दिल्ली में आउटर रिंग रोड का बुरा हाल, एयरपोर्ट और DND जाने वालों की बढ़ी परेशानी; अब मिलेगी राहत
दक्षिणी दिल्ली में आउटर रिंग रोड पर निर्माण कार्य, चार्जिंग प्वाइंट और गलत दिशा में चलने वाले वाहनों से यातायात बिगड़ रहा है। सुबह-शाम भारी जाम लगता है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है; ट्रैफिक पुलिस की तैनाती से राहत मिल सकती है।
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गलत दिशा का ट्रैफिक और दिनभर जाम से बेहाल आउटर रिंग रोड। जागरण
HighLights
आउटर रिंग रोड पर निर्माण कार्य से सड़क संकरी हुई।
चार्जिंग प्वाइंट और गलत दिशा वाहन जाम बढ़ा रहे।
ट्रैफिक पुलिस की तैनाती से यातायात में सुधार संभव।
गौरी शर्मा, दक्षिणी दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली में आउटर रिंग रोड पर कालकाजी फ्लाईओवर से मोदी मिल तक चल रहे निर्माण कार्य के बीच यातायात व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है।
ओखला एनएसआइसी मेट्रो स्टेशन के सामने पिलर निर्माण के लिए सड़क के हिस्से में बैरिकेडिंग कर खोदाई की जा रही है। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई है और नेहरू प्लेस से मोदी मिल की ओर जाने वाली लेन में दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है। सुबह और शाम व्यस्त समय में स्थिति और खराब हो जाती है। वाहन चालक काफी देर तक जाम में फंसे रहते हैं।
पड़ताल के दौरान सामने आया कि जिस स्थान पर निर्माण कार्य के कारण सड़क संकरी हुई है, उसी के आसपास सड़क के दोनों ओर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग और बैटरी स्वाइपिंग प्वाइंट बने हुए हैं।
इन प्वाइंट पर वाहन रुकने से सड़क पर उपलब्ध जगह और कम हो जाती है। चार्जिंग या बैटरी बदलवाने के लिए वाहन खड़े होने के दौरान पीछे से आने वाले वाहनों को निकलने के लिए सीमित जगह मिलती है। इससे यातायात की रफ्तार धीमी पड़ जाती है और कुछ ही देर में वाहनों की कतार लग जाती है।
गलत दिशा में आ रहे वाहन बढ़ा रहे समस्या
जाम की एक बड़ी वजह गलत दिशा में चलने वाले वाहन भी हैं। मोदी मिल की ओर से ओखला फेज-3 जाने वाले कुछ वाहन चालक गलत दिशा से आते दिखाई देते हैं। इसी तरह ओखला मंडी की ओर से कालकाजी जाने वाली लेन में भी गलत दिशा में वाहन आने से आमने-सामने की स्थिति बन जाती है।
सड़क पहले ही संकरी है और ऐसे में गलत दिशा से आने वाले वाहन व्यवस्था को और बिगाड़ देते हैं। कई बार वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है, जिससे पीछे चल रहे वाहनों की रफ्तार भी थम जाती है।
ट्रैफिक पुलिस की तैनाती से मिलेगी थोड़ी राहत
इतनी महत्वपूर्ण सड़क पर निर्माण कार्य, चार्जिंग प्वाइंट और गलत दिशा में आने वाले वाहनों के बावजूद मौके पर यातायात पुलिस की नियमित तैनाती नहीं दिखाई देती। इससे वाहन चालक अपनी सुविधा के अनुसार लेन बदलते हैं और यातायात व्यवस्था और उलझ जाती है।
निर्माण स्थल के आसपास यदि यातायात पुलिस की मौजूदगी रहे तो गलत दिशा में आने वाले वाहनों पर रोक लगाने के साथ जाम को नियंत्रित किया जा सकता है। हालांकि ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, गलत दिशा में जाने वालों को रोकने के लिए पुलिसकर्मी तैनात हैं। एक-दो प्वाइंट पर इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। वहीं व्यवसायिक वाहनों के डायवर्जन पर भी विचार किया जा रहा है।
एयरपोर्ट और डीएनडी जाने वालों की बढ़ी परेशानी
आउटर रिंग रोड का यह हिस्सा नेहरू प्लेस, कालकाजी, ओखला, आश्रम और डीएनडी की ओर जाने वाले वाहनों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। एयरपोर्ट की ओर जाने वाले वाहन भी इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। जाम लगने पर इसका असर आसपास की सड़कों पर भी पड़ता है।
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लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने तक यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। चार्जिंग प्वाइंट के पास वाहनों की पार्किंग नियंत्रित करने, गलत दिशा में आने वाले वाहनों पर कार्रवाई और व्यस्त समय में ट्रैफिक पुलिस की तैनाती से काफी राहत मिल सकती है।
