यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
संसद में NDA की ताकत बढ़ाएंगी ये पार्टियां, कहां से कौन बना सांसद… पढ़िए पूरी डिटेल
इस बार टीडीपी और जेडी(यू) के सहारे बीजेपी तीसरी बार केंद्र में सरकार बनाने जा रही है। इन दो पार्टियों के समर्थन के बिना मोदी सरकार का चलाना संभव नहीं ...और पढ़ें

HighLights
- गठबंधन में शामिल 14 पार्टियों की मदद से बनेगी इस बार सरकार।
- टीडीपी 16 और जेडी(यू) 12 सीटों के साथ सबसे मजबूत सहयोगी।
- महाराष्ट्र से असम तक कई छोटे दल भी एनडीए की बढ़ाएंगे ताकत।
लोकसभा चुनाव 2024 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 240 सीटें मिली हैं। लिहाजा, वह सदन में सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन अकेले सरकार बनाने में सक्षम नहीं है। लोकसभा की 543 सीटों में से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को 293 सीटें हासिल हुई हैं, जो बहुमत के आंकड़े 272 से 21 सीटें अधिक है।
लिहाजा, एनडीए के साथ मिलकर भाजपा तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। हालांकि, यह सरकार पिछले दो कार्यकालों की तुलना में कितने मजबूत फैसले ले पाएगी, ये गठबंधन के सहयोगियों पर निर्भर करेगा। जानिए एनडीए में कितनी सहयोगी पार्टियां हैं और उनके कितने सांसद सरकार बनाने के लिए भाजपा को दे रहे हैं समर्थन…
एनडीए के साथ शामिल हैं ये दल
पहले यह जान लीजिए कि एनडीए के साथ 14 दल शामिल हैं। इस बार आंध्र प्रदेश की तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी), बिहार की जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर), महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना, एचडी देवेगौड़ा की जनता दल (सेक्युलर), पवन कल्याण की जन सेना पार्टी (जेएसपी) और राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) शामिल हैं।
इसके अलावा यूपी से अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाली अपना दल (सोनेलाल), असम से यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल, असम गण परिषद (एजीपी), सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम), झारखंड से ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSUP), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अजित पवार गुट के सांसद भाजपा को समर्थन दे रहे हैं।
खबरें और भी
टीडीपी का सरकार में रहेगा दबाव
आंध्र प्रदेश की 25 सीटों में से चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने 16 सीटें जीती हैं। लिहाजा, यह गठबंधन का सबसे मजबूत सहयोगी है। इसकी वजह से सरकार में टीडीपी का दखल भी ज्यादा होगा। जानिए आंध्र प्रदेश में किस सीट से कौन जीता है...
- श्रीकाकुलम- किंजरापु राममोहन नायडू
- विजयनगरम- अप्पलानैदु कालीसेट्टी
- विशाखापत्तनम- श्रीभारत मथुकुमिली
- अमलापुरम (एससी)- जी एम हरीश (बालयोगी)
- एलुरु- पुट्टा महेश कुमार
- विजयवाड़ा- केसिनेनी शिवनाथ (चिन्नी)
- गुंटूर- डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी
- नरसारावपेट- लावु श्रीकृष्ण देवरायालु
- बापटला (एससी)- कृष्ण प्रसाद टेनेटी
- ओंगोल- मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी
- नंदयाल- डॉ. बायरेड्डी शबरी
- कुरनोलू- बस्तीपति नागराजू पंचलिंगला
- अनंतपुर- अंबिका जी लक्ष्मीनारायण वाल्मीकि
- हिंदूपुर- बी के पार्थसारथी
- नेल्लोर- प्रभाकर रेड्डी वेमिरेड्डी
- चित्तूर (एससी)- दग्गुमल्ला प्रसाद राव
जेडी(यू) दूसरा मजबूत सहयोगी
बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने 16 सीटों में से 12 जीती हैं। एनडीए गठबंधन में यह दूसरा सबसे बड़ा सहयोगी है, जिसके बिना भाजपा को सरकार बनाने और चलाने में मुश्किल हो सकती है। जानिए इस पार्टी में किस सीट से कौन सांसद चुना गया है…
- शिवहर- लवली आनंद
- सीतामढ़ी- देवेश चंद्र ठाकुर
- झंझारपुर- रामप्रीत मंडल
- सुपौल- दिलेश्वर कामत
- मधेपुरा- दिनेश चंद्र यादव
- गोपालगंज- डॉ. आलोक कुमार सुमन
- सिवान - विजयलक्ष्मी देवी
- भागलपुर- अजय कुमार मंडल
- बांका- गिरिधारी यादव
- मुंगेर- राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह
- नालंदा- कौशलेंद्र कुमार
महाराष्ट्र में शिंदे गुट की शिवसेना का भी साथ
इसके अलावा महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना ने सात सीटों पर जीत हासिल की है। जानिए इस पार्टी की तरफ से किस सीट पर कौन उम्मीदवार चुना गया…
- बुलढाणा- जाधव प्रतापराव गणपतराव
- औरंगाबाद- भुमारे संदीपनराव आसाराम
- कल्याण- श्रीकांत एकनाथ शिंदे
- ठाणे- नरेश गणपत म्हस्के
- मुंबई उत्तर पश्चिम- रवींद्र दत्ताराम वाइकर
- मावल- श्रीरंग अप्पा चंदू बारने
- हटकनंगले- धैर्यशील संभाजीराव माने
लोक जनशक्ति पार्टी को मिली 5 सीटें
बिहार में लोक जनशक्ति पार्टी ने पांच सीटों पर चुनाव लड़ा और सभी पर जीत हासिल की है। चिराग पासवान के नेतृत्व वाली यह पार्टी भी एनडीए में शामिल है। जानिए इस पार्टी में किस सीट से कौन सांसद बना है...
- हाजीपुर- चिराग पासवान
- जमुई- अरुण भारती
- खगड़िया- राजेश वर्मा
- समस्तीपुर- शांभवी चौधरी
- वैशाली- वीणा देवी
इन छोटी पार्टियों के सासंद भी गठबंधन को करेंगे मजबूत
अब एनडीए में शामिल उन पार्टियों की चर्चा करते हैं, जिन्होंने पांच से कम सीटें जीती हैं। इसमें कर्नाटक में एचडी देवेगौड़ा की जनता दल (सेक्युलर), आंध्र प्रदेश में पवन कल्याण की जन सेना पार्टी (जेएसपी) और यूपी में राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) ने अपने-अपने राज्यों में दो-दो सीटें जीतीं हैं। जानिए किस सीट से इन पार्टियों को कौन-कौन सांसद चुने गए…
- मांड्या- एचडी कुमारस्वामी
- कोलार- एम मल्लेश बाबू
- काकीनाडा- तंगेला उदय श्रीनिवास
- मछलीपट्टनम- बालाशोवरी वल्लभनेनी
- बिजनौर- चंदन चौहान
- बागपत- राजकुमार सांगवान
एक-एक सीट जीतने वाले सहयोगी दल
- बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संस्थापक जीतन राम मांझी बिहार के गया से सांसद चुने गए हैं।
- असम से यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल के सदस्य जोयंत बसुमतारी ने एनडीए के लिए कोकराझार सीट से सासंद चुने गए हैं।
- असम में अतुल बोरा की पार्टी असम गण परिषद (एजीपी) के फणी भूषण चौधरी बारपेटा लोकसभा सीट से सासंद चुने गए हैं।
- झारखंड में सुदेश महतो के नेतृत्व वाली ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSUP) से चंद्र प्रकाश चौधरी गिरिडीह से सासंद चुने गए हैं।
- यूपी के मिर्जापुर से अपना दल (सोनेलाल) की तरफ से अनुप्रिया पटेल सासंद चुनी गई हैं।
- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अजित पवार गुट के तटकरे सुनील दत्तात्रेय ने महाराष्ट्र में पार्टी की एकमात्र सीट जीती।
- सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) पार्टी से इंद्र हंग सुब्बा ने लगातार दूसरी बार सिक्किम में एकमात्र लोकसभा सीट जीती।
विपक्षी आईएनडीआईए को मिली 233 सीटें
अब बात करते हैं एनडीए के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे आईएनडीआईए की। इस गठबंधन का नेतृत्व कर रही कांग्रेस ने 99 सीटें जीती हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश से अखिलेश यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ी समाजवादी पार्टी है, जिसके कुल 37 सांसद चुने गए हैं।
तीसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस है, जिसको 29 सीटें मिली हैं। वहीं तमिलनाडु की द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी DMK ने 22 सीटों पर जीत हासिल की है। इस तरह से विपक्षी दलों से मिलकर बने इंडिया ब्लॉक ने कुल 233 सीटें जीती हैं। अन्य दलों और स्वतंत्र उम्मीदवारों ने 18 सीटें जीतीं हैं।