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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Election 2024: राजस्थान में भाजपा ने पुरानों से किया परहेज, नए को मौका; 10 सांसदों के टिकट काट नया नेतृत्व तैयार करने का संदेश

    Updated: Thu, 28 Mar 2024 11:39 AM (GMT+05:30)

    राजस्थान में भाजपा ने 10 सांसदों का टिकट काटकर प्रदेश में नया नेतृत्व तैयार करने का संदेश दिया है। करीब तीन महीने पहले संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में द ...और पढ़ें

    Lok Sabha Election 2024: भाजपा का 10 सांसदों के टिकट काट नया नेतृत्व तैयार करने का संदेश।
    Lok Sabha Election 2024: भाजपा का 10 सांसदों के टिकट काट नया नेतृत्व तैयार करने का संदेश।

    नरेंद्र शर्मा, जयपुर। राजस्थान में भाजपा ने 10 सांसदों का टिकट काटकर प्रदेश में नया नेतृत्व तैयार करने का संदेश दिया है। करीब तीन महीने पहले संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में दिग्गज नेताओं को दरकिनार कर पहली बार विधायक बने भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा आलाकमान ने प्रदेश में नया नेतृत्व तैयार करने का संदेश दे दिया था।

    कांग्रेस ने भी 2019 के लोकसभा चुनाव में मैदान में उतारे गए एक भी प्रत्याशी को इस बार टिकट नहीं दिया है। कांग्रेस ने सभी 25 सीटों पर नए चेहरों को टिकट दिया है।

    भाजपा से इन नेताओं का कटा टिकट 

    भाजपा ने चूरू के सांसद राहुल कस्वा, श्रीगंगानगर के निहाल चंद मेघवाल, झुंझुनूं के नरेंद्र कुमार, जयपुर शहर के रामचरण बोहरा, जालौर - सिरोही के देवजी पटेल, धौलपुर- करौली के मनोज राजोरिया, उदयपुर के अर्जुन मीणा, बांसवाड़ा-डूंगरपुर के कनकमल कटारा, भरतपुर की सांसद रंजीता कोली एवं दौसा की सांसद जसकौर मीणा का टिकट काटा है। इनमें कस्वा व मीणा पर विस चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे थे।

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    मेघवाल, नरेंद्र कुमार, रंजीत, बोहरा, अर्जुन और कटारा की क्षेत्र में कम सक्रियता के कारण पार्टी में नाराजगी थी इन सांसदों के टिकट काटकर नए चेहरों को मौका देने का मकसद नया नेतृत्व तैयार करने का प्रयास माना जा रहा है। पटेल विस चुनाव में सांचौर सीट से हार गए थे। क्षेत्र में उनका विरोध था। भाजपा ने 11 सांसदों को फिर से चुनाव मैदान में उतारा है।

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    सांसद जो बन गए विधायक 

    जयपुर ग्रामीण के सांसद राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़, अलवर के सांसद बाबा बालकनाथ और राजसमंद की सांसद दीया कुमारी को विस का चुनाव लड़वाया था। इनमें से दीया को उप मुख्यमंत्री एवं राठौड़ को मंत्री बनाया गया है। बालकनाथ को पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है।

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    ऐसे में अलवर से केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव व जयपुर ग्रामीण से राव राजेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया है। 2019 के लोस चुनाव में भाजपा ने 25 में से 24 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। एक सीट राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के लिए गठबंधन के तहत छोड़ी थी।

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