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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Lok Sabha Election 2024: सुखबीर बादल ने किया चुनावी शंखनाद, 'पंजाब को तबाही से बचाना है तो शिअद को आगे लाओ'

    By Mohammad SameerEdited By: Mohammad Sameer
    Updated: Fri, 01 Sep 2023 06:30 AM (GMT+05:30)

    Lok Sabha Election 2024 सुखबीर बादल ने कहा कि मौजूदा हालात पर नजर दौड़ाएं पिछली कांग्रेस सरकार की निस्बत 10 गुणा ज्यादा नशा बढ़ गया है जबकि अकाली सरका ...और पढ़ें

    शिअद बादल ने किया संसदीय चुनाव का शंखनाद (file photo)
    शिअद बादल ने किया संसदीय चुनाव का शंखनाद (file photo)

    HighLights

    1. शिअद को जीताने के लिए पार्टी के झंडे तले एकजूट हो जाएं अकालीः बादल
    2. सीएम-गर्वनर विवाद के लिए सीएम मान दोषीः बादल

    गुरमीत लूथरा, बाबा बकाला (अमृतसर):  शिरोमणि अकाली दल बादल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने आगामी साल 2024 में प्रस्तावित संसदीय चुनाव का शंखनाद करते हुए पंजाब वासियों से शिअद को आगे लाते हुए पार्टी के संभावित उम्मीदवारों को जिताने का आह्वान किया है।

    बाबा बकाला के श्री गुरु तेग बहादूर स्टेडियम में रखड़ पुन्नेआं के मौके पर शिअद की रैली को संबोधित करते हुए सुखबीर बादल ने पंजाब वासियों से स्पष्ट कहा कि अगर पंजाब को तबाही से बचाना है तो आगामी संसदीय चुनाव में शिअद को आगे लाते हुए विजयी बनाएं।

    बकौल बादल, आम आदमी पार्टी ने पंजाब वासियों को धोखा देते हुए सत्ता हासिल किया है, माझे के जरनैल बिक्रम मजीठिया एवं वर्करों के खिलाफ नशे की तस्करी का झूठा आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब में सत्तारूढ़ हुए थे जबकि मजीठिया व असंख्य वर्कर जिनके खिलाफ सत्ता हथियाने के लिए झूठे केस दायर किए गए थे एक के खिलाफ भी आरोप साबित नहीं हुआ है। 

    उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात पर नजर दौड़ाएं, पिछली कांग्रेस सरकार की निस्बत 10 गुणा ज्यादा नशा बढ़ गया है, जबकि अकाली सरकार के दौरान नशे की बिक्री व तस्करी पर पूरी तरह अंकुश था। बादल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान एवं गर्वनर बनवारी लाल पुरोहित के बीच वाकयुद्ध के लिए मान दोषी हैं।

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    वास्तव में गर्वनर ने जनता से शिरकायत हासिल होने पर सीएम मान को पहला पत्र लिखकर जानना चाहा था कि पंजाब में सरकार के अभियान के बावजूद खुलेआम नशा कैसे बिक रहा है, इसी से खीझकर मान ने गर्वनर पर सरकार में दखलअंदाजी करने का आरोप लगाया था।

    बादल ने सीएम भगवतं मान व उनकी टीम को नशों का सौदागर बताते हुए कहा कि शिकायतकर्ता ने लुधियाना के 66 सरकारी शराब के ठेकों पर चिट्टे (हेरोईन) की बिक्री होने का पत्र में खुलासा किया था , लेकिन मान ने इसकी उपेक्षा करते हुए दोबारा इन्हीं ठेके मालिकों को यहीं ठेके अलाट कर दिए थे।

    आप जूतियां खाकर भी क्यों डालते हो दूसरों को वोट: बादल

    बादल ने मणिपुर , हरियाणा के नूंह व अन्य राज्यों में हुए संप्रदायिक दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि इसके लिए केंद्र में भाजवा के नेतृत्व वाली सरकार दोषी है। उन्होंने दावा किया कि आगामी संसदीय चुनाव में मुसलमान, सिख व ईसाई भाजपा को वोट नहीं डालेंगे।

    उन्होने सिखों विशेषकर मौजूद अकालियों से दशकों की घटनाओं से सबक लेने का आह्वान किया तथा कहा कि बाबरी मस्जिद ढही, गोधरा कांड हुआ था, इन घटनाओं के बाद अल्पसंख्यक वर्ग मुसलमान व अन्यों ने कतई भाजपा को वोट नहीं डाले चाहे जीत किसी पार्टी की भी हुई हो, मुस्लमान अभी भी इन घटनाओं को नहीं भूले हैं।

    उन्होंने सिख कौम विशेषकर मौजूद अकाली वर्करों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आप कांग्रेस , भाजपा के जुल्मों को जल्दी भूल जाते हों , जूतियां भी इनसे खाते हो तथा वोट भी इ्नहें डालते हो। जबकि अन्य धर्म के लोग ऐसा नहीं करते हैं। सिखों ने तो कांग्रेस के 1984 के दंगों को भी भूला दिया है, हरियाणा सरकार की चमचागिरी करके प्रधान रहे बलजीत सिंह दादूवाल जैसे नेता तो सिख कौम को विभाजित करने में ही जुटे हुए हैं।

    उन्होंने लोगों से आगामी संसदीय व विधानसभा चुनाव में कांग्रेस भाजपा व आप को मुंह नहीं लगाने का आह्वान भी किया है।

    बादल ने बाढ़ प्रभावितों की उपेक्षा के लिए सीएम मान को दोषी ठहराया। बादल ने कहा कि सीएम मान प्रत्येक मोर्चो पर विफल रहे हैं उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि आज रखड पुन्नेयाां का एतिहासिक दिन है आज के दिन भी मान अपने बास को खुश करने के लिए सरकारी हैलीकाप्टर का इस्तेमाल करते हुए अरविंद केजरीवाल को मुम्बई घुमाने के लिए गए हुए हैं।

    बाढ़ प्रभावितों के लिए 186 करोड रुपए घोषित किए हैं सरकार ने जबकि मान ने अपनी खोखली वाहावाही के लिए सरकारी विज्ञापनों पर 750 करोड रुपए खर्च कर दिए हैं। मान लोकतंत्र का गला घोंटने में लगे हुए हैं। संवैधानिक हक के तहत धरना-प्रदर्शन करने वाले पटवारियों पर एनएसए की तर्ज पर एस्मा लगा दिया है।

    दमनकारी व तानाशाही नीतियों के तहत एस्मा जैसे काले कानून लागू कर पटवारी व अन्य सरकारी एसोसिएशनों के अधिकारियों को इसकी आड़ में नौकरी से हटाने की साजिश रची गई है।

    हाईकोर्ट ने लगाई फटकार लेकिन फिर भी मान बेशर्मः बादल

    बादल ने कहा कि मान द्वारा पंचायतें भंग करने का नोटिफिकेशन जारी करने पर पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने मान सरकार को जमकर फटकार लगाई है।

    फिर भी मान पंजाब वासियों के खिलाफ दमनकारी नीतियां लागू किए हुए हैं। हाईकोर्ट की फटकार के बाद ही मान ने इस संबंधी जारी नोटिफिकेशन आज वापिस ले लिया है। रैली को एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिहं धामी, यूथ अकाली दल के सरप्रस्त बिक्रम सिंह मजीठिया , विरसा सिंह वल्टोहा, हरमीत सिंह संधू, गुलजार सिंह रणिके ने भी संबोधित किया।