन सबकान्टिनेंट से जुड़े पुराने आतंकी नेटवर्क का पुनर्जीवित स्वरूप था। हालांकि, यह आरोपपत्र पहले की तैयार किया गया था।

शहादत की भावना बढ़ाने का आरोप

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि नबी माड्यूल से जुड़े लोगों के बीच शहादत की भावना को बढ़ावा देता था। वह अफगानिस्तान जाकर हिजरत करने की इच्छा भी रखता था। इस दौरान उसने गुप्त बैठकों और आतंकी प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।

जिहाद से जुड़ी सामग्री मिली

एनआईए के मुताबिक, माड्यूल के सदस्य आपस में संपर्क के लिए सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड माध्यमों का इस्तेमाल करते थे। जांच के दौरान एजेंसी को जिहाद और हिंसा से जुड़ी कई सामग्री मिली। इनमें जेहाद की परिभाषा, जेहाद की आवश्यकताएं, जेहाद के उद्देश्य और जेहाद में सहयोग से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। एजेंसी का आरोप है कि इस सामग्री में हिंसा को सही ठहराने के साथ पहचान छिपाने और गोपनीय तरीके से आतंकी गतिविधियां संचालित करने के तरीके भी बताए गए थे।

विस्फोटक तैयार करने की तैयारी का भी आरोप

आरोपपत्र के अनुसार, नबी ने धन जुटाने, अवैध हथियार हासिल करने और बैठक व आपत्तिजनक सामग्री रखने के लिए ठिकाने तलाशने में भूमिका निभाई। जांच के दौरान रसायन और प्रयोगशाला उपकरण भी बरामद किए गए। एनआईए के अनुसार, विस्फोट के बाद बरामद सामग्री की फोरेंसिक जांच में टीएटीपी और अमोनियम नाइट्रेट के अंश मिले। एजेंसी का दावा है कि इससे विस्फोटक तैयार करने की तैयारी का संकेत मिलता है।

कार में भरकर रखा विस्फोटक

एनआईए के अनुसार, लाल किले के पास इस्तेमाल की गई कार को वाहन आधारित विस्फोटक उपकरण में तब्दील किया गया था। एजेंसी का आरोप है कि नबी और एक अन्य आरोपी ने साजिश के लिए पुरानी कार खरीदी थी।

विस्फोट के समय नबी कार के अंदर मौजूद था। घटनास्थल से मिले जैविक नमूनों की डीएनए जांच के जरिये उसकी पहचान की गई। फोरेंसिक जांच में विस्फोटक के अवशेष मिलने की भी बात कही गई है।

11 लोगों की हुई थी मौत, 29 घायल

10 नवंबर 2025 को शाम करीब 6:50 बजे लाल किले के पास हुए विस्फोट में 11 लोगों की मौत और 29 लोग घायल हुए थे। आसपास खड़े वाहनों और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा था।

एनआईए के मुताबिक, हमला निष्क्रिय आतंकी नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करने, लोगों को कट्टरपंथी बनाने, प्रशिक्षण देने, हथियार जुटाने और आतंकी हमले की तैयारी से जुड़ी व्यापक साजिश का परिणाम था।

विस्फोट में मारा गया था उमर उन नबी 

उमर उन नबी की विस्फोट में मौत हो चुकी है। इसलिए उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही समाप्त कर दी गई है। आरोपपत्र में उसकी भूमिका और उस पर लगाए गए आरोप अब न्यायिक जांच और मुकदमे के दौरान परखे जाएंगे।