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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Lok Sabha Result 2024: कहां हुई गलती, कैसे हाथ से निकल गया छिंदवाड़ा, हाशिये पर आए कमलनाथ का राजनीतिक भविष्य खतरे में?

    Updated: Sun, 09 Jun 2024 01:21 PM (IST)

    Lok Sabha Election Result 2024 कमल नाथ की गिनती कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में होती है। उनके पास प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक काम करने का अनुभव है। ...और पढ़ें

    Lok Sabha Chunav Result 2024: कमलनाथ का राजनीतिक भविष्य खतरे में।
    Lok Sabha Chunav Result 2024: कमलनाथ का राजनीतिक भविष्य खतरे में।

    HighLights

    1. कमल नाथ को लगातार दो हार के बाद चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
    2. मध्य प्रदेश में कांग्रेस पर कमल नाथ का प्रभाव हो रहा कम।
    3. हाशिये पर इंदिरा गांधी के तीसरे बेटे कमलनाथ।

    चुनाव डेस्क, नई दिल्ली। इस बार का लोकसभा चुनाव परिणाम काफी चौंकाने वाला रहा। जहां बीजेपी को यूपी में झटका लगा वहीं, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ (एक सीट कांग्रेस को छोड़कर) में क्लीन स्वीप कर लिया। इससे पहले मध्य प्रदेश में कांग्रेस का कभी सूपड़ा साफ नहीं हुआ था। चिंता की बात यह है कि इस बार कांग्रेस के हाथ से छिंदवाड़ा भी निकल गया।

    मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमल नाथ को लगातार दो हार के बाद चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे उनका राजनीतिक भविष्य भी डगमगा रहा है। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद पार्टी ने कमलनाथ को मध्य प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया था।

    इस चुनाव में कमलनाथ का सियासी गढ़ कहा जाने वाला छिंदवाड़ा भी दूर चला गया। हाल की घटनाओं ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस पर कमल नाथ के नियंत्रण को कमजोर कर दिया है। कमलनाथ के खेमे से कई नेता बीजेपी में शामिल हो गए। इससे उनकी मुसीबतें काफी बढ़ गईं। यह दल बदल तब हुआ जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर थे। इस यात्रा का उद्येश्य पार्टी को एकजुट करना और सक्रिय करना था।

    कम हो रहा कमलनाथ का प्रभाव

    विधानसभा चुनाव के बाद कुछ ही महीने के दौरान छिंदवाड़ा में कमलनाथ का प्रभाव गंभीर रूप से कम हो गया। जनता का झुकाव बीजेपी की तरफ हो गया और कमल नाथ को इसका अंदाजा ही नहीं लगा। 2014 और 2019 की मोदी लहर में भी कांग्रेस ने छिंदवाड़ा से जीत दर्ज की थी, लेकिन इस चुनाव में कमलनाथ का किला ढह गया।

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    बंटी विवेक साहू ने नकुल कमल नाथ को एक लाख से अधिक वोटों से हरा दिया। यह हार उस क्षेत्र में कमल नाथ और कांग्रेस पार्टी के लिए कम होते समर्थन का संकेत मालूम पड़ता है। 

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    हाशिये पर आए कमलनाथ

    लंबे समय से कमलनाथ के प्रतिद्वंद्वी रहे बंटी साहू को मैदान में उतारने की भाजपा की रणनीति काम आई। कमल नाथ की गिनती कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में होती है। उनके पास प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक काम करने का अनुभव है। वे इंदिरा गांधी के तीसरे बेटे माने जाते थे।

    इंदिरा के दो हाथ, 'संजय और कमल नाथ' कहे जाने वाले कमल नाथ को अब राजनीतिक हाशिये पर जाने की संभावना का सामना करना पड़ रहा है। उनकी प्रतिष्ठा, जो कभी उनकी अटूट निष्ठा और गांधी परिवार के साथ घनिष्ठ संबंध से बढ़ी थी, अब हालिया असफलताओं और कम होते राजनीतिक दबदबे के कारण धूमिल हो रही है।

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