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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gurdaspur seat: हिंदू चेहरों पर दांव खेलने की तैयारी में पार्टियां, कांग्रेस में इन नामों पर मंथन तो शिअद किसी NRI को दे सकती है टिकट

Updated: Wed, 10 Apr 2024 05:55 PM (IST)

Lok Sabha Election 2024 पंजाब की हाईप्रोफाइल सीट बन चुकी गुरदासपुर सीट पर इस बार अभिनेता नहीं नेता मैदान में होंगे। भाजपा की तरफ से स्थानीय नेता दिनेश ...और पढ़ें

Lok Sabha Election 2024:गुरदासपुर सीट पर इस बार अभिनेता नहीं नेता मैदान में होंगे।
Lok Sabha Election 2024:गुरदासपुर सीट पर इस बार अभिनेता नहीं नेता मैदान में होंगे।

 जितेंद्र शर्मा, पठानकोट। फिल्म अभिनेताओं के सांसद बनने के बाद हाईप्रोफाइल सीट बन चुकी गुरदासपुर सीट पर इस बार अभिनेता नहीं नेता मैदान में होंगे। भाजपा की तरफ से स्थानीय नेता दिनेश सिंह बब्बू पर दांव खेलने के बाद अब सबकी नजरें कांग्रेस, आप  और शिअद पर हैं।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ लगातार कांग्रेस के हिंदू विरोधी होने की बात करते रहे हैं। यही वजह है कि कांग्रेस ही नहीं आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल भी गुरदासपुर से हिंदू चेहरे की तलाश में जुटा है।

फिलहाल, कांग्रेस की तरफ से पूर्व विधायक अमित विज और दीनानगर की विधायक अरुणा चौधरी के नामों पर चर्चा चल रही है। लोकसभा चुनाव को दो माह से कम का समय रह गया है, लेकिन भाजपा को छोड़कर अभी तक अन्य किसी पार्टी ने अपने उम्मीदवार के पत्ते नहीं खोले हैं।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस भी पिछले महीने ही अपना उम्मीदवार घोषित करने वाली थी। इसमें टिकट के लिए पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, अमित विज, वीरेंद्रजीत सिंह पाहड़ा का नाम विशेष रूप से शामिल था।

भाजपा की ओर से दिनेश सिंह बब्बू को हिंदू चेहरे के रूप में मैदान में उतारने के बाद कांग्रेस हाईकमान की तरफ से अब संसदीय हलके से हिंदू उम्मीदवार को लेकर मंथन शुरू कर दिया गया है। पार्टी की तरफ से प्रदेश की 13 सीटों में से दो से तीन सीटों पर हिंदू चेहरे को उतारने की तैयारी है।

कांग्रेस इन चेहरों पर लगा सकती है दांव

सूत्रों की मानें तो गुरदासपुर संसदीय हलके से हिंदू नेता के रूप में प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष और पूर्व विधायक अमित विज और दीनानगर की विधायक अरुणा चौधरी के नामों पर चर्चा चल रही है। इसमें अमित विज पार्टी के एक युवा चेहरे हैं और लगातार पार्टी के लिए कार्य कर रहे हैं। उनको इस बात का भी फायदा मिल सकता है। अमित विज पिछले कई महीनों से लगातार जनता के बीच जा रहे हैं।

कॉरपोरेट सेक्टर से राजनीति क्षेत्र में आए अमित विज ने साल 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था। जनवरी 2023 में राहुल गांधी अपनी भारत जोड़ो यात्रा लेकर पठानकोट पहुंचे थे तो बाकी नेताओं की अपेक्षा अमित विज ने यात्रा को सफल बनाने में मुख्य भूमिका निभाई थी।

इसके चलते भी वह हाईकमान की नजरों में आ चुके हैं।  फिलहाल, वह टिकट की दौड़ में हिंदू चेहरे के रूप में सबसे सशक्त उम्मीदवार के रूप में उभर कर सामने आ रहे हैं।

वहीं, पूर्व मंत्री और तीन बार की विधायक अरुणा चौधरी को हिंदू चेहरे के साथ-साथ महिला उम्मीदवार का भी फायदा मिल सकता है। अनुसूचित जाति से संबंधित होने के चलते कांग्रेस उन पर भी दांव खेल सकती हैं। अरुणा चौधरी की भी हाईकमान में काफी पैठ है। कांग्रेस महिलाओं को सभी क्षेत्रों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कर रही है। ऐसे में अरुणा चौधरी को इसका लाभ मिल सकता है है। संसदीय हलके में तीन लाख से अधिक अनुसूचित जाति से संबंधित मतदाता हैं।

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शिअद की NRI को टिकट देने की तैयारी

शिरोमणि अकाली दल भी हिंदू चेहरे के रूप में एनआरआई राजपूत नेता पर दांव खेल सकता है, जिसमें जोगिंदर सलारिया का नाम चर्चा में चल रहा है। सूत्र बताते हैं कि एनआरआई जोगिंदर सलारिया शिरोमणि अकाली दल की बैठकों में भी शामिल हो रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी उन्हें गुरदासपुर सीट से अपना उम्मीदवार घोषित कर सकती हैं।

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आप में इन नामों पर मंथन

सूत्रों की मानें तो भाजपा की तरफ से दिनेश सिंह बब्बू को मैदान में उतारे जाने के बाद आम आदमी पार्टी भी हिंदू चेहरे की तलाश में है। आम आदमी पार्टी में स्वर्ण सलारिया के अलावा गुरदासपुर से वरिष्ठ नेता व पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन के चेयरमैन रमन बहल के नाम पर विचार किया जा रहा है। रमन बहल की हाईकमान तक पैठ है। संभवत: इन दोनों में से किसी एक नाम पर पार्टी में सहमति बन सकती है।

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