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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 14, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राकेश टिकैत ने देशवासियों से की अपील, कहा हिजाब पर नहीं इन मुद्दों पर करें आंदोलन, वरना हालात होंगे खराब

By Vinay Kumar TiwariEdited By:
Updated: Mon, 14 Feb 2022 05:19 PM (IST)

किसान-मजदूर अगर चंद रुपये न चुका पाए तो जमीन कुर्की और आत्महत्या की स्थिति बन जाती है। वहीं करोड़ों का घोटाला करने वाले उद्योगपतियों पर दिल्ली की कलम नहीं चलती ! मालूम हो कि बैंकों से जुड़े कुछ बड़े घोटाले सामने आ चुके हैं।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एक नया ट्वीट किया है।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एक नया ट्वीट किया है।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एक बार फिर देशवासियों से आंदोलन की अपील की है। इस बार उन्होंने जाति-धर्म या किसी कृषि कानून या किसी अन्य चीज को लेकर आंदोलन करने को नहीं कहा है बल्कि देश में बैंकों के घोटालों पर आंदोलन करने की बात कही है।

अपने इंटरनेट मीडिया एकाउंट ट्विटर पर ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा है कि हिजाब पर नहीं, देश में बैंकों के हिसाब (घोटालों) पर आंदोलन करो मेरे प्यारे देशवासियों। यही हालात रहे तो देश बिकते देर नहीं लगेगी और हम ऐसा होने नहीं देंगे। इससे कुछ घंटे पहले उन्होंने एक और ट्वीट किया था उसमें लिखा था कि किसान-मजदूर अगर चंद रुपये न चुका पाए तो जमीन कुर्की और आत्महत्या की स्थिति बन जाती है। वहीं, करोड़ों का घोटाला करने वाले उद्योगपतियों पर दिल्ली की कलम नहीं चलती ! किसानों- मजदूरों के साथ चमकीली कोठियों में बैठे हुक्मरानों की कलम छल करती है।

मालूम हो कि बैंकों से जुड़े कुछ बड़े घोटाले सामने आ चुके हैं। उसके बाद सरकारों की काफी किरकिरी हुई। बैंकों से लोन लेकर विदेश भागकर वहां बस जाने वाले कारोबारियों की वजह से कई बैकों को करोड़ों का नुकसान हो चुका है, उनकी स्थिति खराब हो गई है। इससे पहले पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और यूपी के किसान तीन कृषि कानूनों को लेकर विरोध कर चुके हैं, एक साल से अधिक समय तक इन किसानों ने दिल्ली की सीमाओं को घेर रखा था। जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वंय ही इन तीनों कानूनों को खत्म किए जाने की घोषणा कर दी उसके बाद ही किसान यहां से अपने घरों की ओर रवाना हुए।

इस समय देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। अभी तक ये कहा जा रहा था कि इन चुनावों में किसान भाजपा का विरोध करेंगे और उसके विरोध में मतदान करेंगे मगर किसानों ने साफतौर पर ऐसा करने से इन्कार कर दिया, कहा कि राजनीति में नहीं जाएंगे। किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करेंगे न ही खुलकर समर्थन करेंगे। उसके बाद से सभी दल एक तरह से शांत हो गए। अब राकेश टिकैत ने कहा कि किसान बैंक में हो रहे घोटालों के खिलाफ प्रदर्शन करें।

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