जामिया की ताजीन सिद्दीकी ने साइकोलॉजी में रचा इतिहास, 100 परसेंटाइल के साथ UGC-NET में हासिल की AIR-1
जामिया की ताजीन सिद्दीकी ने यूजीसी-नेट साइकोलाजी परीक्षा में 100 परसेंटाइल हासिल कर आल इंडिया रैंक एक प्राप्त की। उन्होंने नियमित रिवीजन, फ्लैशकार्ड और यूट्यूब से नोट्स बनाकर सफलता पाई।

ताजीन सिद्दीकी।
HighLights
ताजीन सिद्दीकी ने यूजीसी नेट साइकोलाजी में 100 परसेंटाइल हासिल किए।
22,864 उम्मीदवारों में आल इंडिया रैंक एक प्राप्त की।
नियमित रिवीजन, फ्लैशकार्ड, यूट्यूब से नोट्स बनाकर सफलता पाई।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। जामिया में साइकोलाजी विभाग में प्रो. शीमा अलीम की देखरेख में पीएचडी कर रहीं ताजीन सिद्दीकी ने साइकोलाजी में यूजीसी-नेट परीक्षा में 100 परसेंटाइल लाकर टाप किया है।
परीक्षा में शामिल हुए करीब 22,864 उम्मीदवारों में से ताजीन ने आल इंडिया रैंक एक हासिल कर जेआरएफ और असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए क्वालिफाई किया है। उनकी रिसर्च गाइड प्रो. शीमा अलीम ने कहा कि यह छात्रा की कड़ी मेहनत का परिणाम है और उनकी इस उपलब्धि ने हम गौरवान्वित हैं।
उन्होंने कहा कि युवा उच्च शिक्षा और रिसर्च के लिए जामिया को चुन रहे हैं यह संस्थान की अकादमिक उत्कृष्टता को दर्शाता है।
इंटरनेट मीडिया का सही इस्तेमाल जरूरी
दक्षिणी दिल्ली के ओखला की रहने वालीं ताजीन बताती हैं कि हर चैप्टर की नियमित रूप से रिवीजन करना दिनचर्या का हिस्सा था। इसके अलावा पिछले सालों के प्रश्न पत्रों से तैयारी की और रिवीजन के लिए फ्लैशकार्ड बनाए, जिनसे परीक्षा के दौरान तैयारी में मदद मिली।
इसके साथ ही यूट्यूब पर विशेषज्ञों के वीडियो से भी नोट्स बनाए। ताजीन का मानना है कि इंटरनेट मीडिया पढ़ाई में बाधा नहीं बनता। अगर इसका इस्तेमाल पढ़ाई के अलावा संतुलित तौर पर किया जाए तो इससे दूरी बनाना जरूरी नहीं।
परिवार में पिता डा. तारिक इकबाल सिद्दीकी की अपनी मार्केटिंग व एडवरटाइजिंग कंपनी है और मां तहमीना पहले शिक्षिका थीं फिलहाल गृहिणी हैं।
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