यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Assembly Polls: मध्य प्रदेश सहित पांच राज्यों में चुनाव का एलान अब कभी भी, EC ने चर्चा में दिए संकेत
राजनीतिक लिहाज से अहम माने जा रहे मध्य प्रदेश राजस्थान छत्तीसगढ़ सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव का अब कभी भी एलान हो सकता है। चुनाव आयोग ने इन सभ ...और पढ़ें

HighLights
- चुनाव आयोग ने चुनाव पर्यवेक्षकों से चर्चा में दिए संकेत
- इन राज्यों में 2018 में छह अक्टूबर को हुआ था चुनाव का एलान
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राजनीतिक लिहाज से अहम माने जा रहे मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव का अब कभी भी एलान हो सकता है। चुनाव आयोग (Election Commission) ने इन सभी पांच राज्यों में चुनाव से जुड़ी अपनी तैयारियों को पूरा कर लिया है। साथ ही यह संकेत दिए है कि चुनावी कार्यक्रम अब किसी भी समय घोषित किए जा सकते है। ऐसे में यह एलान रविवार को भी हो सकता है।
वैसे भी इन राज्यों में पिछले दो विधानसभा चुनावों में चुनावी कार्यक्रमों को घोषित करने का जो ट्रेंड रहा है उसके तहत अक्टूबर के पहले हफ्ते में ही चुनाव घोषित होता रहा है। वर्ष 2103 में यह चार अक्टूबर को तो 2018 में छह अक्टूबर को घोषित हुआ था।
चुनाव आयोग की बैठक
चुनाव आयोग ने मिजोरम, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना का बारी-बारी से दौरा किया और जमीनी तैयारियों को परखा। आयोग ने इस बीच पांच राज्यों से जुड़ी चुनावी तैयारियों को लेकर अपनी अंतिम बैठक छह अक्टूबर को पर्यवेक्षकों के साथ की। साथ ही उन्हें ज्यादा सतर्क होकर काम करने की सलाह दी। बैठक में चुनाव से जुड़े सामान्य पर्यवेक्षकों के साथ पुलिस और इनकम टैक्स से जुड़े पर्यवेक्षक भी शामिल थे।
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चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों की मानें तो आयोग ने पांच राज्यों में चुनाव कराने की जो योजना बनाई है, उसके तहत छत्तीसगढ़ को छोड़कर सभी राज्यों में एक चरण में ही चुनाव कराया जा सकता है, जबकि छत्तीसगढ़ में इसे दो चरणों में कराने की तैयारी है।
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छत्तीसगढ़ में दो चरणों में हो सकते हैं चुनाव
पहले भी छत्तीसगढ़ में दो चरणों में ही विधानसभा चुनाव हुए है। इस दौरान वोटिंग दीपावली के बाद नवंबर के आखिरी हफ्ते में या फिर दिसंबर के पहले हफ्ते में होंगे। जबकि इनके नतीजे पंद्रह दिसंबर के आसपास घोषित किए जा सकते है।
खासबात यह है कि पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में आयोग के सामने सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ा मुद्दा है। इनमें छत्तीसगढ़ सबसे अहम है, जहां नक्सली क्षेत्रों में सुरक्षित चुनाव को लेकर आयोग ने अलग से एक विस्तृत योजना बनाई है।