यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लालू ने झारखंड में खड़ी की नई परेशानी! आईएनडीआईए सीट शेयरिंग पर कर रहा बैठक; राजद नेताओं ने यहां ठोक दी ताल
Lok Sabha Election 2024 झारखंड में आईएनडीआईए गठबंधन की सीटों का बंटवारा नहीं हुआ लेकिन यहां भी बिहार जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। राजद के प्रत्याश ...और पढ़ें

आशीष झा, रांची। झारखंड में लंबी कशमकश के बाद सीटों के बंटवारे को लेकर नतीजे के करीब पहुंचे आईएनडीआईए गठबंधन के सामने राजद ने नई परेशानी खड़ी कर दी है।
महागठबंधन में अभी सीटों के बंटवारे की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सीट शेयरिंग का जो फार्मूला तय हुआ है, उसमें कांग्रेस को सात, झामुमो को पांच और कांग्रेस व भाकपा (माले) को एक-एक सीट दी जानी है। इस फार्मूले से इतर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रत्याशी दो सीटों पर ताल ठोक मैदान में उतरने की घोषणा कर चुके हैं।
ऐसे में बिहार में हाल ही में पूरे दल के साथ कांग्रेस में विलय करने वाले पप्पू यादव को पूर्णिया से टिकट देने को लेकर कांग्रेस और राजद में छिड़ी जंग का असर पड़ोसी राज्य झारखंड में भी देखने को मिल सकता है। दोनों जगह कांग्रेस और राजद में गठबंधन है और सीटों के बंटवारे के पहले से ही दोनों दलों के उम्मीदवार ताल ठोककर मैदान में खड़े हैं।
झारखंड में भी बिहार जैसे हालात
पूर्णिया में कांग्रेस के पप्पू यादव पीछे हटने को तैयार नहीं हैं तो झारखंड के पलामू और चतरा में राजद ने चुनावी बिसात बिछा दी है। यहां पलामू में ममता भुइयां ने गठबंधन की ओर से सीटों की घोषणा के पहले ही अपना चुनावी अभियान शुरू कर दिया है। उधर चतरा में राजद के उम्मीदवार के तौर पर अब एक दिन पहले ही भाजपा का पांच साल का सफर बीच में छोड़कर राजद में लौटे पूर्व मंत्री गिरिनाथ सिंह का नाम सबसे ऊपर चल रहा है।
यह भी पढ़ें - आमने-सामने की लड़ाई में भाजपा कहां? साफ हवा, पीने का पानी और यमुना.. दिल्ली की जनता से जुड़े सवालों पर सचदेवा के सीधे जवाब
चतरा पर फंसेगा पेच
इससे पहले राजद के उम्मीदवार के तौर पर राज्य के मंत्री सत्यानंद भोक्ता और पूर्व सांसद धीरेंद्र अग्रवाल समेत आधा दर्जन लोगों के नाम चल रहे थे। राजद के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर यह साफ कर दिया है कि राजद पलामू और चतरा दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगा। उधर, कांग्रेस भी चतरा सीट छोड़ने को तैयार नहीं है।
खबरें और भी
कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों में यहां पूर्व केंद्रीय नागमणि का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर का दावा है कि पलामू सीट पर कांग्रेस के दावे से लालू यादव सहमत हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि मिल-बैठकर दोनों दल सहमति बना लेंगे।
यह भी पढ़ें - बिना चुनाव सामग्री और कार के ही प्रचार करते थे जेटली के ससुर; बनाया ऐसा रिकॉर्ड जिसे अब तक कोई तोड़ नहीं पाया
दोस्ताना संघर्ष में तीसरी पार्टी ने मारी बाजी
चतरा में कांग्रेस और राजद दोनों अड़े तो दोनों दलों के उम्मीदवारों के बीच पिछले चुनाव की ही तरह फ्रेंडली फाइट (दोस्ताना संघर्ष) की स्थिति बन सकती है।
झारखंड में 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस, वामपंथी दलों और राजद ने गठबंधन होने के बावजूद कई सीटों पर दोस्ताना संघर्ष किया था। हालांकि, इन सभी जगह दोनों ही पार्टियों के उम्मीदवार हार गए थे।
चतरा से कांग्रेस से मनोज यादव और राजद से सुभाष यादव लड़े थे। वहीं, सीपीआई के प्रत्याशी अर्जुन कुमार भी फ्रेंडली फाइट की सहमति के तहत मैदान में उतरे थे। इसी प्रकार कांग्रेस ने अपने हिस्से की सीट कोडरमा से झारखंड विकास मोर्चा के तत्कालीन अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को मैदान में उतारा था, जबकि माले ने कोडरमा में राजकुमार यादव को प्रत्याशी बनाया था। यहां भी इन दोनों दलों के प्रत्याशी हार गए थे।
बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब महागठबंधन में थे, तब उन्होंने विपक्षी दल आईएनडीआईए की पहल की थी, लेकिन बाद में वह खुद महागठबंधन छोड़कर एनडीए में शामिल हो गए।
यह भी पढ़ें - दार्जिलिंग प्रत्याशी को लेकर रार! अजय एडवर्ड के ‘खेला’ से तमतमाए विनय तामांग; कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ खोला मोर्चा