यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
MP Election Result 2023: क्या राजस्थान और छत्तीसगढ़ में गुटबाजी रही कांग्रेस की हार की सबसे बड़ी वजह?
Rajasthan Election Result 2023 चुनाव आयोग रविवार (3 दिसंबर) को मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ राजस्थान और तेलंगाना के चुनावी परिणाम जारी कर दिए। मध्य प्रदेश छत ...और पढ़ें

HighLights
- पूरे चुनाव प्रचार में नदारद दिखे सचिन पायलट
- सार्वजनिक रूप से सामने आई थी गहलोत-पायलट की लड़ाई
- सीएम पद को लेकर सिंहदेव-बघेल में रही खींचतान
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चुनाव आयोग रविवार (3 दिसंबर) को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना के चुनावी परिणाम जारी कर दिए। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल करते हुए सरकार बनाने जा रही है। वहीं, कांग्रेस को इन तीनों ही राज्यों में बुरी हार मिली है, जबकि पार्टी तेलंगाना में शानदार जीत दर्ज करने में कामयाब रही।
इस बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सरकार रहते हुए भी कांग्रेस चुनाव क्यों हार गई। कांग्रेस की हार के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन हार के कारणों में जो सबसे आम बात है वो यह कि छत्तीसगढ़ और राजस्थान के राज्य नेतृत्व में भारी गुटबंदी थी।
पूरे चुनाव प्रचार में नदारद दिखे सचिन पायलट
राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट चुनाव तो जरूर जीत गए, मगर पार्टी को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। अगर चुनाव पर नजर डालें तो सचिन पायलट पूरे चुनाव प्रचार अभियान में उस तरह से नजर नहीं आए जैसे वो साल 2018 के विधानसभा चुनाव में नजर आए थे।
सार्वजनिक रूप से सामने आई थी गहलोत-पायलट की लड़ाई
पायलट और गहलोत के बीच के रिश्ते कितने कड़वे हैं यह सार्वजनिक रूप से सामने आ चुका है। राजस्थान में कांग्रेस की हार के पीछे अशोक गहलोत और सचिन पायलट का एक साथ में और पूरे मन से चुनाव नहीं लड़ना भी माना जा रहा है। इस बीच आज आए चुनावी नतीजों में सचिन पायलट 29,475 के अंतर से जीतने में सफल रहे। वहीं, अशोक गहलोत भी सरदारपुरा से 26396 वोटों से जीते।
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छत्तीसगढ़ से कांग्रेस को सबसे ज्यादा जीतने की उम्मीद थी
वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस को सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़ जीतने की उम्मीद थी, लेकिन यहां भी पार्टी का प्रदर्शन काफी बुरा रहा। यहां बीजेपी ने 90 में से 54 सीटें जीतने में कामयाब रही, लेकिन इसके मुकाबले में कांग्रेस को महज 36 सीटें ही मिली हैं।
सीएम पद को लेकर सिंहदेव-बघेल में रही खींचतान
छत्तीसगढ़ में साल 2018 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद ढाई-ढाई साल के लिए पूर्व सीएम भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव को मुख्यमंत्री बनाने की सहमति बनी थी, लेकिन इसके उलट भूपेश बघेल लगातार पांच साल तक के लिए मुख्यमंत्री रहे। टीएस सिंहदेव और बघेल के बीच इसी बात को लेकर तनातनी रही और यह विवाद इस बार के चुनाव में भी देखने को मिला है।
चुनाव हारे टीएस सिंहदेव
सरकार के कार्यकाल के आखिर में टीएस सिंहदेव को भले ही छत्तीसगढ़ का उप मुख्यमंत्री बना दिया गया, मगर वो कांग्रेस के चुनाव प्रचार में कम ही दिखाई दिए। इसके साथ ही टीएस सिंहदेव छत्तीसगढ़ विधानसभा का चुनाव हार गए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चिनाव जीतने में कामयाब रहे हैं।