यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Election 2024: फजीहत के बावजूद AAP के 'साथ' को मजबूर कांग्रेस, सोनिया-राहुल पर हमले के बाद भी विरोध नहीं कर सकते कांग्रेस नेता
कांग्रेस ने आइएनडीआइए के घटक दल आप के साथ केंद्र शासित प्रदेश व पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ समेत हरियाणा दिल्ली गुजरात और गोवा में समझौता किया है। पंजाब ...और पढ़ें

HighLights
- पंजाब कांग्रेस के नेताओं के विरोध को माना जा रहा राज्य में आम आदमी पार्टी से समझौता न होने का कारण
- बजट सत्र के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ा
- भगवंत मान के सोनिया व राहुल पर भी हमले के बाद भी पंजाब कांग्रेस के नेता नहीं कर सकते अलग होने की गुहार
कैलाश नाथ, चंडीगढ़। पंजाब में देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस की स्थिति 'सांप-छबुंदर' वाली हो गई है। पंजाब में फजीहत के बावजूद आम आदमी पार्टी (आप) के 'साथ' के लिए कांग्रेस मजबूर है। कांग्रेस ने आइएनडीआइए के घटक दल आप के साथ केंद्र शासित प्रदेश व पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ समेत हरियाणा, दिल्ली, गुजरात और गोवा में समझौता किया है।
पंजाब कांग्रेस के नेताओं के विरोध के कारण पंजाब में यह समझौता नहीं हो पाया। इस कारण पंजाब में कांग्रेस को फजीहत का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के नेताओं के साथ-साथ उनके शीर्ष नेतृत्व सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर भी हमले करने शुरू कर दिए हैं। इसके बावजूद पंजाब कांग्रेस के नेता हाईकमान से आप से अलग होने की गुहार नहीं लगा सकते हैं।
मान की समझौता खत्म करने की चुनौती
मुख्यमंत्री ने पंजाब कांग्रेस के नेताओं को यहां तक चुनौती दे दी कि अगर उनकी केंद्रीय नेतृत्व तक चलती है तो वे सोनिया गांधी और राहुल गांधी से कहकर आप से हुआ समझौता खत्म करवाकर दिखाएं। पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ा।
अहम बात यह है कि मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लोकसभा का अंतिम बजट सत्र चल रहा था और राहुल गांधी यात्रा निकाल रहे थे। यात्रा का जिक्र करते हुए भगवंत मान ने कहा कि जनवरी, 2023 में जब राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पंजाब में आ रही थी तो उसके लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर के नेता सुरक्षा मांगने के लिए मेरे घर आए। सुरक्षा में उन्होंने मांगा कि कोई भी आम आदमी राहुल गांधी के नजदीक फटकने न पाए।
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कांग्रेस नहीं कर पा रही बचाव
मुख्यमंत्री द्वारा पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं पर हमले के बावजूद कांग्रेस अपना बचाव नहीं कर पा रही है। पंजाब में फजीहत के बावजूद कांग्रेस के नेताओं को अपने राष्ट्रीय नेताओं का भी साथ नहीं मिल पा रहा है। इसका कारण यह है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता आप के साथ राष्ट्रीय स्तर पर हुए गठबंधन को बचाने में लगे हैं। विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा के साथ बहस के दौरान तो मुख्यमंत्री ने यहां तक कह दिया कि यहां पर आप लोग कहते हो कि लोकसभा चुनाव में अगर आप से समझौता हुआ तो हम (आम आदमी पार्टी) आपको मरवा देंगे, वहीं कांग्रेस के दिल्ली में बैठे बड़े नेता हमसे समझौता करने में लगे हैं।
क्या बाजवा कभी राहुल या सोनिया गांधी के साथ बैठे हैं, वे (राहुल व सोनिया गांधी) हमारे साथ बैठते हैं। संभवतः यह पहला मौका है जब अपनी ही गठबंधन वाली पार्टी के नेता से कांग्रेस को फजीहत का सामना करना पड़ रहा हो। क्योंकि भगवंत मान पहले भी कह चुके हैं, 'दिल्ली और पंजाब में माताएँ अपने बच्चों को कहानी सुनाएंगी कि एक थी कांग्रेस।'