सत्य निकेतन हादसा: पीजी ऑपरेटर सुधांशु और ठेकेदार सनोज गिरफ्तार, खतरनाक बिल्डिंग को ढहाने का काम जारी
Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने के मामले में पीजी ऑपरेटर सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया गया है।
HighLights
सत्य निकेतन इमारत गिरने के मामले में गिरफ्तारी हुई।
पीजी ऑपरेटर सुधांशु को दिल्ली पुलिस ने पकड़ा।
पुलिस पूछताछ के बाद आगे की जानकारी देगी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन में बीते रविवार को इमारत ढहने के मामले में PG ऑपरेटर सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया गया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार मामले में पीजी के संचालक सुधांशु की गिरफ्तारी हो चुकी है और उससे पूछताछ की जा रही है। उससे पूछताछ के बाद पुलिस आगे की जानकारी साझा करेगी।
लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज भी हुआ गिरफ्तार
सुधांशु के साथ ही पुलिस ने लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज और महेश को भी गिरफ्तार किया है। महेश हरिराम गुप्ता का बेटा है। पुलिस ने जांच के संबंध में इन दोनों का मेडिकल टेस्ट कराया है और अन्य जांच बाकी है।
पुलिस के अनुसार महेश ने पुलिस हिरासत में बताया कि Satya Niketan Building Collapse वाली इमारत को दो बिजनेस पार्टनर शुभम त्यागी और सुधांशु(Satya Niketan PG operator) को अगस्त 2025 में लीज पर दिया गया था। ये दोनों बिल्डिंग को 'हॉस्टल डेज' नाम से पीजी के रूप में चला रहे थे।
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लाल घेरे में आरोपी सनोज
इसके साथ ही एमसीडी ने हादसे वाली इमारत के बगल वाली इमारत को ढहाने का काम शुरू कर दिया है। रविवार के बाद यह इमारत क्षतिग्रस्त हो गई थी और डेंजरस मार्क की गई है।
हादसे में 7 लोगों की गई जान
हादसे में पांच छात्रों समेत सात लोगों की मौत हुई थी। पुलिस ने इससे पहले भवन स्वामी हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को गिरफ्तार किया था।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक प्रापर्टी नंबर पी-13 उर्मिला के नाम पर रजिस्टर्ड थी, बिजली का कनेक्शन हरिराम के नाम पर था, जबकि महेश पीजी का मैनेजमेंट देखता था।
सत्य निकेतन में सुधांशु के चार पीजी होने का पता चला
सुधांशु जर्जर भवन की मरम्मत कराने के बाद रंगरोगन कराकर हॉस्टल डेज के नाम से पीजी चलाता था। फिलहाल आठ कमरे में डीयू के 13 छात्र रह रहे थे।
हालांकि हर कमरे में चार-चार बिस्तर लगे थे। रविवार का दिन होने के कारण घटना के समय पीजी में आठ छात्र ही मौजूद थे। पांच छात्र बाहर अपने दोस्तों व रिश्तेदारों के यहां चले गए थे। एक छात्र से पीजी मालिक 14-16 हजार रुपये वसूलता था।
डीसीपी दक्षिण-पश्चिम जिला अमित गोयल का कहना है कि सुधांशु का हॉस्टल डेज के नाम से उसी इलाके में चार और पीजी होने का पता चला है। जर्जर बिल्डिंग में पीजी चलाने के लिए कितने रुपये में सुधांशु को भवन लीज पर दिया गया था, इसकी जांच की जा रही है।
एम्स में भर्ती चार में से दो मरीज डिस्चार्ज, एक की हालत गंभीर
इमारत गिरने की घटना के बाद एम्स ट्रामा सेंटर में भर्ती चार मरीजों में से दो को डिस्चार्ज कर दिया गया है। एक मरीज की हालत गंभीर है, जबकि एक अन्य की स्थिर है।
एम्स के मीडिया सेल प्रमुख डॉ. (प्रो.) रीमा दादा की ओर से सोमवार रात दी गई जानकारी के अनुसार, भर्ती आदित्य और नितीश चिब को उपचार के बाद सोमवार शाम अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
नीरज बावा को गहन चिकित्सा इकाई (आइसीयू) में रखा गया है और उनकी हालत गंभीर है। असगर अली की स्थिति स्थिर है।
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