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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'जो हाल आज पप्पू यादव का है 2019 में वही मेरा था', कीर्ति आजाद ने राहुल गांधी को लेकर अब ये क्या कह दिया

    Updated: Thu, 04 Apr 2024 01:52 PM (IST)

    Lok Sabha Election 2024 कीर्ति आजाद ने पप्पू यादव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज जो हाल पप्पू यादव का है वही हाल मेरा 2019 में था। उन्ह ...और पढ़ें

    Lok Sabha Chunav 2024: कीर्ति आजाद और राहुल गांधी। (फाइल फोटो)
    Lok Sabha Chunav 2024: कीर्ति आजाद और राहुल गांधी। (फाइल फोटो)

    दीपक कुमार पाण्डेय, दुर्गापुर। लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर कई नए समीकरण बने-बिगड़े। सबसे बड़ी पहल यह हुई कि वर्षों पुराने यूपीए का अस्तित्व समाप्त कर आईएनडीआईए के रूप में नए गठबंधन की नींव रखी गई। इसी आईएनडीआईए का हिस्सा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस दोनों हैं।

    बंगाल में भले लोकसभा सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और तृणमूल में बात नहीं बनी, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस के अधीर रंजन को छोड़ बाकी पूरी पार्टी शांत है। हालांकि अधीर रंजन के हमलों का जवाब तृणमूल के कीर्ति आजाद दे रहे हैं।

    राहुल गांधी ने वादा नहीं किया पूरा

    कीर्ति आजाद ने कांग्रेस और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के प्रति असंतोष जताया और कहा कि आज बिहार में जो हश्र पप्पू यादव का हुआ है, 2019 में वही हाल मेरा था। राहुल गांधी ने कांग्रेस की सदस्यता दिलाते हुए मुझसे जो वादा किया, उसे पूरा करने में विफल रहे। कीर्ति ने कहा कि 2019 में धनबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए हां कर देना मेरे राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी गलती थी।

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    इसलिए तृणमूल कांग्रेस में आया

    यही वजह है कि भाजपा की नीतियों के खिलाफ मैंने कांग्रेस की राजनीति शुरू की, लेकिन लोकसभा चुनाव में किए गए वादे को पूरा नहीं करने की वजह से तृणमूल में आया और जब तक राजनीति में सक्रिय हूं, इस 'जोड़ा फूल' को सींचता रहूंगा।

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    दरभंगा सीट देने का किया था वादा

    उन्होंने कहा कि 2019 में राहुल गांधी ने मुझे दरभंगा सीट देने का वादा किया था, लेकिन तब गठबंधन में यह सीट राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी को मिल गई और मुझे धनबाद भेजकर मेरे दामन पर हार का दाग मढ़ दिया गया। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे कीर्ति आजाद इस बार कांग्रेस छोड़ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं।

    बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भागवत झा के पुत्र और भारतीय क्रिकेट टीम के महत्वपूर्ण अंग रहे कीर्ति आजाद को इस बार तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बर्द्धमान-दुर्गापुर में जोड़ा फूल खिलाने का जिम्मा सौंपा है।

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