लाल किला धमाके के बाद सतर्क हुई दिल्ली सरकार, पुरानी दिल्ली में सुरक्षा-सुविधा के लिए CM की उच्चस्तरीय बैठक
लाल किले के सामने धमाके के बाद दिल्ली सरकार पुरानी दिल्ली की समस्याओं पर गंभीर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को इस संबंध में उच्चस्तरीय बैठक की। जागरण
HighLights
एसआरडीसी का पुनर्गठन: विकास पर जोर।
अतिक्रमण और गंदगी: मुख्य मुद्दे।
सरकार प्रतिबद्ध: सुंदरीकरण और विकास।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। लाल किला के सामने आतंकी धमाके के बाद दिल्ली सरकार चांदनी चौक समेत पुरानी दिल्ली की समस्याओं और सुविधाओं को लेकर गंभीर हुई है। आनन-फानन में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को इस संबंध में उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें हर पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रमुख रूप से शाहजहांनाबाद पुनर्विकास निगम (एसआरडीसी) के पुनर्गठन के साथ ही उसे और वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार देने का मुद्दा प्रमुख रहा। सीएम ने स्वयं कहा कि चांदनी चौक का समुचित विकास इसलिए नहीं हो रहा है, क्योंकि वह तीन सरकारी एजेंसी के जिम्मे है। ऐसे में सरकार जल्द उसका पुनर्गठन करेगी। उसमें विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा, जो हैरिटेज को संवारने की योग्यता रखते हों।
दिल्ली सचिवालय में हुई बैठक में चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल, दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद के साथ ही एसआरडीसी, पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, दिल्ली पुलिस के साथ ही अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वैसे, यह पहली बार नहीं है, जब एसआरडीसी के पुनर्गठन और उसे और प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार देने की बात की गई हो। पूर्व में वर्ष 2017 में भी इससे संबंधित एक रिपोर्ट पारित कर एसआरडीसी ने केंद्र के शहरी विकास मंत्रालय को भेजकर पुरानी दिल्ली को ह्दय योजना में शामिल करने की मांग की थी। इसी तरह, व्यापारी संगठन पूर्व में इस मुद्दे को उठाते रहे हैं।
जानकारों के अनुसार, मौजूदा समय में एसआरडीसी बिना किसी अधिकार के काम कर रहा है, जिसके कारण यह अप्रासंगिक होता जा रहा है। ऐसे में अब सरकार ने उस दिशा में गंभीरता से विमर्श शुरू किया है। बैठक में शामिल एक अधिकारी के अनुसार, इस दिशा में सरकार गंभीर है तथा एक-दो माह में इस संबंध में बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।
इसके पूर्व बैठक में ही सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने एसआरडीसी की खामियां गिनाई। साथ ही उसका नाम इंद्रप्रस्थ पुनर्विकास निगम रखने तथा उसका अध्यक्ष मुख्यमंत्री से बनने का आग्रह किया, जिससे यह निकाय सही रूप से सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय कर इस क्षेत्र से अतिक्रमण समाप्त करने, सफाई की संपूर्ण व्यवस्था के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप कर सके।
उन्होंने सुझाव दिया कि सभी संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए अंतरविभागीय सेल का भी गठन हो। यातायात व पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए बहुमंजिला पार्किंग, ई-रिक्शा प्रबंधन और नो वेंडिंग जोन का स्पष्ट निर्धारण हो।
जिसपर भी सकारात्मक निर्णय कुछ दिनों में आ सकते हैं। बैठक में पुरानी दिल्ली में अवैध निर्माण, गंदगी व सीवर की समस्या के साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर समस्या बने रेहड़ी-पटरी वालों का अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, चांदनी चौक मुख्य मार्ग पर हजारों रिक्शों का जमावाड़ा समेत अन्य सभी मुद्दों पर बिंदुवार चर्चा हुई।
जिसे दूर करने के लिए विस्तृत परियोजना तैयार कर पुराने शहर के समग्र विकास का निर्णय लिया गया। बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि उनकी सरकार पुरानी दिल्ली के सौंदर्यीकरण व सुनियोजित विकास को लेकर कृत- संकल्प है तथा उसकी विरासत लौटाने को गंभीर प्रयास कर रही है।
उन्होंने आगे अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह चांदनी चौक बाजार को संवारने के लिए तेजी से कार्य करें तथा महिलाओं की सुविधा के लिए जल्द ही बाजार में पिंक टायलेट का भी निर्माण किया जाए।
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने पुनर्विकास में केविरासत के संरक्षण से जुड़ी कंपनियों को भी शामिल करने तथा पुरानी दिल्ली की स्मारक इमारतों में व्यापारिक गतिविधियों व चांदनी चौक बाजार का पुराना स्वरूप बनाए रखने के लिए निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाने का सुझाव दिया।
व्यापारियों ने सरकार की गंभीरता का किया स्वागत
पुरानी दिल्ली के बाजारों की सुरक्षा व सुविधा को लेकर सीएम की गंभीरता की व्यापारियों ने सराहना की है। चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय भार्गव ने उम्मीद जताते हुए कहा कि इससे बदलाव होने की उम्मीद जगी है। उन्होंने सीएम से तत्काल अतिक्रमण हटाने पर मिशन मोड में काम करने का आग्रह करते हुए कहा कि हाई कोर्ट ने एक वर्ष पूर्व इससे संबंधित आदेश भी दिया है।
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