विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi News: पराली गलाने के लिए बायो डिकंपोजर का छिड़काव शुरू, किसानों को होगा फायदा

By Sonu RanaEdited By: Prateek Kumar
Updated: Tue, 18 Oct 2022 09:40 PM (IST)

गोपाल राय ने बताया कि इस वर्ष पूसा संस्थान खुद से बायो डीकंपोजर घोल बना कर दिल्ली सरकार को मुहैया करा रहा है। दिल्ली सरकार ने सीधे पूसा से बायो डी-कंपोजर का घोल खरीदा है और उनकी निगरानी में यह छिड़काव शुरू किया गया है।

विकास मंत्री गोपाल राय ने बुराड़ी इलाके के खेतों से की शुरुआत।
विकास मंत्री गोपाल राय ने बुराड़ी इलाके के खेतों से की शुरुआत।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली के विकास व पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को बुराड़ी इलाके से पराली को गलाने के लिए बायो डिकंपोजर (घोल) के छिड़काव की शुरुआत की। गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली सरकार इस वर्ष पांच हजार एकड़ से ज्यादा खेतों में निःशुल्क बायो डिकंपोजर का छिड़काव करेगी। बायो डी-कंपोजर के छिड़काव के लिए 21 टीमों का गठन किया गया है। बासमती और गैर बासमती धान के सभी खेतों में यह छिड़काव किया जाएगा। इसके लिए किसानों से एक फार्म भरवाया गया है।

ठंड बढ़ते ही बढ़ जाती है प्रदूषण की समस्या 

गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में ठंड में बढ़ने वाले प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए दिल्ली सरकार ने 15 सूत्रीय विंटर एक्शन प्लान बनाया है। ठंड में पराली जलना भी प्रदूषण को बढ़ाने में एक अहम भूमिका निभाता है।ऐसे में इस समस्या पर समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें, इसलिए सरकार ने बीते वर्ष की तरह इस बार भी पराली गलाने के लिए खेतों में घोल का छिड़काव शुरू किया है। दिल्ली में कुछ हिस्सों में ही धान की खेती की जाती है। दिल्ली में पराली से प्रदूषण न हो, इसीलिए बीते वर्ष घोल का छिड़काव किया गया था। इसका बहुत ही सकारात्मक परिणाम रहा है। इससे पराली गल गई और खेत की उपजाऊ क्षमता में भी बढ़ोतरी देखी गई। किसानों के सामने एक समस्या यह भी रहती है कि धान की फसल की कटाई और गेहूं की बुआई के बीच में समय अंतराल कम होता है।

सरकार समय रहते ही काम पर जुटी

इसलिए सरकार समय रहते अभी से इस काम में जुट गई है, ताकि सारी कवायद में देरी भी न हो और किसानों को बेहतर परिणाम भी मिल सकें। गोपाल राय ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन किसानों ने फार्म भर दिए हैं, उनके खेतों में जल्द से जल्द बायो डी-कंपोजर का छिड़काव कर दिया जाए। बायो डी-कंपोजर के छिड़काव के लिए अभी तक 957 किसानों ने फार्म भरे हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह जल्द-से-जल्द खेतों में घोल का छिड़काव करने के लिए फार्म भरें। गोपाल राय ने कहा कि दिवाली के दौरान प्रदूषण को नियंत्रित करने को लेकर बुधवार को दिल्ली सचिवालय में उच्च अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई गई है, जिसमें इस संबंध में कार्य योजना बनाई जाएगी।

सरकार ने पूसा से खरीदा है घोल 

गोपाल राय ने बताया कि इस वर्ष पूसा संस्थान खुद से बायो डिकंपोजर घोल बना कर दिल्ली सरकार को मुहैया करा रहा है। दिल्ली सरकार ने सीधे पूसा से बायो डिकंपोजर का घोल खरीदा है और उनकी निगरानी में यह छिड़काव शुरू किया गया है। पूसा ने इस बार बायो डिकंपोज़र का एक पाउडर भी बनाया है, जिसे सरकार ने इस बार ट्रायल के रूप में एक हज़ार एकड़ में इस्तेमाल करने का फैसला किया है।

मौत का सिरप : पांच जगह है मेडेन फार्मा की दवा फैक्ट्री, सभी कंपनियों के उत्पादन पर है सरकार की नजर

दिल्ली- एनसीआर की खबरों को पढ़ने के लिए यहां करें क्लिक