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13 साल बाद SRCC में लौटे PM मोदी, OG-फ्लेक्स से धुरंधर तक... Gen-Z के अंदाज में छात्रों से जोड़ा कनेक्शन

Published: Sat, 05 Sep 2026 10:52 PM (IST)Updated: Sun, 06 Sep 2026 08:12 AM (IST)

पीएम मोदी ने 13 साल बाद एसआरसीसी का दौरा किया और छात्रों से उनके अंदाज में संवाद किया। उन्होंने 2013 ...और पढ़ें

जेन-जी से उसी के अंदाज में रूबरू हुए मोदी।

जेन-जी से उसी के अंदाज में रूबरू हुए मोदी।

HighLights

  1. पीएम मोदी ने 13 साल बाद एसआरसीसी का दौरा किया।

  2. छात्रों से 'ओजी', 'फ्लेक्स' जैसे शब्दों में संवाद किया।

  3. 2013 से भारत की आर्थिक और नीतिगत प्रगति बताई।

स्वदेश कुमार, नई दिल्ली। डीयू के एसआरसीसी में 13 साल बाद पहुंचे नरेन्द्र मोदी जब छात्रों से रूबरू हुए तो अंदाज उन्हीं का था, लेकिन बोलने वाले के पास 12 साल पीएम का अनुभव था।

पीएम ने साल 2013 में मिले यहां के छात्रों के लिए ओजी (आरिजनल) शब्द का इस्तेमाल किया। कहा कि इस कालेज का हिस्सा बन्ना अपने आप में फ्लेक्स (गर्व की बात) है। पीएम मोदी के भाषण में धुरंधर (चर्चित फिल्म) भी आया। उन्होंने यहां के पूर्व छात्रों के लिए कहा कि वे भले धुरंधर न हो लेकिन धूम तो मचा रखी है।

इन शब्दों पर सभागार में मौजूद छात्र भी सीधे जुड़ाव महसूस कर रहे थे। मोदी इससे पहले 2013 में पहुंचे थे, तब वह गुजरात के मुख्यंत्री थे और उनके पास 12 साल इस पद पर रहने का अनुभव था। उस समय उनका दिया भाषण बहुचर्चित रहा था, जिसे राष्ट्रीय राजनीति में उनकी प्रधानमंत्री पद की दावेदारी के एक बड़े मोड़ के रूप में देखा जाता है।

एसआरसीसी के 100 वर्षों के गौरवशाली सफर के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम ने अपने 2013 के संबोधन को याद करते हुए देश की आर्थिक और नीतिगत प्रगति का खाका प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि 13 साल पहले जब वे मुख्य विपक्षी दल के मुख्यमंत्री के रूप में इस मंच पर आए थे, तब देश निराशा के दलदल, घोटाले, और नीतिगत पंगुता से जूझ रहा था। आज वही भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर पालिसी डायनामिज्म और विकसित भारत का उदाहरण पेश कर रहा है। उन्होंने 2013 के भाषण के प्रमुख अंशों को इस भाषण में भी शामिल किया।

एसआरसीसी में पीएम मोदी : तब और अब

सकारात्मक दृष्टिकोण और विश्वास: पीएम मोदी ने 2013 में दिए गए अपने आधे भरे पानी के गिलास के उदाहरण को दोहराते हुए कहा कि जहां उस समय देश में हताशा थी, वहीं उन्होंने सकारात्मकता का दृष्टिकोण रखा था। उन्होंने कहा कि आज भी कुछ नकारात्मक सोच वाले लोगों के लिए गिलास 'आधा खाली' ही है, लेकिन देश आज रिकार्ड आर्थिक वृद्धि हासिल कर रहा है।

आर्थिक मजबूती और सुधार: 2013 के नीतिगत ठहराव के विपरीत, हालिया आंकड़ों में जीडीपी ग्रोथ 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। बिजली उत्पादन में 9 प्रतिशत और आटोमोबाइल बिक्री में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता: 2013 में सीमा पार से आतंकवाद और मुंबई हमलों के बाद की लाचारी के दौर की तुलना में आज भारत घर में घुसकर मारने की क्षमता रखता है। रक्षा निर्माण में भारत आज 2 लाख करोड़ रुपये के उत्पाद बना रहा है और रक्षा निर्यात 40 हजार करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंच गया है।

मेक इन इंडिया और बुनियादी ढांचा: उस समय जहां भारत अधिकांश मोबाइल फोन आयात करता था, वहीं आज ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक के मोबाइल फोन का निर्यात कर रहा है। रेलवे के विद्युतीकरण में बीते 12 वर्षों में ऐतिहासिक प्रगति हुई है।

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