Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Bihar Election 2025 Date: बिहार चुनाव का एलान 6 अक्टूबर के बाद, निर्वाचन आयोग की मुख्य सचिव को चिट्ठी

    Updated: Thu, 25 Sep 2025 12:50 PM (IST)

    चुनाव आयोग ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों के स्थानांतरण ...और पढ़ें

    बिहार चुनाव का एलान 6 अक्टूबर के बाद
    बिहार चुनाव का एलान 6 अक्टूबर के बाद

    राज्य ब्यूरो, पटना। विधानसभा चुनाव घोषणा को लेकर उलटी गिनती शुरू हो गई है। चुनाव आयोग की तैयारियों से इसके संकेत मिल रहे हैं। आयोग ने बिहार सरकार के मुख्य सचिव एवं बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर से पिछले तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों के स्थानांतरण का आदेश दिया है। कार्रवाई की रिपोर्ट छह अक्टूबर तक मांगी है।

    आयोग ने यह भी कहा है कि चुनाव कार्य से जुड़ा कोई अधिकारी अपने गृह जिला में भी पदस्थापित नहीं रहेगा। कोई अधिकारी अपने गृह जिला में पदस्थापित है, तो वैसे अधिकारियों का तत्काल स्थानांतरण सुनिश्चित कराएं।

    किसे लिखी गई चिट्ठी

    • मुख्य सचिव, बिहार ।
    • पुलिस महानिदेशक, बिहार ।
    • सभी अपर मुख्य सचिव, बिहार ।
    • विकास आयुक्त, बिहार !
    • सभी प्रधान सचिव, बिहार ।
    • सभी सचिव, बिहार ।
    • सभी विभागाध्यक्ष, बिहार ।

    क्या है आयोग की नीति

    आयोग की नीति है कि चुनाव वाले राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव के संचालन से सीधे जुड़े अधिकारियों को उनके गृह जिला या उन स्थानों पर पदस्थापित नहीं किया जाता है, जहां वह एक लंबे समय से पदस्थापित हैं। इसलिए चुनाव से सीधे जुड़े किसी भी अधिकारी को गृह जिले में बने रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई अधिकारी पिछले चार वर्षों के दौरान किसी जिले में तीन वर्ष वर्ष पूरे किए हैं तो उसे स्थानांतरित किया जाए।

    इन अधिकारियों का होगा स्थानांतरण

    आयोग ने आदेश में कहा गया हैं कि डीएम, डीडीसी, बीडीओ, सीओ, जोनल आइजी, रेंज डीआइजी, राज्य सशस्त्र पुलिस के कमांडेंट, एसएसपी, एसपी, एडिशनल एसपी, इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर, सार्जेंट मेजर या समकक्ष रैंक के सभी अधिकारी आदि इस श्रेणी में आते हैं।

    यह भी पढ़ें- मैं 'हैदराबादी' और तुम 'हरियाणवी': सीमांचल में तेजस्वी के लिए नई टेंशन, AIMIM प्रमुख ओवैसी के निशाने पर कौन?

    यह भी पढ़ें- आपातकाल की आग भी नहीं रोक पाई थी कांग्रेस की राह, बिहार हारे पर पश्चिम चंपारण में कायम रहा दबदबा

    खबरें और भी