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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Chunavi Kissa: अमिताभ बच्चन के प्रचार के लिए राजीव गांधी ने दिल्ली से भिजवाई थीं 150 जीपें, सड़कों पर बिना नंबर दौड़ी थीं गाड़ियां

    Updated: Wed, 24 Apr 2024 02:47 PM (IST)

    Lok Sabha Election 2024 अमिताभ बच्चन ने वर्ष 1984 में कांग्रेस के टिकट पर इलाहाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में परिस्थितियां कुछ ऐसी बनी थीं ...और पढ़ें

    Lok Sabha Election 2024: अमिताभ का मुकाबला उस समय के दिग्गज नेता हेमवंती नंदन बहुगुणा से था।
    Lok Sabha Election 2024: अमिताभ का मुकाबला उस समय के दिग्गज नेता हेमवंती नंदन बहुगुणा से था।

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। महानायक अमिताभ बच्चन वर्ष 1984 में कांग्रेस की टिकट पर इलाहाबाद संसदीय सीट से चुनाव मैदान में थे। उनका मुकाबला उस समय के दिग्गज नेता हेमवंती नंदन बहुगुणा से था। केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे और उनके ही अनुरोध पर अमिताभ यहां चुनाव लड़ने आए थे।

    हेमवंती नंदन बहुगुणा ने मुख्यमंत्री व केंद्र में पेट्रोलियम, संचार मंत्री रहते हुए इलाहाबाद का बहुत विकास कराया था। नैनी जैसे इलाके में आईटीआई, बीपीसीएल, रेमंड आदि दो दर्जन से अधिक बड़ी फैक्ट्रियां स्थापित कराई थीं। इसमें हजारों कर्मचारी काम करते थे। उनका परिवार बहुगुणा के प्रति समर्पित था।

    प्रचार में जुटी थीं हस्तियां

    अमिताभ बच्चन के नामांकन के बाद पत्नी जया बच्चन व भाई अजिताभ भी चुनाव प्रचार में जुट गए थे। पन्ना लाल रोड स्थित सरकारी बंगले में अमिताभ बच्चन का केंद्रीय चुनाव कार्यालय खोला गया। इस बंगले में उनके मामा जे. राजन रहते थे। वह उप्र लोकसेवा आयोग के सदस्य थे।

    प्रचार शुरू हुआ तो इसी बंगले में बैठक हुई। वाहन की व्यवस्था कैसे हो, इस पर चर्चा हुई। दरअसल हेमवंती नंदन बहुगुणा ने सभी टैक्सियों की बुकिंग करा ली थी। ऐसे में प्रचार के लिए वाहन की समस्या थी। वरिष्ठ सपा नेता केके श्रीवास्तव बताते हैं कि बैठक में तय हुआ कि प्रधानमंत्री को इस बारे में बताया जाए। अमिताभ बच्चन ने राजीव गांधी को इसकी जानकारी दी।

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    सीधे शो-रूम से पहुंची गाड़ियां

    ठीक दूसरे दिन दिल्ली की एक वाहन कंपनी के शो-रूम से 150 नई जीपें निकालकर सीधे इलाहाबाद पहुंचा दी गईं और उनके माध्यम से अमिताभ बच्चन का चुनाव प्रचार किया जाने लगा। इन जीपों का आरटीओ में पंजीकरण नहीं था। इंश्योरेंस, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र भी नहीं था।

    वापस भिजवा दी गईं गाड़ियां

    बिना नंबर ही यह सड़क पर दौड़ने लगीं। हेमवंती नंदन बहुगुणा ने निर्वाचन आयोग में इसकी शिकायत की, लेकिन इसे संज्ञान में नहीं लिया गया। मतदान से 72 घंटे पहले चुनाव प्रचार बंद होते ही सभी जीपें दिल्ली स्थित शो-रूम में वापस भिजवा दी गईं। इस चुनाव में अमिताभ बच्चन भारी मतों के अंतर से जीते थे।

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