यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lok Sabha Election 2024: पंजाब की पांच सीटों पर शिअद ने खेला बड़ा दांव, क्या हरसिमरत कौर बादल बचा पाएंगी अपना गढ़?
Lok Sabha Election 2024 शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने पंजाब की पांच और लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों का एलान कर दिया है। शिअद ने जालंधर से मोहिंदर सि ...और पढ़ें

जागरण टीम, जालंधर। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने पांच और लोकसभा सीटों बठिंडा, जालंधर, लुधियाना, होशियारपुर और फिरोजपुर पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने इन सीटों पर अनुभवी और समृद्ध राजनीतिक विरासत वाले चेहरों पर दांव खेला है। बठिंडा से तीन बार की सांसद हरसिमरत कौर बादल को प्रत्याशी घोषित किया है।
होशियारपुर में इन पर खेला दांव
शिअद हरसंभव प्रयास करेगी कि हरसिमरत जीतकर संसद में बादल परिवार की उपस्थिति दर्ज करवाएं। कारण, भगवंत मान ने आप नेताओं और कार्यकर्ताओं को दो टूक कहा है कि बादल परिवार का कोई सदस्य संसद में नहीं पहुंचना चाहिए। पार्टी ने होशियारपुर से पूर्व विधायक सोहन सिंह ठंडल को उतारा है। वह तीन बार के विधायक और मंत्री रहे हैं। राजनीतिक क्षेत्र में उनके पास अच्छा-खासा अनुभव है।
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जालंधर से मोहिंदर सिंह केपी प्रत्याशी
पार्टी ने जालंधर में कांग्रेस से आए मोहिंदर सिंह केपी को प्रत्याशी बनाया है। अनुभव के साथ ही उनकी राजनीतिक विरासत समृद्ध है। फिरोजपुर से प्रत्याशी नरदेव सिंह मान की भी राजनीतिक विरासत समृद्ध है। उनके पिता स्व. जोरा सिंह मान तीन बार सांसद रहे हैं। सरपंच रहने के कारण नरदेव की गांवों की राजनीति पर अच्छी पकड़ है।
लुधियाना में राजनीतिक पकड़ वाले रंजीत सिंह ढिल्लों को उतारा
वहीं, लुधियाना से पार्टी ने पूर्व विधायक रंजीत सिंह ढिल्लों को उतारा है। उनको राजनीतिक अनुभव भी है और अपने क्षेत्र में अच्छी पकड़ भी है। भाजपा से गठबंधन तोड़ने के बाद शिअद के लिए शहरी क्षेत्रों में मत प्राप्त करना बड़ी चुनौती है। गठबंधन में भाजपा शहरी क्षेत्रों तो शिअद ग्रामीण क्षेत्रों को संभालता था।
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फिरोजपुर लोकसभा सीट
नरदेव सिंह उर्फ बोबी मान
नरदेव सिंह उर्फ बोबी मान शिरोमणि अकाली दल से तीन बार सांसद रह चुके स्व. जोरा सिंह मान के बेटे हैं। बोबी मान 2011 से 2016 तक शिअद में यूथ विंग के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। वह 2018 से 2023 तक गांव चक्क सुहेले वाला के सरपंच रहे हैं। मान का परिवार बादल परिवार के काफी नजदीक रहा है। लोकसभा का चुनाव नरदेव सिंह मान पहली बार लड़ेंगे।
नाम: नरदेव सिंह उर्फ बोबी मान
शिक्षा: स्नातक
उम्र: 55 वर्ष
बठिंडा लोकसभा सीट
हरसिमरत कौर बादल
हरसिमरत कौर बादल ने 2009 के लोकसभा चुनाव में जीत प्राप्त कर राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2014 और 2019 का लोकसभा चुनाव जीता। दोनों बार वह केंद्र में खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री रहीं हैं।
नाम: हरसिमरत कौर बादल
उम्र: 57
पार्टी: शिअद
शिक्षा: स्नातक
होशियारपुर लोकसभा सीट
सोहन सिंह ठंडल
सोहन सिंह ठंडल को वरिष्ठ अकाली नेता काबुल सिंह ठींडा राजनीति में लेकर आए थे। ठंडल 1997, 2002 और 2007 में विधानसभा क्षेत्र माहिलपुर से शिअद भाजपा के टिकट पर लगातार जीते। शिअद-भाजपा सरकार बनने पर कैबिनेट मंत्री बने।
नाम: सोहन सिंह ठंडल
शिक्षा: स्नातक
उम्र: 56 वर्ष
लुधियाना लोकसभा सीट
रंजीत सिंह ढिल्लों
पेशे से किसान रंजीत सिंह ढिल्लों ने 2012 में लुधियाना पूर्वी से पहली बार विधानसभा की सीढ़ियां चढ़ी। 2017 में कांग्रेस से पराजय का सामना करना पड़ा। वर्ष 2022 में फिर उन्हें लुधियाना पूर्वी से टिकट दिया गया था, लेकिन वह हार गए थे।
नाम: रंजीत सिंह ढिल्लों
शिक्षा: दसवीं
उम्र: 59 वर्ष
जालंधर लोकसभा सीट
मोहिंदर सिंह केपी
1985 में मोहिंदर सिंह केपी पहली बार जालंधर साउथ से विधानसभा चुनाव जीते। उस समय उनके पिता दर्शन सिंह केपी ने भी आवदेन किया था, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी युवाओं को आगे लाना चाहते थे, इसलिए मोहिंदर को टिकट मिला था।
नाम: मोहिंदर सिंह केपी
शिक्षा: स्नातक
उम्र: 67
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