यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Loksabha By-election: वायनाड में फिर आपस में टकराएगा इंडी गठबंधन, कांग्रेस की सहयोगी पार्टी उपचुनाव में उतारेगी प्रत्याशी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वायनाड उपचुनाव के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा की उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है। जबकि ...और पढ़ें

HighLights
- विपक्षी गठबंधन में शामिल भाकपा ने उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी उतारने का एलान किया
- कांग्रेस अध्यक्ष खरगे एक रोज पूर्व कह चुके, प्रियंका गांधी होंगी उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी
जेएनएन, नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को केरल की वायनाड लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट को बरकरार रखा है। लोकसभा सचिवालय ने बताया कि राहुल का इस्तीफा 18 जून से स्वीकार कर लिया गया है। उनके वायनाड सीट छोड़ने के साथ ही साफ हो गया कि यहां होने वाले उपचुनाव में विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए के दल एक बार फिर आमने-सामने होंगे।
असल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बीते रोज एक प्रेस कान्फ्रेंस में वायनाड उपचुनाव के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा की उम्मीदवारी की घोषणा कर चुके हैं जबकि मंगलवार को आइएनडीआइए के घटक दल भाकपा ने भी साफ कर दिया कि वह वायनाड लोकसभा उपचुनाव में प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ अपना उम्मीदवार उतारेगी।
भाकपा के खाते में वायनाड लोकसभा सीट है
भाकपा की केरल इकाई के प्रदेश सचिव बिनाय विश्वम ने संवाददाताओं से कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) में शामिल भाकपा के खाते में वायनाड लोकसभा सीट है और हम इस सीट पर होने वाले उपचुनाव में निश्चित रूप से अपना उम्म्दीवार उतारेंगे।
प्रियंका की उम्मीदवारी के बारे में पूछे जाने पर विश्वम ने कहा कि कांग्रेस को किसी भी क्षेत्र में अपना उम्मीदवार चुनने की पूरी स्वतंत्रता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस की योजना वायनाड सीट खाली करने की थी तो फिर उन्हें राहुल गांधी जैसे नेता को दक्षिण में लाने की कोई आवश्यकता ही नहीं थी।
यहां बता दें कि भाकपा की वरिष्ठ नेता एनी राजा ने हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के खिलाफ वायनाड लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। राहुल गांधी ने उन्हें 3.64 लाख मतों से शिकस्त दी थी। देखने वाली बात ये होगी कि इस बार भाकपा एनी राजा को ही मैदान में उतारेगी या फिर प्रियंका के खिलाफ किसी अन्य पर दांव लगाएगी।
राहुल रायबरेली लोकसभा सीट बरकरार रखेंगे
इससे पूर्व राहुल गांधी ने मंगलवार को लोकसभा सचिवालय को रायबरेली लोकसभा सीट बरकरार रखने और वायनाड लोकसभा सीट छोड़ने के बारे में औपचारिक रूप से सूचित किया। कांग्रेस नेता ने लोकसभा सचिवालय को वायनाड सीट से अपना त्यागपत्र सौंपा, जिसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार भी कर लिया गया।
18वें लोकसभा चुनाव में दो सीटों (रायबरेली और वायनाड) से चुनाव जीतने वाले राहुल गांधी अकेले सांसद हैं। वैसे अगर प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड से जीतती हैं तो नेहरू-गांधी परिवार के संसद में तीन सदस्य हो जाएंगे। सोनिया गांधी राज्यसभा में और राहुल गांधी और प्रियंका लोकसभा में।
भाजपा की चुटकी, पलक्कड़ विस सीट पर वाड्रा को उम्मीदवार बनाएगी कांग्रेस
भाजपा की केरल इकाई ने वायनाड लोकसभा सीट के उपचुनाव में प्रियंका गांधी को उतारने के कांग्रेस के फैसले की आलोचना करते हुए चुटकी ली कि कांग्रेस पलक्कड विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में प्रियंका के पति राबर्ट वाड्रा को उम्मीदवार बना सकती है। केरल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन और पार्टी के वरिष्ठ नेता वी मुरलीधरन ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी ने वायनाड की जनता के साथ धोखा किया है।
केरल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी को लेकर कही ये बात
सुरेंद्रन ने कहा कि एक बार फिर साबित हो गया है कि नेहरू-गांधी परिवार के लिए कांग्रेस केवल उनके पारिवारिक हितों को साधने का औजार मात्र है। उन्होंने एक्स पर लिखा- 'राहुल गांधी ने दावा किया था कि वायनाड उनका परिवार है। अब उन्होंने अपनी बहन को वायनाड से उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है। उम्मीद है कि राहुल गांधी अपने बहनोई राबर्ट वाड्रा को पलक्कड विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशी बनाएंगे।'
मुरलीधरन ने कहा कि राज्य की जनता कांग्रेस के इस रवैये को स्वीकार नहीं करेगी। मुरलीधरन ने कहा कि मेरा वायनाड के लोगों से अनुरोध है कि आगामी उपचुनाव में वे अपनी लोकतांत्रिक शक्ति का इस्तेमाल कर कांग्रेस पार्टी के इस रवैये का जवाब दें।
भाजपा नेता ने गांधी परिवार पर कटाक्ष किया
भाजपा नेता अजय आलोक ने प्रियंका के केरल के वायनाड लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के फैसले को लेकर गांधी परिवार पर कटाक्ष किया और कहा कि यह देखना अच्छा होगा कि राहुल और प्रियंका में से संसद में कौन अधिक अक्षम है।
