परिवार से बात करने के लिए यूक्रेनी कैदियों ने खटखटाया HC का दरवाजा, 2022 के फैसले को दी चुनौती
तिहाड़ जेल में बंद छह यूक्रेनी नागरिकों ने परिवार से ई-मुलाकात की सुविधा न मिलने पर दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

दिल्ली हाई कोर्ट, फाइल फोटो।
HighLights
छह यूक्रेनी कैदियों ने ई-मुलाकात सुविधा मांगी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने जेल प्रशासन से जवाब मांगा।
आतंकी मामलों में विदेशियों पर प्रतिबंध को चुनौती।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। अपने परिवार के सदस्यों के साथ ई-मुलाकात (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) की सुविधा न मिलने से परेशान छह यूक्रेनी नागरिकों की संयुक्त याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को जेल प्रशासन से जवाब मांगा है।
आतंकी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किए गए यूक्रेनी नागरिक तिहाड़ जेल में बंद हैं। यूक्रेनी नागरिकों ने देश के खिलाफ आतंकवादी अपराधों में गिरफ्तार विदेशियों को परिवार के साथ ई-मुलाकात करने से रोकने संबंधी वर्ष 2022 के आदेश को चुनौती दी है।
अदालत ने जेल प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 21 सितंबर के लिए तय कर दी।
