जब हाथों से लिखी जाती थीं खबरें! जानिए 400 साल पहले दुनिया का पहला अखबार छपने की दिलचस्प कहानी
दुनिया का पहला प्रिंटेड अखबार 1605 में स्ट्रासबर्ग में योहान कैरोलुस ने प्रकाशित किया था। इसने हाथ से लिखी खबरों के युग को बदलकर सूचना के प्रसार में क ...और पढ़ें

दुनिया का पहला प्रिंटेड अखबार (Picture Courtesy: Facebook)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सुबह-सुबह अखबार वाला आपके घर आज का न्यूजपेपर देकर जाता होगा। सुबह की चाय के साथ देश-विदेश का हाल जानने के लिए लोग सुबह के समय अखबार पढ़ते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं सबसे पहली बार अखबार कहां और कब छपा था?
अखबार का इतिहास जितना पुराना है, उतना ही दिलचस्प भी है। आइए जानें दुनिया के सबसे पहले अखबार के छपने की कहानी।
हाथ से लिखने से प्रिंटिंग प्रेस तक का सफर
अखबार छपने की शुरुआत साल 1605 में यूरोप के स्ट्रासबर्ग शहर में हुई थी। योहान कैरोलुस नाम के एक व्यक्ति ने दुनिया का सबसे पहला प्रिंटेड अखबार प्रकाशित किया था, जिसने पत्रकारिता के इतिहास को बदल दिया। इस अखबार का नाम रिलेशन आलर फ्यूरमेन उंड गेडेंकवुर्डिगेन हिस्टोरियन रखा गया था।
अखबार की प्रिंटिंग शुरू होने से पहले कैलोलुस खुद अपने हाथों से अखबार लिखा करते थे। इस अखबार में अलग-अलग देशों से जुड़ी जरूर घटनाओं की जानकारी शामिल होती थी। हालांकि, हाथ से लिखने के कारण खबरें बहुत सीमित लोगों तक ही पहुंच पाती थीं। हाथ से लिखने में समय लगता था और मेहनत भी बहुत ज्यादा होती थी, इसलिए अखबार सीमित मात्रा में ही तैयार हो पाते थे।
जब उन्हें प्रिंटिंग प्रेस मिली, तो उन्होंने खबरों को एक जैसी कॉपी में छापना शुरू कर दिया। इससे एक ही खबर को एक साथ कई लोगों तक पहुंचाना आसान हो गया। यही से हर हफ्ते अखबार छापने और बांटने की व्यवस्था शुरू हुई। शुरुआत में यह अखबार सप्ताहिक आधार पर ही छपा करता था, रोज नहीं।
खबरें और भी
आज से कितना अलग था पहला अखबार?
आज के अखबार आपने देखे हैं, बड़े-बड़े पन्ने, जिनमें हर पन्ने पर अलग-अलग विषयों की खबरें छपी होती हैं। नेशनल, स्टेट, स्पोर्ट्स, संपादकीय आदि, लेकिन सबसे पहला अखबार रिलेशन ऐसा नहीं था। वह असल में एक किताब के आकार की समाचार-पुस्तिका हुआ करती थी।
भले ही इसका स्वरूप अलग था, लेकिन इसमें छपने वाला कंटेंट बेहद खास होता था। इसमें अलग-अलग जगहों से इकट्ठा हुई खबरें, जैसे- राजनीतिक घटनाएं, युद्ध, राजघरानों की गतिविधियां और दूसरी जरूरी खबरें शामिल होती थीं।
एक नई शुरुआत
अलग-अलग जगहों से नियमित रूप से खबरें जुटाना और फिर उन्हें छापकर लोगों तक पहुंचाना, उस दौर में एक बिल्कुल नई और अनोखी व्यवस्था थी। कैरोलुस की इस पहल ने सूचना और समाचार के क्षेत्र में क्रांति ला दी। इसके बाद यूरोप के कई दूसरे शहरों में भी नियमित रूप से समाचारों का प्रकाशन तेजी से शुरू होने लगा, जिसने आधुनिक प्रिंट का रास्ता साफ किया।