यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Delhi Election 2025: चुनाव में एक तिहाई सीटों पर खास फोकस कर रही कांग्रेस, मुस्लिम वोटरों को साधने की तैयारी
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों में जुटी कांग्रेस एक तिहाई सीटों पर खास फोकस कर रही है। इनमें से अधिकांश सीटें मुस्लिम निम्न मध्यमवर्गीय और अन ...और पढ़ें

HighLights
- मुस्लिम, निम्न मध्यमवर्गीय और अनुसूचित जाति एवं जनजाति मतदाता बहुल इन सीटों पर लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को मिला अच्छा मत
- इन्हीं में से एक सीलमपुर विधानसभा क्षेत्र से 13 जनवरी को रैली कर चुनाव प्रचार का शंखनाद करेंगे राहुल गांधी
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। लोकसभा में 'आप' के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाली प्रदेश कांग्रेस अब विधानसभा चुनाव के लिए अपने दम पर तैयारी कर रही है। इसके तहत संगठन की मजबूती के साथ साथ एक तिहाई सीटों पर खास फाेकस और आम आदमी के प्रति आक्रामकता की रणनीति पर भी काम हो रहा है।
दिल्ली में 70 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से 25-26 ऐसी हैं, जहां मुस्लिम, निम्न मध्यमवर्गीय और अनुसूचित जाति एवं जनजाति मतदाता बहुलता में है। लोकसभा चुनाव में भी इन सीटों पर पार्टी को अच्छा वोट मिला है। इन सीटों में मंगोलपुरी, सुल्तानपुरी, बाबरपुर, सीमापुरी, सीलमपुर, मुस्तफाबाद, गोकलपुर, चांदनी चौक, मटिया महल और बल्लीमारान प्रमुख है। इनमें से ज्यादातर सीटों पर पार्टी ने समय से उम्मीदवारों की घोषणा भी कर दी है ताकि उन्हें क्षेत्र में जनसंपर्क के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
प्रदेश कांग्रेस के नेता जानते हैं कि उनका मुकाबला आप और भाजपा दोनों से है। लेकिन भाजपा का जहां अपना कैडर वोट है वहीं आप का सारा वोट बैंक कांग्रेस वाला ही है। इसलिए कांग्रेस की रणनीति आप के प्रति खासतौर पर आक्रामक रहेगी। वह एक ओर आप सरकार की विफलता उजागर करेगी वहीं शीला दीक्षित सरकार के 15 साल लंबे कार्यकाल की उपलब्धियां भी जनता को याद दिलाएगी।
मुस्लिमों के सहारे वोट प्रतिशत बढ़ाने पर फोकस
अमूमन देखा गया है कि दिल्ली में पांच ऐसी सीटें हैं, जो मुस्लिम बाहुल्य है। इनमें ओखला (43 प्रतिशत), सीलमपुर (50 प्रतिशत), मुस्तफाबाद (37 प्रतिशत), बल्लीमारान (38 प्रतिशत), मटियामहल (49 प्रतिशत) आदि शामिल हैं। कांग्रेस इनमें तो मुस्लिम प्रत्याशी उतार ही रही है, कई हिंदू बाहुल्य सीटों पर भी मुस्लिम प्रत्याशी उतारने की तैयारी है। मकसद सिर्फ यही है कि किसी तरह से वोट प्रतिशत बढ़ जाए।
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राहुल गांधी की रैली भी इसी के अनुरूप की गई तय
सीलमपुर में कांग्रेस ने आप के बागी विधायक अब्दुल रहमान को टिकट दी है। मुस्तफाबाद से अली मेहदी मैदान में हैं। मटियामहल से आसिम मोहम्मद खान को उतारा गया है तो बल्लीमारान से हारून यूसुफ को टिकट दी गई है। बाबरपुर से आप के बागी विधायक मोहम्मद इशराक खान कांग्रेस की टिकट पर लड़ रहे हैं। ऐसे में सीलमपुर से अपनी पहली रैली कर राहुल गांधी इस समुदाय को एक संदेश देना चाहते हैं।
कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। अनेक रणनीतियों के साथ संगठन की मजबूती पर भी शिद्दत से काम किया जा रहा है। हमें उम्मीद ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास है कि इस बार कांग्रेस का प्रदर्शन काफी बेहतर रहेगा। -देवेंद्र यादव, अध्यक्ष, दिल्ली कांग्रेस