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तरुण हत्याकांड: नाबालिग आरोपित फैजान अब वयस्क, जेजेबी ने जन्मतिथि 2007 मानी

Published: Fri, 09 Oct 2026 09:36 PM (IST)

उत्तम नगर के तरुण हत्याकांड में नाबालिग आरोपित फैजान को किशोर न्याय बोर्ड ने बालिग घोषित कर दिया है। बोर्ड ...और पढ़ें

तरुण हत्याकांड: नाबालिग आरोपित फैजान अब वयस्क  ( एआई जेनरेटेड इमेज )

तरुण हत्याकांड: नाबालिग आरोपित फैजान अब वयस्क ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. किशोर न्याय बोर्ड ने नाबालिग आरोपित को बालिग घोषित किया।

  2. नगर निगम के पुराने रिकॉर्ड को स्कूल दस्तावेज से अधिक विश्वसनीय माना।

  3. फैजान पर तरुण हत्याकांड में अब वयस्क के तौर पर चलेगा मुकदमा।

मुकेश ठाकुर, पश्चिमी दिल्ली। उत्तम नगर के हस्तसाल में होली की रात हुए तरुण हत्याकांड में नाबालिग बताए जा रहे मुख्य आरोपित को किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) ने बालिग घोषित कर दिया है।

बोर्ड ने दस्तावेजों की जांच के बाद उसकी जन्मतिथि 7 अक्टूबर 2007 निर्धारित की है। इसके साथ ही मामले में उस पर वयस्क आरोपित के तौर पर मुकदमा चलाने की प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है। पश्चिमी जिले के एसडीएम पहले ही वर्ष 2011 की जन्मतिथि वाले उसके जन्म प्रमाण पत्र को निरस्त कर चुके हैं।

किशोर न्याय बोर्ड-VII, द्वारका की प्रधान मजिस्ट्रेट चित्रांशी अरोड़ा और सदस्य पूनम उपाध्याय व चंद्र सुमन कुमार की पीठ ने उत्तम नगर थाने में दर्ज प्राथमिकी में उम्र निर्धारण का आदेश दिया।

बोर्ड ने स्कूल के रिकार्ड में दर्ज 7 अक्टूबर 2011 की जन्मतिथि को स्वीकार नहीं किया। उसने नगर निगम के पुराने जन्म पंजीकरण को अधिक विश्वसनीय माना। मामले में जांच अधिकारी ने स्कूल के दस्तावेज पेश किए थे, जिनमें फैजान की जन्मतिथि 7 अक्टूबर 2011 दर्ज थी।

शिकायतकर्ता के अधिवक्ता सुमित चौहान ने इस पर आपत्ति जताते हुए नगर निगम के वर्ष 2008 के जन्म रिकार्ड का हवाला दिया था। इसके बाद मामला अपीलीय अदालत पहुंचा। अपीलीय अदालत के 9 जून के आदेश के बाद जेजेबी को उम्र का नए सिरे से निर्धारण करने के निर्देश दिए गए थे।

किशोर न्याय अधिनियम के तहत बोर्ड ने दोनों जन्मतिथियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। नगर निगम के सब-रजिस्ट्रार की ओर से पेश रिकार्ड में जन्मतिथि 7 अक्टूबर 2007 और पंजीकरण की तारीख 27 फरवरी 2008 दर्ज थी।

यह रिकार्ड करीब 18 वर्ष पहले का था और इसे निरस्त नहीं किया गया था। वर्ष 2018 में विलंबित पंजीकरण के जरिये 2011 की जन्मतिथि वाला दूसरा जन्म प्रमाण पत्र बनवाया गया था। बोर्ड ने यह भी पाया कि स्कूल में दर्ज जन्मतिथि माता-पिता के हलफनामे पर आधारित थी।

अन्य पहचान दस्तावेजों में जन्म वर्ष 2007 दर्ज होने और माता-पिता के बयानों में विरोधाभास को भी ध्यान में रखा गया। बोर्ड ने उपलब्ध वैधानिक दस्तावेजों को मेडिकल जांच और तस्वीरों के आधार पर उम्र निर्धारित करने से अधिक विश्वसनीय माना। सभी साक्ष्यों की समीक्षा के बाद बोर्ड ने फैजान की जन्मतिथि 7 अक्टूबर 2007 तय कर दी। इस फैसले से तरुण हत्याकांड में आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता स्पष्ट हो गया है।

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