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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Lok Sabha Election 2024: क्या संजय दत्त कांग्रेस के टिकट पर करनाल सीट से लड़ेंगे चुनाव? अभिनेता ने पोस्‍ट कर दिया जवाब

    Updated: Mon, 08 Apr 2024 04:53 PM (IST)

    करनाल लोकसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने कांग्रेस के टिकट पर संजय दत्त के चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे थे। कहा जा रहा था कि कांग् ...और पढ़ें

    Lok Sabha Election 2024: क्‍या संजय दत्त होंगे करनाल से कांग्रेस प्रत्‍याशी?
    Lok Sabha Election 2024: क्‍या संजय दत्त होंगे करनाल से कांग्रेस प्रत्‍याशी?

     चुनाव डेस्‍क, नई दिल्‍ली। हरियाणा की करनाल लोकसभा सीट से अभिनेता संजय दत्त के चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं। कहा जा रहा था कि करनाल से भाजपा प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सामने कांग्रेस संजय दत्त को चुनावी मैदान में उतारेगी, लेकिन संजय दत्‍त ने आज यानी सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया।

    संजय दत्‍त ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट कर लिखा, ''मैं अपने राजनीति में शामिल होने की सभी अफवाहों पर विराम लगाना चाहता हूं। मैं न तो किसी पार्टी में शामिल हो रहा हूं और न ही चुनाव लड़ रहा हूं। अगर मैं राजनीति में आता हूं तो मैं खुद आगे आकर इसकी घोषणा करूंगा। अभी मेरे चुनाव लड़ने को लेकर जो खबरें चल रही हैं, उन पर भरोसा न करें।''

    बता दें कि संजय दत्त के पिता सुनील दत्त पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में मंत्री थे। बहन प्रिया दत्त सांसद रह चुकी हैं। सुनील दत्त और संजय दत्त का पुश्तैनी घर यमुनानगर के गांव मंडौली में हैं, जहां उनका परिवार आता-जाता रहता है। इसलिए कयास लगाया जा रहा था कि कांग्रेस पार्टी के टिकट पर संजय दत्त चुनाव लड़ सकते हैं।

    संजय दत्त के चुनाव लड़ने के कयास क्‍यों लगे?

    दरअसल, इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला के साथ संजय दत्त की पारिवारिक मित्रता है। अभय चौटाला के चुनाव प्रचार के लिए संजय दत्त पहले कई बार हरियाणा आ चुके हैं। अभय चौटाला स्वयं कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। अभय चौटाला की वजह से संजय दत्त के उनके बड़े भाई अजय चौटाला और भतीजे दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय चौटाला के साथ भी पारिवारिक संबंध हैं, जो कि जजपा की राजनीति करते हैं।

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     इस वजह से जजपा-इनेलो अपना अलग से कोई उम्मीदवार नहीं उतारने पर सहमति बना सकते हैं। संजय दत्त ब्राह्मण हैं और उनकी माता नरगिस मुस्लिम थीं, जो बाद में हिंदू धर्म में परिवर्तित हो चुकीं थीं। नरगिस की मजार यमुनानगर के मंडौली गांव में बनी हुई है, जहां संजय दत्त व प्रिया दत्त का परिवार समय-समय पर आता रहता है। उनके चाचा का परिवार गांव मंडौली में रहता है, जो कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की सीमा से सटा है।

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