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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Ballia Lok Sabha Seat: कौन हैं नीरज शेखर, जिन्हें भाजपा ने बलिया से बनाया है उम्मीदवार, जानें इस सीट का राजनीतिक इतिहास

    Updated: Thu, 11 Apr 2024 03:08 PM (IST)

    Lok Sabha Election 2024 भाजपा ने बुधवार को लोकसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की दसवीं सूची जारी की जिसमें पार्टी ने कई सीटों पर उम्मीदवारों की घोष ...और पढ़ें

    Ballia Lok Sabha Seat: नीरज शेखर बलिया से पहले भी दो बार सांसद रह चुके हैं।
    Ballia Lok Sabha Seat: नीरज शेखर बलिया से पहले भी दो बार सांसद रह चुके हैं।

    चुनाव डेस्क, नई दिल्ली। भाजपा ने बुधवार को लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की दसवीं सूची जारी की थी, जिसमें पार्टी ने चंडीगढ़, बंगाल की आसनसोल के अलावा यूपी की सात सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की।

    उत्तर प्रदेश में भाजपा ने अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव के खिलाफ जयवीर सिंह को मैदान में उतारा है, वहीं प्रयागराज से नीरज त्रिपाठी को टिकट दिया है। इसके अलावा बीजेपी ने बलिया से पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह के बेटे नीरज शेखर को टिकट दिया है।

    गौरतलब है कि नीरज शेखर पहले भी बलिया से दो बार सांसद रह चुके हैं। 2007 में उनके पिता व पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की मृत्यु के बाद रिक्त हुई बलिया सीट से वह समाजवादी पार्टी के टिकट पर उपचुनाव जीतकर सांसद बने थे। 2009 में वह दोबारा यहां से जीतकर संसद पहुंचे।

    मोदी लहर में मिली हार

    हालांकि, नीरज शेखर को 2014 में मोदी लहर में बलिया से हार का सामना करना पड़ा। उन्हें भाजपा के भरत सिंह ने हराया था। इसके बाद वह सपा से राज्यसभा सांसद बने। 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया और राज्यसभा के सांसद चुने गए। वर्तमान में वह भाजपा से राज्यसभा सांसद हैं।

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    बलिया सीट का इतिहास

    गौरव पांडे, हजारी प्रसाद देवी समेत कई विभूतियों की जन्म स्थली रही बलिया की धरती पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की कर्मभूमि भी रही है। गौरवशाली अतीत को समेटे हुए बलिया का राजनीतिक इतिहास भी दिलचस्प रहा है। बिहार की सीमा से सटे इस लोकसभा सीट पर स्व. चंद्रशेखर और उनके परिवार का ही दबदबा रहा है।

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    पूर्व पीएम चंद्रशेखर आठ बार इस सीट से सांसद रह चुके हैं, इसके अलावा उनके बेटे नीरज दो बार यहां से सांसद चुने गए हैं और अब भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं। हालांकि, पिछले दो चुनाव से इस सीट पर भाजपा का कब्जा रहा है। 2019 में भाजपा के वीरेंद्र सिंह यहां से सांसद चुने गए थे। उन्होंने सपा के सनातन पांडे को हराया था। इसके पहले 2014 में भाजपा के भरत सिंह ने सपा के टिकट से लड़ रहे नीरज शेखर को मात दी थी।

    बलिया लोकसभा सीट में गाजीपुर की दो, मोहम्माबाद और जहूराबाद एवं बलिया की तीन, फेफना, बलिया नगर और बैरिया विधानसभाएं आती हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां की एक सीट पर जीत दर्ज की थी। इसके अलावा सपा के खाते में तीन एवं बसपा के खाते में दो सीटें गई थीं।

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