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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    समय नहीं, बल्कि खगोलिय जानकारियां देती है यह 600 साल पुरानी घड़ी, जानें इससे जुड़ी कुछ रोचक बातें

    Updated: Sun, 02 Jun 2024 11:00 AM (IST)

    प्राग एक बेहद खूबसूरत जगह है जहां ऐसी कई आकर्षक चीजें हैं जो दुनियाभर से सैलानियों को अपनी ओर खींचती हैं। इन्हीं आकर्षणों में Prague Orlo एक एस्ट्रोनॉ ...और पढ़ें

    मामूली नहीं है Prague की ये घड़ी (Picture Courtesy: Instagram)
    मामूली नहीं है Prague की ये घड़ी (Picture Courtesy: Instagram)

    HighLights

    1. चेक रिपब्लिक की राजधानी प्राग में एक एस्ट्रोनॉमिकल घड़ी है।
    2. यह घड़ी 600 साल पहले 1410 में लगाई गई थी।
    3. यह घड़ी सूरज और चंद्रमा की स्थिति और ईसाई धर्म के पवित्र दिनों के बारे में बताती है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। घड़ियां तो आपने खूब देखी होंगी, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी घड़ी के बारे में बताने वाले हैं, जो 600 साल पुरानी है और साधारण घड़ियों की तरह समय नहीं बताती है, बल्कि सूर्य और चंद्रमा की स्थिति बताती है। यह घड़ी चेक गणराज्य की राजधानी प्राग में मौजूद है। यह घड़ी (Prague Astronomical Clock) इतनी अनोखी है कि इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं। इस आर्टिकल में हम इसी अनोखी घड़ी के बारे में जानेंगे। आइए जानते हैं कब बनी थी यह घड़ी और क्या-क्या दर्शाती है।

    प्राग न केवल वहां की राजधानी है, बल्कि एक बेहद खूबसूरत शहर भी है। इस शहर में कई ऐसी दर्लभ चीजें और इमारतें मौजूद हैं, जो दुनियाभर में आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इसके कारण यहां सैलानियों का तांता लगा रहता है। इस शहर के प्रमुख आकर्षणों में यह घड़ी भी शामिल है। यह एक एस्ट्रोनॉमिकल वॉच है, जो खगोलिय सूचनाएं देने के लिए बनाई गई थी। इसे प्राग ओर्लोज के नाम से जाना जाता है।

    नक्षत्रों का स्थिति बताती है

    प्राग में ओल्ड टाउन स्क्वेयर के ओल्ड टाउन हाल पर लगी इस घड़ी को 1410 में लगाया गया था। इस घड़ी के आस-पास कैथोलिक संतों की मूर्तियां और 12 राशियों के चिन्ह लगे हुए हैं। इतना ही नहीं, यह घड़ी सूर्य-चंद्रमा की स्थिति, ग्रहों की स्थिति, अलग-अलग राशियों में नक्षत्रों का प्रवेश जैसी कई खगोलिय सूचनाएं यह घड़ी प्रदान करती है। जब से इस घड़ी को लगाया गया है, तब से लेकर आजतक यह घड़ी चल ही रही है। हां, इसमें कुछ खराबियां भी हुई और उन्हें सुधारा भी गयास, लेकिन आज भी यह घड़ी अपना काम कर रही है।

    (Picture Courtesy: Instagram)

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    क्यों कर ली थी इसके निर्माता ने आत्महत्या?

    1410 में जब इस घड़ी को लगाया गया था, तब लोग मिनटों और घंटों में समय नहीं देखते थे। वे इस घड़ी का इस्तेमाल सूर्यास्त, सूर्योदय की स्थिति पता करने और ईसाई धर्म के पवित्र दिनों के बारे में जानने के लिए करते थे। इस घड़ी से जुड़ी कई रोचक कहानियां भी हैं। इन्हीं में एक किस्सा कुछ ऐसा है कि इस घड़ी का निर्माण मास्टर हैनस ने की थी, जो वहां के राजा के आदेश पर उन्होंने बनाया था। लेकिन यह घड़ी इतनी शानदार थी कि अन्य जगहों से भी इस घड़ी के लिए ऑर्डर आने लगे थे। लेकिन वहां के राजा नहीं चाहते थे कि ऐसी घड़ी किसी और जगह पर भी हो। इसलिए उन्होंने इस घड़ी के निर्माता को अंधा कर दिया था।

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    इसके आगे कहानी कुछ यूं है कि घड़ी के निर्माता नहीं चाहते थे कि कोई इस घड़ी को चला सके। इसलिए उन्होंने खुदकुशी कर ली थी। हालांकि, किसी और घड़ी साज ने बाद में इसकी मरम्मत की और इसे चलाया। इस अनोखे किस्से को जानकर आप अनुमान लगा सकते हैं कि यह कितनी शानदार घड़ी होगी, जो इतने सालों से आज तक चले जा रही है।

    (Picture Courtesy: Instagram)

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