तवा, डंबल और बैटरी... घर की चीजें कैसे बन रही हैं मौत का सामान? दिल्ली-NCR में घरेलू हिंसा का डराने वाल सच
दिल्ली में घरेलू झगड़ों में रोजमर्रा की चीजें जानलेवा हथियार बन रही हैं, जहां तवा, डंबल और बैटरी जैसे सामानों से हत्या के कई मामले सामने आए हैं। विशेष ...और पढ़ें

घरेलू हिंसा के मामलों में घर पर पड़ीं चीजें बन रहीं हथियार। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
घरेलू झगड़ों में आम चीजें बन रही हैं जानलेवा हथियार
अचानक गुस्सा और भावनाओं पर काबू खोना मुख्य कारण
समय पर मदद और पुलिस संपर्क से रोकी जा सकती हिंसा
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कभी रोटी सेंकने वाला तवा, कमरे के कोने में रखा डंबल और घर की बिजली चलाने वाली बैटरी अब दिल्ली के कुछ घरों में खौफनाक वारदातों का हिस्सा बनते नजर आ रहे हैं।
घरेलू झगड़ों में जहां पहले चाकू सबसे आम हथियार माना जाता था, वहीं अब रोजमर्रा की चीजें अचानक हिंसा की वजह बन रही हैं।
दिल्ली में हाल के दिनों में सामने आए कई मामलों ने इस बदलते ट्रेंड की ओर ध्यान खींचा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन घटनाओं के पीछे अक्सर कोई बड़ी साजिश नहीं, बल्कि पल भर का गुस्सा और भावनाओं पर काबू खो देना होता है।

एक हफ्ते में सामने आए दो चौंकाने वाले मामले
इसी महीने बाहरी दिल्ली के तिलंगपुर कोटला गांव में 28 वर्षीय युवक ने पत्नी पर अवैध संबंधों का शक होने पर कथित तौर पर स्टोरेज बैटरी से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
वारदात के बाद उसने जहरीली गोलियां खा लीं, अपनी तीन साल की बेटी को बहन के घर छोड़ा और अपराध कबूल करने के कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई।
इसके महज तीन दिन बाद दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ में 48 वर्षीय व्यक्ति ने देर रात हुए विवाद के बाद कथित तौर पर तवे से हमला कर पत्नी की जान ले ली।
आरोपी खुद थाने पहुंचा और पुलिस के सामने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने यह भी दावा किया कि वह सिजोफ्रेनिया से पीड़ित है।
डंबल, हथौड़ा और कैंची भी बन चुके हैं हथियार
पिछले महीने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गौतमपुरी इलाके में एक व्यक्ति ने घरेलू विवाद के बाद कथित तौर पर हथौड़े से हमला कर पत्नी की हत्या कर दी थी। घटना के बाद उसने अपने दोस्त को फोन कर बताया कि उसकी पत्नी बेहोश है।
इसी साल दिल्ली पुलिस की स्वाट कमांडो काजल चौधरी, जो चार महीने की गर्भवती थीं, की कथित तौर पर उनके पति द्वारा डंबल से किए गए हमले में मौत हो गई थी।
वहीं, पिछले साल अगस्त में बेटे के जन्मदिन के तोहफे को लेकर हुए विवाद के बाद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर पत्नी और सास की कैंची से हत्या कर दी थी।

अचानक गुस्सा है हिंसा की वजह
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि इन मामलों में इस्तेमाल की गई चीजें यह बताती हैं कि ज्यादातर घटनाएं पहले से तय नहीं होतीं। घर में मौजूद सामान का हथियार के तौर पर इस्तेमाल इस बात का संकेत है कि अपराध अचानक गुस्से के उबाल में हुआ।
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मनोवैज्ञानिकों का कहना हैं कि ऐसे मामलों में अक्सर लोग मौके पर जो चीज हाथ लगती है, उसी का इस्तेमाल कर बैठते हैं। कई बार गुस्सा शांत होने के बाद उन्हें अपने किए का अहसास होता है और वे अपराध स्वीकार भी कर लेते हैं।
हिंसा से पहले मिलते हैं कई संकेत
विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसी घटनाओं से पहले कई चेतावनी संकेत नजर आते हैं। लगातार झगड़े, गाली-गलौज, डराना-धमकाना, जरूरत से ज्यादा नियंत्रण रखने की कोशिश और शारीरिक हिंसा जैसी बातें अक्सर बड़े अपराध का रूप ले सकती हैं।
दिलचस्प बात यह है कि अब इस तरह की घटनाएं सिर्फ आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर तबकों तक सीमित नहीं हैं। महानगरों में पढ़े-लिखे और पेशेवर लोगों के बीच भी घरेलू हिंसा के मामले बढ़ रहे हैं।

समय रहते मदद लेना जरूरी है
विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू हिंसा का सामना कर रहे लोगों को चुप रहने के बजाय परिवार और दोस्तों से बात करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग लेनी चाहिए।
खतरा महसूस होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए। उनका मानना है कि सही समय पर उठाया गया कदम किसी भी घरेलू विवाद को खौफनाक अंजाम तक पहुंचने से रोक सकता है।
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