यमुनापार में खुले नाले बने जानलेवा, विभाग की लापरवाही से बढ़ रहा खतरा; जान हथेली पर लेकर गुजर रहे लोग
यमुनापार क्षेत्र में कई स्थानों पर नालों के स्लैब टूटे या गायब होने से हादसों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासी लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन विभाग ...और पढ़ें
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यमुनापार में नालों के स्लैब टूटे और खुले पड़े होने से हादसों का खतरा बढ़ गया। (एआई से निर्मित ग्राफिक्स)
HighLights
यमुनापार में टूटे/गायब नालों के स्लैब से खतरा।
स्थानीय निवासियों की शिकायतें अनसुनी, हादसे जारी।
रात में अंधेरा, बारिश में स्थिति और खतरनाक।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। यमुनापार क्षेत्र में कई जगहों पर नालों के स्लैब टूटे और खुले पड़े होने से हादसों का खतरा बढ़ गया है। कोंडली, मौजपुर, मंडावली, भजनपुरा और करावल नगर समेत कई इलाकों में लोग रोजाना जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले भी कई बार राहगीर, बच्चे और दोपहिया वाहन चालक इन खुले नालों में गिरकर घायल हो चुके हैं, लेकिन संबंधित विभाग स्थायी समाधान नहीं कर रहा। रात के समय अंधेरे में खतरा और बढ़ जाता है।
लोगों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि आइपी एक्टेंशन सद्भावना अपार्टमेंट के सामने नाले की स्लैब कई माह से गायब है। विभाग लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है। बार-बार शिकायत के बाद भी समाधान नही हो रहा है जिसके कारण रोजाना जान हथेली पर लेकर चलना पड़ता है।
रात में स्ट्रीट लाइटें भी ठीक से काम नही करती
भवानी प्रसाद ने बताया कि रात में स्ट्रीट लाइटें भी ठीक से काम नही करती जिस कारण रात के समय घर से निकलने में डर लगता है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ रहना पड़ता है। जय कुमार बताते है कि गाजीपुर एरिया में जगह जगह नालों के ऊपर से स्लैब गायब है। लगातार शिकायतों के बाद भी समाधान ही हुआ है। अधिकारियों की लापरवाही की वजह से लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लगातार स्लैब लगाने के काम चल रहा है। जहां स्लैब गायब है उस जगह लगा दी जाएगी। कुछ समय पहले स्लैब चोरी हुए थे। इसकी शिकायत भी दर्ज करवाई थी।
लोगों ने बताया
क्षेत्र में कई जगह नालों के स्लैब टूटे पड़े हैं। बच्चे स्कूल जाते समय डरते हैं। कई बार लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं, लेकिन विभाग कोई स्थायी समाधान नहीं कर रहा। -जगदीश
रात के समय सबसे ज्यादा परेशानी होती है। स्ट्रीट लाइट बंद रहने से खुले नाले दिखाई नहीं देते। बुजुर्ग और महिलाएं घर से निकलने में डर महसूस करती हैं। -नितिन
बारिश होने पर स्थिति और खतरनाक हो जाती है। पानी भरने से पता ही नहीं चलता कि नाला कहां खुला है। शिकायतों के बावजूद अधिकारी केवल आश्वासन देते हैं। -प्रकाश
दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह बड़ी समस्या बन गई है। कई बार बाइक सवार संतुलन खोकर गिर चुके हैं। प्रशासन को तुरंत टूटे स्लैब बदलने चाहिए ताकि बड़ा हादसा न हो। -अभिनव
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