असम में भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को तीन-चौथाई बहुमत, राज्य में कांग्रेस के तीन पूर्व सीएम के बेटे चुनाव हारे
पूर्वोत्तर के सबसे प्रभावशाली नेता माने जाने वाले सरमा अब भाजपा के एक प्रमुख प्रचारक के रूप में उभरे हैं, ...और पढ़ें

असम में भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को तीन-चौथाई बहुमत (फोटो- एक्स)
HighLights
असम में भाजपा सरकार की हैट्रिक, 126 सदस्यीय विस में 101 सीटें जीतीं
असम में कांग्रेस के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे चुनाव हारे
पीटीआई, गुवाहाटी। पूर्वोत्तर राज्य असम में हैट्रिक लगाने के साथ ही मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने चुनावी जीत का शतक पार कर ली है। सत्तारूढ़ राजग ने असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। इसमें गठबंधन ने सोमवार को 126 सदस्यीय विधानसभा में 101 सीटें जीतीं हैं।
खुद मुख्यमंत्री सरमा ने जलुकबाड़ी निर्वाचन क्षेत्र से लगातार छठी बार जीत हासिल की है। उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार बिदिशा नेओग को 89,434 मतों से हराया।
भाजपा के एक प्रमुख प्रचारक के रूप में उभरे हैं सरमा
पूर्वोत्तर के सबसे प्रभावशाली नेता माने जाने वाले सरमा अब भाजपा के एक प्रमुख प्रचारक के रूप में उभरे हैं, जो चुनावी राज्यों में पार्टी के मुख्य एजेंडे का आक्रामकता से समर्थन कर रहे हैं।
2015 में कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने के बाद असम और पूर्वोत्तर में भाजपा के प्रभाव को बढ़ाने का श्रेय उन्हें दिया जाता है। भाजपा ने 82 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी बोडो पीपल्स फ्रंट (बीपीएफ) और असम गण परिषद (एजीपी) ने 10-10 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की।
विपक्षी खेमे में कांग्रेस ने 19 सीटें जीतीं
विपक्षी खेमे में कांग्रेस ने 19 सीटें जीतीं, जबकि बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाले एआइयूडीएफ और अखिल गोगोई के नेतृत्व वाले रायजोर दल ने दो-दो सीटें जीतीं और तृणमूल कांग्रेस ने एक निर्वाचन क्षेत्र जीता।
कांग्रेस को एक बड़ा झटका तब लगा जब उसके प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई जोरहाट में भाजपा विधायक हितेंद्रनाथ गोस्वामी से 23,181 मतों से हार गए। प्रमुख भाजपा विजेताओं में मंत्री अजानता नेओग (गोलाघाट), रनोज पेगु (धेमाजी), पिजूष हजारिका (जगिरोआद), कौशिक राय (लखीपुर), प्रशांत फुकन (डिब्रूगढ़), कृष्णेंदु पाल (पथरकंडी) और बिमल बोरा (टिंगखोंग) शामिल हैं।
कांग्रेस उम्मीदवार आसिफ मोहम्मद नजर और अफताबुद्दीन मोल्ला ने क्रमश: लहरिघाट और जलेश्वर निर्वाचन क्षेत्रों से जीत हासिल की। एआइयूडीएफ के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने बिन्नाकंदी से और मजीबुर रहमान दलगांव से जीते। प्रमुख उम्मीदवारों में से जो चुनाव हार गए हैं, उनमें विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया, असम जातीय परिषद के अध्यक्ष लुरिंज्योति सैकिया और पूर्व राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता रिपुन बोराह शामिल हैं।
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितेंद्र सिंह ने असम विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की करारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए, पार्टी के असम प्रभारी महासचिव पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया।
असम में कांग्रेस के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे चुनाव हारे
असम विधानसभा चुनाव में तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे हार गए, जिनमें राज्य कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई और निवर्तमान विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया शामिल हैं।
गोगोई के पिता स्वर्गीय तरुण गोगोई, राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं और 15 वर्षों तक कांग्रेस सरकार का नेतृत्व कर चुके हैं। दो बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय हितेश्वर सैकिया के पुत्र देबब्रत सैकिया नाजिरा सीट पर अपने परिवार का गढ़ बरकरार रखने में असफल रहे।
हार का सामना करने वाले तीसरे पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र दिगंता बर्मन है, जिनके पिता स्वर्गीय भूमिधर बर्मन ने हितेश्वर सैकिया के कार्यकाल के दौरान निधन होने पर कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था।
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