हर सिरदर्द मामूली नहीं, ये जानलेवा भी हो सकता है..., 21 वर्षीय युवक के केस पर डॉक्टरों ने किया सतर्क
एक 21 वर्षीय युवक को अचानक तेज सिरदर्द और उल्टी हुई, जिसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में सेरेब्रल वेनस थ्रोम्बोसिस (सीवीटी) का पता चला, जि ...और पढ़ें

HighLights
21 वर्षीय युवक को अचानक तेज सिरदर्द हुआ
जांच में सेरेब्रल वेनस थ्रोम्बोसिस (सीवीटी) की पुष्टि
समय पर इलाज से जानलेवा स्थिति से बचाव
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। हर सिरदर्द मामूली नहीं होता, कभी-कभी यह गंभीर और जानलेवा न्यूरोलाजिकल आपात स्थिति का संकेत भी हो सकता है। ऐसा ही मामला 21 वर्षीय युवक के साथ सामने आया, जिसे अचानक बेहद तेज सिरदर्द हुआ।
इसके साथ बार-बार उल्टी, अत्यधिक कमजोरी, पसीना आना और सीने में बेचैनी भी होने लगी। हालत बिगड़ने पर युवक को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच में सेरेब्रल वेनस थ्रोम्बोसिस (सीवीटी) की पुष्टि हुई।
पुष्पावती सिंघानियां रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीएसआरआई) के न्यूरोलाॅजिस्ट डाॅ. भास्कर शुक्ला ने बताया कि सीटी स्कैन और एमआरआई वेनोग्राफी में मस्तिष्क की प्रमुख नस बाईं ट्रांसवर्स साइनस में थक्का पाया गया, जिससे दिमाग में दबाव और सूजन बढ़ रही थी।
आगे की जांच में नेफ्रोटिक सिंड्रोम, गंभीर डिहाइड्रेशन और एंटीथ्रोम्बिन की कमी सामने आई, जिसने थक्का बनने का जोखिम कई गुना बढ़ा दिया। उनके अनुसार, मरीज को आईसीयू में मल्टीडिसिप्लिनरी तरीके से इलाज दिया गया।
जिसमें एंटीकोएगुलेशन, सूजन नियंत्रण और दौरे से बचाव शामिल रहा। समय पर उपचार से उसकी हालत स्थिर हुई और उसे फाॅलोअप की सलाह के साथ डिस्चार्ज किया गया। यह मामला सिरदर्द से पीड़ित विशेषकर युवाओं के लिए चेतावनी है कि अचानक और असहनीय सिरदर्द को नजरअंदाज न करें।